बिहार के चर्चित यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनीष कश्यप एक बार फिर अपने तीखे तेवरों को लेकर सुर्खियों में हैं. इस बार उनके निशाने पर कोई स्थानीय अधिकारी नहीं, बल्कि देश के केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी हैं. मनीष कश्यप ने पेट्रोल में एथेनॉल (Ethanol) मिलाए जाने की नीति को लेकर केंद्र सरकार और नितिन गडकरी पर जमकर गुस्सा निकाला है. उनका दावा है कि सरकार की इस नीति के कारण देश की लाखों पेट्रोल गाड़ियां और मोटरसाइकिलें बर्बाद हो रही हैं.
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Toyota सर्विस सेंटर से लाइव होकर दिखाई गाड़ी की हालत
मनीष कश्यप ने टोयोटा (Toyota) के एक सर्विस सेंटर के भीतर से वीडियो बनाकर अपनी हाल ही में खरीदी इनोवा हाईक्रॉस (Innova Hycross) की हालत दिखाई. मनीष के मुताबिक, उन्होंने पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से 40 लाख खर्च कर यह हाइब्रिड कार खरीदी थी, जिस पर उन्होंने सरकार को 18 लाख का भारी-भरकम टैक्स भी चुकाया है. इसके बावजूद, मात्र 12,000 किलोमीटर चलने के बाद ही गाड़ी का इंजन जवाब देने लगा और उसमें से अजीब सी आवाजें (इंजन नॉकिंग) आने लगीं.
मैकेनिक ने की पुष्टि, ईंधन में निकला 40% तक एथेनॉल और कचरा
वीडियो में मनीष कश्यप जब सर्विस सेंटर के चीफ मैकेनिक से बात करते हैं, तो वह इस बात की पुष्टि करता है कि गाड़ी के फ्यूल सिस्टम में समस्या पेट्रोल के कारण आई है. मैकेनिक ने ईंधन का सैंपल दिखाते हुए दावा किया कि इसमें करीब 40% तक एथेनॉल घुला हुआ है, जबकि सरकार केवल 20% (E20 कैपेबल) की बात करती है. ईंधन में भारी मात्रा में कचरा भी जमा मिला. मैकेनिक ने यह भी बताया कि केवल मनीष कश्यप ही नहीं, बल्कि हाईराइडर, ग्लैंजा जैसी कई अन्य पेट्रोल गाड़ियों के ग्राहक भी माइलेज घटने (20 से सीधे 10-11 का माइलेज होने) और इंजन खराब होने की समस्या लेकर लगातार सर्विस सेंटर पहुंच रहे हैं.
"अकेले अपने बेटे को फायदा पहुंचाने के लिए देश को बर्बाद किया"
भड़के मनीष कश्यप ने सीधे नितिन गडकरी पर हमला बोलते हुए कहा, "नितिन गडकरी जी, आपने यह क्या ड्रामा लगा रखा है? पूरे देश को आपने बर्बाद कर दिया है. आज हर मोटरसाइकिल और कार वाला रो रहा है. अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी सिर्फ 10% एथेनॉल (E10) का इस्तेमाल होता है, लेकिन हमारे यहां जबरदस्ती E20 थोपा जा रहा है." मनीष ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि गडकरी अकेले अपने बेटे के बिजनेस को प्रॉफिट पहुंचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट जाने की दी चेतावनी
मनीष ने कहा कि आम जनता इतनी महंगी गाड़ियां खरीदने और सरकार को भारी टैक्स देने के बाद भी कीड़े-मकोड़ों की तरह जिंदगी जीने को मजबूर है. सर्विस सेंटर के भीतर वीडियो बनाने से रोके जाने पर भी वह काफी नाराज हुए. उन्होंने चेतावनी दी है कि इस एथेनॉल नीति के खिलाफ और अपनी खराब हुई गाड़ी के मुआवजे के लिए वे हाईकोर्ट और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. उन्होंने सरकार से मांग की कि अगर एथेनॉल मिलाना ही है तो बाजार में सामान्य पेट्रोल का विकल्प भी दिया जाए, भले ही उसकी कीमत 20 रुपए अधिक रख दी जाए.
पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने पर विवाद हुआ तो निखिल और सारंग गडकरी की चर्चा क्यों होने लगी?
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