Love Guru Matuknath Interview: आपको मटुकनाथ याद हैं ? प्रोफेसर मटुकनाथ...जिन्होंने अपनी छात्रा जूली से प्यार कर लिया और लिव-इन में रहने लगे. मटुकनाथ जूली से 30 साल बड़े थे. पटना विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर मटुक नाथ तब लव गुरु के नाम से मशहूर हो गए. दोनों साल 2006 में इस प्रेम कहानी के साथ चर्चा में आए थे. जूली 2007 से 2014 तक मटुकनाथ के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रही और फिर उन्हें छोड़कर चली गई. अब जूली कहां हैं ? लव गुरु मटुकनाथ की जिंदगी कैसी चल रही है ? से सब अब पूर्व प्रोफेसर मटुकनाथ से ही जानते हैं. Bihar Tak ने उनके प्रेम संबंधों के अलावा कई मुद्दों पर बात की. इस खास इंटरव्यू में मटुकनाथ ने अपनी और जूली की चर्चित प्रेम कहानी, अपने अतीत, समाज की सोच और जूली के वर्तमान जीवन पर कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं.
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इंटरव्यू के दौरान जब उनसे समाज द्वारा इसे 'एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर' (Extra Marital Affair) कहे जाने पर सवाल किया गया, तो मटुकनाथ ने स्पष्ट करते हुए कहा- "मेरा दांपत्य जीवन संतोषजनक नहीं था और मैं वास्तव में तलाश में ही था. जूली से मेरा प्रेम पहला प्रेम नहीं था, इससे पहले भी कॉलेज के दिनों से मेरे प्रेम होते रहे और टूटते रहे. जब एक प्रेम समाप्त हो जाता है या नहीं रहता, तभी दूसरे प्रेम की तलाश होती है. मेरे साथ ऐसा द्वंद कभी नहीं था कि मैं एक तरफ पत्नी से भी प्रेम करूं और दूसरी तरफ किसी और लड़की से भी. मैं हमेशा एक ही प्रेम में जीता रहा हूं."
''उम्र के 30 साल के फासले पर बात करते हुए मटुकनाथ ने बताया कि जूली के साथ उनके रिश्ते में केवल शारीरिक आकर्षण नहीं था, बल्कि विचारों और भावनाओं की प्रधानता थी.''
जूली आजकल कहां हैं ?
मटुकनाथ ने बताया कि जूली अब भारत में नहीं हैं, बल्कि वेस्टइंडीज में रह रही हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अब भी जूली के संपर्क में हैं, तो उन्होंने बताया-
"वह वेस्टइंडीज में हैं. 2020 में कोरोना काल के दौरान जब वह बीमार थीं, तब उन्होंने मुझे बुलाया था. मैं वहां गया और करीब चार महीने उनके साथ रहा, उनका इलाज कराया. वह अब भारत लौटने की इच्छुक नहीं थीं और चाहती थीं कि मैं भी वहीं बस जाऊं, लेकिन मैं विदेश में घूम तो सकता हूं, वहां बस नहीं सकता. मुझे अपना गांव ज्यादा प्यारा है."
एक उम्रदराज सन्यासी के साथ रहती हैं जूली- मटुकनाथ
जूली के वर्तमान जीवन के बारे में जानकारी देते हुए मटुकनाथ ने कहा कि वह वेस्टइंडीज में एक उम्रदराज संन्यासी के साथ रह रही हैं. उनके अनुसार, अपने स्वास्थ्य और इलाज के सिलसिले में जूली उस संन्यासी से प्रभावित हुईं और उन्हें ईश्वर तुल्य मानकर उनके पास चली गईं.
"अब हमारे बीच वो प्रेम नहीं रहा" - मटुकनाथ
रिश्ते के मौजूदा मोड़ पर बात करते हुए प्रोफेसर मटुकनाथ ने कहा कि अब उनके और जूली के बीच पहले जैसा प्रेम का रिश्ता नहीं बचा है. उन्होंने कहा-
"अब हमारे बीच प्रेम वाली बात नहीं है, बल्कि एक सद्भाव (Goodwill) की स्थिति है. मैं चाहता हूं कि उनका जीवन खुशहाल रहे और उन्हें कोई दुख न हो, और वह भी यही चाहती हैं. जब मैं 2020 में उनसे मिलने गया था, तब भी प्रेम से आतुर होकर नहीं, बल्कि एक इंसान के तौर पर उनकी मदद करने और बेहतर व्यवस्था देने के भाव से गया था. जो प्रेम था, वह जा चुका है."
