नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह की मुलाकात से बिहार की सियासत गरमाई, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दिए जेडीयू में वापसी के बड़े संकेत!

Nitish Kumar-RCP Singh Meeting: बिहार की राजनीति में नई हलचल तेज हो गई है. पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर जेडीयू में वापसी के संकेत दिए हैं. मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार को अपना गार्जियन बताया और रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया. जानिए इस मुलाकात के राजनीतिक मायने, जेडीयू में वापसी की अटकलें और बिहार की सियासत पर इसका संभावित असर.

Nitish Kumar-RCP Singh Meeting
Nitish Kumar-RCP Singh Meeting

शशि भूषण कुमार

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बिहार की राजनीति में एक बार फिर पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह जबरदस्त चर्चा में आ गए हैं. काफी सालों से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके बीच चल रही दूरियां अचानक खत्म होती नजर आ रही हैं. आरसीपी सिंह ने पटना में नीतीश कुमार के 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की है. दोनों बड़े नेताओं की इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में नए सियासी समीकरणों को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं. गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के बाद से ही आरसीपी सिंह लगातार नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार की तारीफ कर रहे थे, जिसके बाद सुबह-समय लेकर वे पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पहुंचे और दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई.

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मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह का बड़ा बयान, दिए घर वापसी के संकेत

नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए आरसीपी सिंह ने साफ किया कि वे हमेशा से नीतीश कुमार को अपना गार्जियन (अभिभावक) मानते हैं. जब उनसे जेडीयू में फिर से घर वापसी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि राजनीति में घर उसे कहते हैं जो आपका बेस होता है और जिस बेस पर उन्होंने काम किया है, वह नीतीश बाबू के साथ ही रहा है.

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वे तो पहले से ही अपने घर में हैं और लोग इसे मानकर चल सकते हैं कि वे दोनों साथ ही हैं. आरसीपी सिंह ने स्पष्ट किया कि इतने सालों के साथ में जीवन में उतार-चढ़ाव चलते रहते हैं, लेकिन नीतीश बाबू उनके नेता रहे हैं और आगे भी रहेंगे.

नीतीश कुमार के स्वास्थ्य और निशांत के काम की जमकर सराहना

पिछले कुछ समय से नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर उठ रहे सवालों पर भी आरसीपी सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जब वे नीतीश कुमार से मिले, तो वे उन्हें बिल्कुल स्वस्थ और प्रसन्न दिखे. जब उन्होंने नीतीश कुमार को प्रणाम किया तो उनकी तरफ से बहुत अच्छा रिस्पांस मिला, इसलिए वे स्वास्थ्य संबंधी किसी भी अफवाह से पूरी तरह असहमत हैं. 

इसके साथ ही बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की तारीफ करते हुए आरसीपी सिंह ने कहा कि वे बहुत अच्छा काम करेंगे. उन्होंने बताया कि वे निशांत को प्रेम से 'निशि' बुलाते हैं. आरसीपी सिंह के अनुसार, निशांत का कोई अपना व्यक्तिगत या स्वार्थ का हित नहीं है और उनका एकमात्र लक्ष्य बिहार के लोगों को ग्रामीण स्तर तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जिसमें वे निश्चित रूप से सफल होंगे.

25 साल से ज्यादा पुराना रिश्ता

नीतीश कुमार के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए आरसीपी सिंह भावुक नजर आए. उन्होंने कहा कि उनका और नीतीश कुमार का रिश्ता कोई एक दिन का नहीं बल्कि 25 साल से भी ज्यादा पुराना है. उन्होंने केंद्र सरकार के मंत्रालयों और साल 2005 से 2010 के बिहार सरकार के स्वर्णिम काल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने मिलकर साथ काम किया है. 

पुरानी कड़वाहटों को पीछे छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे सिर्फ मीठी यादों को ही संजो कर रखना पसंद करते हैं, क्योंकि दांत खट्टा करने से कोई फायदा नहीं है. जब उनसे मुलाकात के मुद्दों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अपनों से मिलने पर सीधे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात नहीं होती, बल्कि मिलने पर बॉडी लैंग्वेज सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है और उनका बॉडी लैंग्वेज बहुत सकारात्मक था.

अब जेडीयू में वापसी की तैयारी?

राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो आरसीपी सिंह का बिहार की सियासत में हमेशा से एक बड़ा दबदबा रहा है. साल 2016 में जेडीयू ने उन्हें राज्यसभा में पार्टी का नेता बनाया था और जब नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छोड़ा था, तब आरसीपी सिंह को ही पार्टी की कमान सौंपी गई थी. हालांकि, केंद्र सरकार में मंत्री बनने के बाद दोनों के रिश्तों में दरार आ गई थी और वे जेडीयू से अलग हो गए थे.

इसके बाद विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान आरसीपी सिंह ने प्रशांत किशोर का दामन थाम लिया था और अपनी पार्टी 'आशा' का विलय 'जन सुराज' में कर दिया था. लेकिन चुनाव नतीजों के बाद प्रशांत किशोर की पार्टी से उनका मोहभंग हो गया और वे फिर से नीतीश कुमार के करीब आ गए हैं. इस मुलाकात के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आरसीपी सिंह की आधिकारिक तौर पर जेडीयू में वापसी होने जा रही है.    

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