शराबबंदी वाले राज्य बिहार के पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित बेढ़ना गांव (सैदपुर टोला) में सावन का महीना खत्म होते ही आयोजित की गई एक नॉनवेज पार्टी मातम और चीख-पुकार में बदल गई. रविवार की छुट्टी के दिन एक साथ बैठकर मछली-रोटी खा रहे और कथित तौर पर शराब की चुस्की ले रहे चार युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. मृतकों की पहचान शशि कुमार, निशु कुमार, विकास राम और पंकज सिंह के रूप में हुई है. चारों युवक एनटीपीसी (NTPC) में काम करते थे और छुट्टी का दिन होने के कारण सावन समाप्त होने की खुशी में एक जगह इकट्ठा हुए थे.
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'एक-एक पैक लिया और वहीं गिर पड़े...'
घटनास्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का कहना है कि चारों युवक मछली-रोटी बनाकर खा रहे थे. तभी शराब की एक नीप (बोतल) खोली गई. आरोप है कि चारों ने केवल एक-एक पैक ही पिया था कि अचानक उन्हें तेज बेचैनी महसूस हुई और देखते ही देखते वे चारों बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े.
उनके मुंह से झाग निकलने लगा. परिजनों और ग्रामीणों ने आनन-फानन में उन्हें बाढ़ अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें पटना रेफर किया गया. लेकिन पटना ले जाने के दौरान ही चारों ने दम तोड़ दिया.
डॉक्टर और प्रशासन का बयान
बाढ़ अनुमंडल अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ. श्रेया शेखर ने बताया:
मरीजों को जब लाया गया तब किसी ने स्पष्ट हिस्ट्री नहीं बताई, लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि चारों ने कोई नशीला पदार्थ या शराब ली थी. चारों मरीज अनकॉन्शियस (बेहोश) थे और उनके मुंह से फेन निकल रहा था. हमने गैस्ट्रिक लवाज (पेट साफ करने) और उल्टी कराने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बेहद गंभीर होने के कारण उन्हें तुरंत हायर सेंटर रेफर कर दिया गया.
वहीं, मौके पर पहुंचीं एसडीएम कृष्णा जोशी ने कहा कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और घटनास्थल से नमूने एकत्र किए जा रहे हैं. पोस्टमार्टम और बिसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह स्पष्ट होगी.
पटना-बरौनी फोरलेन जाम, डिप्टी CM विजय सिन्हा पहुंचे गांव
एक साथ चार मौतों की खबर फैलते ही बेढ़ना गांव में कोहराम मच गया. आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शवों को सड़क पर रखकर पटना-बरौनी फोरलेन को जाम कर दिया और मृतक परिवारों के लिए मुआवजे तथा शराब माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.
घटना की जानकारी मिलते ही बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पीड़ित परिवारों से मिलने गांव पहुंचे. उन्होंने कहा:
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. इस गांव के स्कूल से मेरा भी पुराना जुड़ाव रहा है. परिवार काफी गरीब और हैंड-टू-माउथ हैं. हमने डीएम और एसडीएम से बात कर परिजनों को हरसंभव आर्थिक मदद देने का निर्देश दिया है. इसके अलावा अस्पताल में इलाज और रेफरल प्रक्रिया में लापरवाही की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से भी बात की गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा.
साजिश या मिलावटी शराब? उठे गंभीर सवाल
घटनास्थल से जो शराब की बोतल बरामद हुई है, वह आधी से भी कम खाली थी. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि महज एक-एक पैक पीने के दो घंटे के भीतर ही चार युवकों की जान कैसे चली गई? क्या शराब में कोई अत्यधिक जहरीला रसायन या जहर मिलाया गया था? पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और बिसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
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