किसी बात का पछतावा नहीं
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें इस बात का पछतावा होता है कि उनका रिश्ता इस मोड़ पर खत्म हुआ, तो मटुकनाथ ने कहा कि उन्हें अपने जीवन के किसी भी फैसले पर कभी पछतावा नहीं होता. वे हर काम ध्यानपूर्वक और सोच-समझकर करते हैं. उनके लिए प्रेम या रिश्ते का मतलब देह या किसी एक व्यक्ति के पीछे बंधकर रहना नहीं, बल्कि भाव और अस्तित्व के साथ जीना है.
कौन हैं मटुकनाथ ?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बटुकनाथ चौधरी बिहार के नवगछिया के रहने वाले हैं. फिलहाल इनकी उम्र 72 बताई जा रही है. ये पटना विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर थे और अब रिटायर होकर अपने पैतृक गांव कोरचक्का में रहते हैं. साल 1978 में इनकी शादी आभा चौधरी से हुई थी रिश्ता ज्यादा दिन तक चल नहीं पाया. इनके और आभा चौधरी के बच्चे भी हैं. साल 2004 में पटना के बीएन कॉलेज की छात्रा जूली कुमारी से इनकी मुलाकात हुई थी. 2006 में ये रिश्ता सार्वजनिक हुआ और इसपर जबरदस्त विवाद भी हुआ. विवाद के तूल पकड़ने पर इन्हें यूनिवर्सिटी से निलंबित कर दिया गया. इनके खिलाफ प्रदर्शन भी हुए. हालांकि इन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ी और फिर बहाल हुए. हालांकि एक विवादित वीडियो के चलते फिर कार्रवाई हुई पर आखिरकार साल 2018 में ये रिटायर हो गए.
पत्नी आभा चौधरी ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी
पत्नी आभा चौधरी ने पति मटुकनाथ के खिलाफ लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी. आखिरकार साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने मटुकनाथ को आदेश दिया कि पत्नी को इनकम का एक तिहाई हिस्सा गुजारा भत्ता के रूप में पत्नी को देंगे. पत्नी आभा चौधरी ने BBC हिंदी को दिए एक इंटरव्यू में मटुकनाथ और उनकी प्रेम कहानियों को लेकर कई बातें बताईं.
मटुकनाथ और जूली के बीच बढ़ती नजदीकियों के 6 महीने बाद ही जूली उन्हें उन्हें प्रेम प्रस्ताव दे दिया. तब मटुकनाथ ने जूली से बातें करने के लिए पहला मोबाइल फोन खरीदा. शहर के पार्क में मिलने की कोशिश भी करते थे पर अधेड़ उम्र के शख्स के साथ जवान लड़की को बैठा देख लोग घूरने लगते थे. मटुकनाथ के मुताबिक तब ऐसा लगता था जैसे पटना में प्रेमियों के लिए कोई एकांत है ही नहीं.
मिलने घर आने लगी जूली
इधर जूली मटुकनाथ से मिलने उनके घर आने लगी. घर में पत्नी आभा थीं. बेटा था. दोनों ने आपत्ति जताई. आभा चौधरी ने बताया कि जूली से पहले भी इनके प्रेम संबंध रहे और हर बार इसका विरोध किया. आभा चौधरी ने आगे बताया- विरोध करने पर ये हिंसक हो जाते थे. ऐसे में कोई कब तक सहेगा.
जूली से पहले दो प्रेम और, 2026 में चौथे की चर्चा
मटुकनाथ बता चुके हैं कि जूली से पहले उन्हें दो प्रेम और हुआ था. शादी के बाद उनकी पत्नी से बनी नहीं. तभी उन्होंने तय कर लिया था कि अब वो दूसरी स्त्री से प्रेम करेंगे. एक प्रेम उन्हें साल 1981 में एक छात्रा से हुआ. उसके बाद 1994 में एक महिला से बहुत ज्यादा प्यार था और उससे अलगाव के बाद तो वे 3 सालों तक डिप्रेशन में रहे.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फरवरी 2026 में मटुकनाथ ने फेसबुक पर एक नई प्रेम कहानी का जिक्र किया. उसमें उन्होंने एक महिला का जिक्र किया जिसे वो जानू कहकर संबोधित कर रहे हैं. जहां तक जूली का सवाल है तो अब वो उनकी जिंदगी में नहीं है पर 'मटुकनाथ और जूली की डायरी' नाम से उनकी दो पुस्तक साल 2010 प्रकाशित हो चुकी है.
इनपुट: न्यूजतक डेस्क
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