देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर बवाल खड़ा हो गया है. पेपर लीक की आशंकाओं और धांधली की खबरों के बीच जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया, तो इसका सबसे गहरा असर उन छात्रों पर पड़ा है जो सालों से इस दिन के लिए दिन-रात एक कर रहे थे. बिहार की राजधानी पटना के कोचिंग संस्थानों में इस वक्त मायूसी और गुस्से का माहौल है. छात्रों और विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं ने उनके भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है.
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परीक्षा रद्द होने से छात्रों को लगा बड़ा झटका
नीट परीक्षा रद्द होने के फैसले को छात्र एक बड़े सेटबैक के रूप में देख रहे हैं. पटना के एक प्रमुख कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर रंजय जी ने बताया कि यह छात्रों के लिए बहुत बड़ा मानसिक आघात है. छात्र अपनी तैयारी के लिए दिन-रात एक कर देते हैं. उन्होंने बताया कि इस बार उनके संस्थान से करीब 6000 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से कई छात्रों ने 700 से ज्यादा का स्कोर किया था. इतनी कड़ी मेहनत के बाद जब परीक्षा रद्द होती है, तो छात्रों का मनोबल पूरी तरह टूट जाता है.
आर्थिक तंगी और संघर्ष पर फिरा पानी
कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर के मुताबिक, नीट की तैयारी करने वाले ज्यादातर छात्र मध्यम या निम्न आय वर्ग से आते हैं. कई बच्चे छोटे-छोटे कमरों में रहकर, आर्थिक तंगी झेलते हुए और अपने घरों से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं. इन छात्रों के लिए हर दिन का खर्च उठाना एक चुनौती होती है. ऐसे में पेपर लीक और परीक्षा का रद्द होना न केवल उनकी पढ़ाई बल्कि उनके परिवार के सीमित संसाधनों और उम्मीदों की भी बर्बादी है.
ड्रॉप लेने वाले छात्रों की बढ़ी मुश्किलें
परीक्षा में शामिल हुए छात्रों का कहना है कि पेपर लीक की खबरें एक ईमानदार छात्र के लिए सबसे बड़ा दुश्मन हैं. एक छात्र ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि बच्चे इस परीक्षा के लिए दो-दो साल तक कड़ी मेहनत करते हैं और कई तो ड्रॉप लेकर तैयारी करते हैं. उन्हें उम्मीद होती है कि इस साल व्यवस्था में सुधार होगा और निष्पक्ष परीक्षा होगी, लेकिन बार-बार पेपर लीक होना उनकी उम्मीदों को तोड़ देता है. छात्रों का मानना है कि परीक्षा रद्द होने से हर मेहनती छात्र का नुकसान हुआ है.
भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
संस्थान में मौजूद महिला छात्रों ने भी इस फैसले पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि जो छात्र सालों से मेहनत कर रहे थे, उनके लिए यह समय बेहद कठिन है. परीक्षा देने के बाद जब पता चलता है कि पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द हो गई है, तो ऐसा लगता है कि उनकी पूरी मेहनत बेकार चली गई. छात्रों में इस बात को लेकर भी डर है कि अगर भविष्य में भी ऐसा ही होता रहा, तो उनकी सालों की तपस्या का कोई मूल्य नहीं रह जाएगा.
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