बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निर्विरोध जनता दल यूनाइटेड (JDU) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़कर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होने की तैयारी कर रहे हैं. राज्यसभा सांसद के तौर पर अपना नया सफर शुरू करने से पहले नीतीश ने पार्टी की कमान अपने हाथ में लेकर विरोधियों और सहयोगियों दोनों को चौंका दिया है.
ADVERTISEMENT
आखिर क्यों खुद अध्यक्ष बने नीतीश कुमार?
1. संगठन पर सीधा कंट्रोल: नीतीश कुमार चाहते हैं कि पार्टी के हर छोटे-बड़े फैसले पर उनकी सीधी पकड़ रहे. मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी संगठन में उनकी मर्जी के बिना पत्ता न हिले, इसलिए उन्होंने खुद कमान संभालना बेहतर समझा.
2. गठबंधन की राजनीति में मजबूती: नीतीश अब दिल्ली की राजनीति का हिस्सा होंगे. केंद्र में एनडीए (NDA) के भीतर अपनी बात मजबूती से रखने और 12 सांसदों वाली अपनी पार्टी का दबदबा बनाए रखने के लिए उनका अध्यक्ष बने रहना जरूरी था.
3. गुटबाजी पर फुल स्टॉप: जेडीयू के भीतर अक्सर अलग-अलग गुटों के पनपने की खबरें आती रहती हैं. नीतीश के अध्यक्ष बनने से पार्टी के भीतर चल रही किसी भी संभावित अंदरूनी कलह या गुटबाजी पर पूरी तरह लगाम लग जाएगी.
4. विपक्ष के साथ बेहतर तालमेल: नीतीश कुमार की छवि एक ऐसे नेता की है जिनके संबंध सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्ष से भी बेहतर रहे हैं. केंद्र में रहते हुए अगर विपक्ष के साथ किसी सामंजस्य की जरूरत पड़ी, तो बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश ही सबसे सर्वमान्य चेहरा होंगे.
5. उत्तराधिकार के सवाल को टालना: लंबे समय से चर्चा है कि जेडीयू का अगला वारिस कौन होगा? हालांकि चर्चा है कि उनके बेटे निशांत कुमार बिहार की राजनीति में एक्टिव होंगे और डिप्टी सीएम बन सकते हैं, लेकिन नीतीश ने खुद अध्यक्ष बनकर फिलहाल के लिए 'उत्तराधिकारी' के सवाल पर विराम लगा दिया है.
राजनीति के चाणक्य का 'नया अवतार'
नीतीश कुमार के इस फैसले ने साफ कर दिया है कि वे भले ही बिहार की सत्ता की कुर्सी छोड़ रहे हों, लेकिन राजनीति के मैदान से वे बाहर नहीं हो रहे हैं. दिल्ली में रहकर वे न सिर्फ अपनी पार्टी को लीड करेंगे बल्कि एनडीए गठबंधन में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
ये भी पढ़ें: Bihar Politics: नीतीश कुमार के इस्तीफे की तारीख तय! जानें कब छोड़ेंगे MLC की सदस्यता और CM की कुर्सी
ADVERTISEMENT


