चीन बॉर्डर से सटे सीमावर्ती इलाकों में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने नेपाल में भीषण तबाही मचा दी है. तिब्बत की ओर से आए भारी जल प्रवाह के कारण त्रिशूल नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ गया है, जिसने नेपाल के कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है. खबरों के मुताबिक इस आपदा में अब तक तकरीबन 160 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 750 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं. त्रिशूल नदी में आए इस उफान और बढ़ते जलस्तर की वजह से भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी बाढ़ का बड़ा खतरा पैदा हो गया है.
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गंडक नदी का जायजा लेने पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी
नेपाल में आई आपदा और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ते खतरे को देखते हुए बिहार सरकार पूरी तरह से सतर्क हो गई है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गंडक नदी के जलस्तर और स्थिति का जायजा लेने वाल्मीकि नगर पहुंचे. उन्होंने बताया कि नेपाल में आई यह आपदा बेहद चिंता का विषय है. प्रधानमंत्री और गृह मंत्री लगातार बिहार और उत्तर प्रदेश की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. सम्राट चौधरी ने कहा कि बारिश के कारण कुछ पानी अधिक आया है और आज लगभग 1 लाख क्यूसेक के आसपास पानी डिस्चार्ज हो रहा है, जिससे अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि इंद्र भगवान की कृपा रही, तो स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी रहेगी.
बिहार के 6 जिलों में हाई अलर्ट, प्रशासन मुस्तैद
नेपाल के भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के बैरेजों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नारायणी नदी (जिसे भारत में गंडक नदी कहा जाता है) का जलस्तर काफी बढ़ गया है. इसका सीधा असर बिहार की गंडक और कोसी नदियों के जल प्रवाह पर पड़ा है. स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने बिहार के 6 जिलों- पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही सीतामढ़ी, शिवहर और अन्य संवेदनशील जिलों में भी प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.
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नेपाल में तबाही के बाद बिहार में हाई अलर्ट, गंडक और कोसी नदियों में उफान की आशंका
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