मोकामा की राजनीति में लंबे समय तक दो नामों की चर्चा रही है. अनंत सिंह और सूरजभान सिंह. कभी दोनों आमने-सामने दिखे तो कभी इस इलाके की सियासत में दूसरे बाहुबली चेहरों की एंट्री ने मुकाबले को दिलचस्प बनाया. लेकिन अब कहानी में एक बड़ा बदलाव नजर आ रहा है. पुराने खिलाड़ी उम्र और स्वास्थ्य की वजह से पीछे हो रहे हैं और उनकी जगह बेटों की सक्रियता बढ़ रही है.
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एक तरफ अनंत सिंह ने पहले ही कह दिया है कि अब वह चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनके बेटे अभिषेक मोकामा से चुनावी मैदान संभालेंगे. दूसरी तरफ सूरजभान सिंह के बेटे अमितोष भी इलाके में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने लगे हैं.
एक घटना और फिर दोनों परिवारों की मौजूदगी
पचमहला थाना क्षेत्र में हुई घटना के बाद मोकामा में दोनों परिवारों की सक्रियता एक साथ दिखाई दी. इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई और पांच लोग घायल हुए.घटना की जानकारी के बाद सूरजभान सिंह के बेटे अमितोष पीड़ित परिवार के घर पहुंचे. उन्होंने परिजनों से मुलाकात की और आर्थिक मदद भी दी.
कुछ ही समय बाद अनंत सिंह के बेटे अभिषेक भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार के लोगों से बातचीत की और हर संभव सहायता का भरोसा दिया.
पिता पीछे, बेटे आगे
मोकामा में यह बदलाव सिर्फ एक घटना तक सीमित नजर नहीं आ रहा. अनंत सिंह की तरफ से अभिषेक को आगे करने की घोषणा पहले ही हो चुकी है. इसके बाद अभिषेक लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं और लोगों से संपर्क कर रहे हैं.
अब अमितोष की सक्रियता ने भी मोकामा की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. सूरजभान सिंह लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर हैं और उनके बेटे का क्षेत्र में पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है.
क्या अगला मुकाबला नई पीढ़ी के बीच होगा?
मोकामा में अगर आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होता है, तो इस बार तस्वीर पिछली बारों से अलग हो सकती है. पहले जहां अनंत सिंह और सूरजभान सिंह जैसे नाम सीधे राजनीतिक मुकाबले की धुरी हुआ करते थे, वहीं अब दोनों परिवारों की अगली पीढ़ी मैदान में दिखाई दे रही है.
अभिषेक ने चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है. अमितोष की क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता के बाद अब चर्चा इस बात की है कि क्या मोकामा में आने वाला राजनीतिक मुकाबला पुराने बाहुबलियों का नहीं, बल्कि उनके बेटों का होगा.
फिलहाल चुनावी मुकाबले को लेकर तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन पचमहला की घटना के बाद जिस तरह दोनों परिवारों के बेटे प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे, उसने मोकामा की सियासत में एक नए अध्याय की चर्चा जरूर शुरू कर दी है.
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