40 लाख की इनोवा, खराब इंजन और E20 विवाद... Toyota ने दिया जवाब तो भड़क उठे मनीष कश्यप ने दे डाली ये खुली चुनौती

हर्षिता सिंह

• 05:18 PM • 06 Jul 2026

Manish Kashyap News: बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप की 40 लाख रुपये की टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस में आई खराबी अब देशव्यापी बहस बन गई है. Toyota ने खराबी के लिए दूषित ईंधन को जिम्मेदार बताया है, लेकिन मनीष कश्यप ने कंपनी के दावों पर गंभीर सवाल उठाते हुए खुली चुनौती दे दी है. अब E20 पेट्रोल और गाड़ियों की विश्वसनीयता पर नई बहस छिड़ गई है.

मनीष कश्यप बनाम Toyota!
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Manish Kashyap Toyota Innova Hycross Controversy: बिहार के चर्चित यूट्यूबर मनीष कश्यप की महंगी गाड़ी के इंजन में आई खराबी का मामला अब देशव्यापी बहस का रूप ले चुका है. करीब 40 लाख रुपये की नई टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस, जो महज 12,000 किलोमीटर ही चली थी, उसके अचानक ब्रेकडाउन होने पर मनीष कश्यप ने 'E20 पेट्रोल' (20% इथेनॉल मिश्रित ईंधन) को जिम्मेदार ठहराया था. उन्होंने देश की इथेनॉल नीति पर भी गंभीर सवाल उठाए थे. अब इस पूरे प्रकरण में वाहन निर्माता कंपनी टोयोटा (Toyota) का आधिकारिक बयान सामने आया है, जिसे सुनकर मनीष कश्यप का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है.

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कंपनी ने सफाई में क्या कहा?

मामले को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते देख टोयोटा कंपनी ने अपनी तकनीकी जांच रिपोर्ट के हवाले से एक बयान जारी किया. कंपनी का दावा है कि उनकी इनोवा हाईक्रॉस पूरी तरह से E20 ईंधन के अनुरूप ही डिजाइन, टेस्टेड और सर्टिफाइड की गई है. मानक के अनुसार चलने पर इस ईंधन से इंजन को कोई नुकसान नहीं होता.

कंपनी ने मनीष कश्यप की गाड़ी में आई खराबी के लिए E20 पेट्रोल को क्लीन चिट देते हुए कहा कि वाहन की जांच में जो ईंधन मिला, वह प्रमाणित E20 पेट्रोल नहीं था. कंपनी के अनुसार गाड़ी में 'दूषित और मिलावटी' ईंधन पाया गया, जिसके अंदर बाहरी अशुद्धियां मौजूद थीं. कंपनी ने खराबी की वजह फ्यूल की खराब गुणवत्ता को बताया है.

कंपनी का जवाब सुन भड़के मनीष कश्यप, दी चुनौती

टोयोटा की इस सफाई पर पलटवार करते हुए मनीष कश्यप ने एक नया वीडियो जारी कर कंपनी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा, "मैं सरकार से जवाब मांग रहा था, लेकिन जवाब टोयोटा कंपनी दे रही है. अगर आप लोग झूठ को सच साबित करने की कोशिश करेंगे, तो उतना ही उलझते चले जाएंगे."

मनीष कश्यप ने कंपनी के मिलावटी तेल वाले दावे पर तीखे सवाल दागते हुए कहा कि जिस पेट्रोल पंप से उन्होंने ईंधन लिया था, वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. उन्होंने जांच एजेंसियों से उस पेट्रोल पंप की जांच करने की मांग की. उन्होंने पूछा कि अगर देश के पेट्रोल पंपों पर दूषित ईंधन मिल रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है?

माइलेज के दावे को लेकर घेरा

मनीष कश्यप यहीं नहीं रुके, उन्होंने टोयोटा के वरिष्ठ अधिकारी विक्रम गुलाटी के बयानों का हवाला देते हुए माइलेज के दावों पर भी कंपनी को घेरा. कश्यप ने कहा कि कंपनी इनोवा हाईक्रॉस पर 23 का माइलेज क्लेम करती है और कहती है कि E20 ईंधन से केवल 4 से 5 फीसदी माइलेज गिरता है.

उन्होंने कंपनी को चुनौती देते हुए कहा, "मेरे पास टोयोटा की तीन-तीन हाइब्रिड गाड़ियां हैं. आप मेरी गाड़ी एक महीने के लिए ले जाइए और E20 पेट्रोल के साथ कंपनी के दावे से 20% कम का भी माइलेज निकाल कर दिखा दीजिए. देश की जनता की गाड़ियों पर टेस्ट करने के बजाय मेरी गाड़ी पर टेस्ट करके दिखाएं."

इस हाई-प्रोफाइल विवाद ने अब सोशल मीडिया को दो धड़ों में बांट दिया है. जहां कुछ लोग कंपनी की तकनीकी रिपोर्ट का समर्थन कर रहे हैं, वहीं एक बड़ा वर्ग मनीष कश्यप के उपभोक्ता अधिकारों और ईंधन की गुणवत्ता से जुड़े सवालों के साथ खड़ा नजर आ रहा है. फिलहाल, इस पूरे विवाद ने E20 ईंधन नीति और गाड़ियों की रिलायबिलिटी को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है.

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