'600 दिहाड़ी में कहां से खरीदे 500-600 रुपए किलो गैस', दिल्ली-सूरत से लौटे मजदूरों ने सुनाई अपनी आपबीती!

Labor migration due to LPG Crisis:LPG गैस संकट के बीच दिल्ली और सूरत से लौटे मजदूरों ने अपनी दर्दभरी कहानी सुनाई. गया जंक्शन पर कामगारों ने बताया कि 500-600 रुपए किलो गैस खरीदना उनके बस में नहीं है, क्योंकि उनकी दिहाड़ी ही इतनी है. जानिए गैस की किल्लत, फैक्ट्रियों में काम घटने और मजदूरों के पलायन की पूरी सच्चाई.

Labor migration due to LPG Crisis
दिल्ली-सूरत से लौटे मजदूरों ने सुनाई गैस किल्लत को लेकर अपनी आपबीती

पंकज कुमार

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ईरान ,इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है. एक तरफ सरकार लगातार दावा कर रही है कि हमारे पास पर्याप्त भंडार है लेकिन दूसरी ओर जमीनी हकीकत कुछ अलग ही है. देश भर के अलग-अलग हिस्सों से कई ऐसी तस्वीरें सामने आ रही है जहां लोग गैस सिलेंडर के लिए सुबह से ही गैस गोदाम के बाहर लंबी लाइन लगाए हुए है. इसी बीच दिल्ली और सूरत में काम करने वाले मजदूर और कामगार भी LPG गैस सिलेंडर के क्राइसिस की वजह से अपने घर गया वापस आ रहे है. 

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बीते दिनों में बिहार के गया जंक्शन पर दिल्ली और सूरत से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई है. इसी बीच हमारी टीम गया जंक्शन पर पहुंची जहां उनकी मुलाकात ऐसे लोगों से हुई जो गया जिले के अलग-अलग प्रखंड के रहने वाले है और LPG गैस सिलेंडर की वजह से अपने घर लौट रहे है. इस दौरान मजदूरों ने साफ कहा है कि गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है और जहां मिल रहा है वो 500-600 रुपए किलो मिल रहा है. इसलिए वो अपने घर लौटने को मजबूर हो गए है. विस्तार से जानिए पूरी बात.

'किल्लत खत्म होगी तब जाएंगे सूरत...'

गया जंक्शन पर लोगों के वापस आने की संख्या काफी बढ़ गई है. इसी कड़ी में सूरज से लौटे निरु कुमार ने हमसे बातचीत में बताया कि वह सूरत के एक फैक्ट्री में मशीन चलाने का काम करते है. लेकिन बीते कुछ दिनों से उन्हें LPG गैस सिलेंडर के कारण बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा है. निरू ने बताया कि एक तो गैस नहीं मिल रहा है और जहां मिल भी रहा तो वे लोग एक किलो गैस का 500-600 रुपए मांग रहे है. इसी वजह से वो घर लौट गए है और अब सूरत तभी जाएंगे जब गैस की किल्लत खत्म हो जाएगी.

'फैक्ट्री में काम हो गया है कम'

सूरत से ही अपने गांव लौटे एक मजदूर ने बताया कि गैस की किल्लत की वजह से हम लोग अपने-अपने घर आ गए है. वे जिस फैक्ट्री में काम कर रहे थे उस फैक्ट्री में भी एक पाली में काम होने लगा था और साथ ही वेतन भी कम हो गया था. उन्होंने बताया कि कम वेतन की वजह से वो लोग 500-600 रुपए किलो गैस नहीं ले सकते है और इसी कारण से उनके खाने तक पर संकट आ गया है. उनका कहना है कि इस कारण से ही वो लोग घर लौट गए है.

'600 दिहाड़ी में कहां से खरीदे 500-600 रुपए गैस'

इनके अलावा दो और मजदूर कारू यादव और अरुण कुमार ने बताया कि, हम लोगों को भी 500-600 रुपए किलो गैस मिल रहा है. लेकिन हमारी दिहाड़ी ही 600 रुपए है तो कहां से गैस खरीद सकेंगे. अगर गैस खरीद लेंगे को बीवी-बच्चे और माता-पिता को कौन देखेगा. इसलिए हम लोग घर लौट गए है ताकि खुशी से रहें भी और जैसे ही यह क्राइसिस खत्म होगा हम लोग वापस काम पर लौट जाएंगे.

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