दिल्ली के जंतर मंतर से शुरू हुआ नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्र प्रदर्शन अब पटना पहुंच गया है. पटना में बड़ी संख्या में छात्र जुटे और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की.प्रदर्शन के दौरान छात्र जेपी गोलंबर की ओर बढ़े, जहां पुलिस और छात्रों के बीच टकराव हुआ. इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि छात्रों ने कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे. सबसे खास बात यह रही है कि पटना में यह प्रदर्शन हो रहा था लेकिन छात्रों के मुद्दे पर वायरल शिक्षकों ने चुप्पी साध ली है..
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दिल्ली के जंतर मंतर के बाद पटना में भी छात्र बड़ी संख्या में जुटे.छात्रों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की रही.जेपी गोलंबर की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई.ग्राउंड रिपोर्ट में वाटर कैनन, आंसू गैस, पथराव और चप्पल फेंके जाने की बात भी कही गई.सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों से बातचीत की बात भी सामने आई.
कैसे बढ़ा प्रदर्शन
पटना लंबे समय से छात्रों का बड़ा केंद्र रहा है और पूरे राज्य से छात्र यहां पढ़ाई के लिए आते हैं. इसी वजह से छात्र मुद्दों पर पटना जल्दी केंद्र बन जाता है. दिल्ली में शुरू हुआ विरोध जब तेज हुआ, तो उसका असर पटना में भी दिखा और छात्र सड़कों पर उतर आए.
रिपोर्ट के अनुसार, छात्र पहले इकट्ठा हुए और फिर जेपी गोलंबर की तरफ बढ़े. इसके बाद पुलिस से टकराव हुआ. अलग अलग तस्वीरों और जानकारी में यह भी कहा गया कि यह विरोध अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दूसरे शहरों और राज्यों की राजधानियों तक भी पहुंच गया है.
ग्राउंड रिपोर्ट में क्या दिखा
मौके से ग्राउंड रिपोर्ट दे रहे सुजीत गुप्ता ने बताया कि जेपी गोलंबर पर हालात तेजी से बदले. उनके मुताबिक, भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस छोड़ी गई और वाटर कैनन चलाया गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा मौके पर पहुंचे और पुलिस बल भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश करता रहा.
ग्राउंड रिपोर्ट में कुछ जगहों पर पथराव और कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से चप्पल फेंके जाने की बात भी सामने आई. रिपोर्ट के मुताबिक, हालात ऐसे बने कि कुछ समय पर पुलिस को पीछे हटता भी देखा गया, जबकि भीड़ लगातार बढ़ती रही.
छात्रों ने क्या कहा
छात्रों ने कहा कि वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पहुंचे थे. उनका कहना था कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे. छात्रों के मुताबिक, जेपी गोलंबर पहुंचने के बाद पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किया गया और बल प्रयोग हुआ.
कुछ छात्रों ने यह भी दावा किया कि उन्हें चोटें आईं. बातचीत के दौरान छात्र बार बार यही कहते दिखे कि उनके साथ गलत हुआ और उनकी मांगों को सुना जाना चाहिए.
सरकार और पुलिस का पक्ष
मौके पर देखा गया कि सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रही है. दूसरी ओर, पुलिस की कोशिश प्रदर्शनकारियों को रोकने और भीड़ को तितर बितर करने की रही.
एक और सवाल भी उठा
इस पूरे प्रदर्शन के बीच यह सवाल भी उठाया गया कि छात्र मुद्दों पर खुलकर बोलने वाले कुछ शिक्षक इस मामले में चुप क्यों हैं. छात्र पक्ष से यह नाराजगी भी सामने आई कि जब इतने बड़े स्तर पर छात्र सड़कों पर हैं, तब कई चर्चित शिक्षक इस मुद्दे पर सामने नहीं दिख रहे हैं. नीट पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ विरोध अब पटना की सड़कों तक पहुंच चुका है. छात्रों की इस्तीफे की मांग, पुलिस की कार्रवाई और सरकार की बातचीत एक साथ चल रही है. अब नजर इस बात पर है कि इस विरोध के बाद आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.
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