बिहार की राजनीति में एक युग का अंत होने जा रहा है. करीब दो दशकों तक राज्य की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. नीतीश कुमार ने खुद ट्वीट कर जानकारी दी है कि 10 अप्रैल के बाद वह राज्यसभा सांसद बन जाएंगे. इस बड़े बदलाव के साथ ही अब यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर आर्थिक रूप से किस पद पर ज्यादा फायदा है. मुख्यमंत्री के तौर पर या राज्यसभा सांसद के रूप में? आइए जानते हैं सैलरी और सुविधाओं का पूरा गणित.
ADVERTISEMENT
मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार की सैलरी और भत्ते
ताजा आंकड़ों के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री को प्रति माह लगभग 2,15,000 रुपये से 2,50,000 रुपये तक की सैलरी मिलती है. इसकी संरचना कुछ इस प्रकार है:
- मूल वेतन: लगभग 1,00,000 रुपये
- निर्वाचन क्षेत्र भत्ता: 50,000 से 55,000 रुपये
- सत्कार भत्ता: 30,000 से 35,000 रुपये
- दैनिक भत्ता: सरकारी कार्यों के दौरान अतिरिक्त भुगतान
इसके अलावा, नीतीश कुमार को उनके लंबे राजनीतिक करियर (पूर्व सांसद और विधायक) के कारण 2 लाख रुपये से ज्यादा की पेंशन का भी अधिकार है.
CM को मिलने वाली वीआईपी सुविधाएं:
- आवास: पटना का प्रतिष्ठित '1 अणे मार्ग' बंगला
- सुरक्षा: जेड प्लस (Z+) कैटेगरी की सुरक्षा और SSG के जवान.
- यात्रा: बुलेट प्रूफ गाड़ियां, हेलीकॉप्टर और सालाना 4 लाख रुपये तक के मुफ्त यात्रा कूपन.
- मेडिकल: परिवार सहित देश-विदेश में मुफ्त इलाज की सुविधा.
राज्यसभा सांसद के रूप में क्या मिलेगा?
संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन अधिनियम के तहत, वर्तमान में एक राज्यसभा सांसद को मिलने वाली कुल मासिक राशि करीब 2,86,000 रुपये है.
- मूल वेतन: 1,24,000 रुपये
- निर्वाचन क्षेत्र भत्ता: 87,000 रुपये
- कार्यालय व्यय भत्ता: 75,000 रुपये
- दैनिक भत्ता: सत्र के दौरान 2,500 रुपये प्रतिदिन
सांसद को मिलने वाली सुविधाएं
राज्यसभा सांसद के रूप में नीतीश कुमार को कई वीआईपी सुविधाएं मिलेंगी, जिसमें दिल्ली के पॉश लुटियंस जोन में मुफ्त सरकारी बंगला या फ्लैट शामिल है. इसके साथ ही उन्हें सालाना 50,000 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 4,000 किलोलीटर मुफ्त पानी की सुविधा दी जाएगी. यात्रा के मोर्चे पर, वे अपने जीवनसाथी के साथ पूरे भारत में फर्स्ट क्लास एसी रेल में असीमित यात्रा और साल में 24 मुफ्त घरेलू हवाई यात्राएं कर सकेंगे. इतना ही नहीं, कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें न्यूनतम 21,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन और कार्यकाल की अवधि के आधार पर अतिरिक्त वित्तीय लाभ भी मिलेंगे.
कौन सा पद है ज्यादा फायदेमंद?
अगर सिर्फ मासिक सैलरी की बात करें तो राज्यसभा सांसद को मिलने वाली राशि मुख्यमंत्री से थोड़ी ज्यादा बैठती है. हालांकि, मुख्यमंत्री के पद के साथ जुड़ी प्रशासनिक ताकत, जेड प्लस सुरक्षा और राज्य स्तर की सुविधाएं उस पद को कहीं अधिक प्रभावशाली बनाती हैं. नीतीश कुमार के इस फैसले के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा.
ये भी पढ़ें: नीतीश के राज्यसभा जाने के निर्णय पर तेजस्वी यादव बोले- ''BJP ने मुख्यमंत्री को किया हाईजैक, JDU को खत्म करने
ADVERTISEMENT

