पटना में 'फ्रॉड फैक्ट्री' का भंडाफोड़: फ्लैट नंबर 404 से चल रहा था करोड़ों की ठगी का धंधा, ऐसे हुआ खुलासा

पटना के शास्त्री नगर में पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फ्लैट नंबर 404 से ऑनलाइन गेमिंग के जरिए लोगों को लूट रहा था. मास्टरमाइंड अंकित कुमार युवाओं को 15-30 हजार की नौकरी का लालच देकर उनसे देश भर में ठगी करवा रहा था.

बिहार न्यूज
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हर्षिता सिंह

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बिहार की राजधानी पटना के एक साधारण से दिखने वाले अपार्टमेंट के बंद कमरे में साइबर अपराध का काला साम्राज्य फल-फूल रहा था. शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के शिवपुरी स्थित एक बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 404 में चल रहे इस 'धोखे के खेल' का पटना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. बाहर से शांत दिखने वाले इस फ्लैट के अंदर पांच-छह युवक लैपटॉप और मोबाइल के जरिए देश भर के लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे थे.

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15 से 30 हजार की 'सैलरी' पर रखे गए थे लड़के

इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अंकित कुमार बताया जा रहा है, जो बिहार के अलग-अलग जिलों से कम पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी का झांसा देकर पटना लाता था. उन्हें 15 से 30 हजार रुपये की सैलरी, रहने और खाने की सुविधा दी जाती थी. शुरुआत में लड़कों को सब सामान्य लगता था, लेकिन बाद में उन्हें 'ट्रेनिंग' दी जाती थी कि कैसे लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें ऑनलाइन गेमिंग और फेक इन्वेस्टमेंट के जाल में फंसाना है.

ऑनलाइन गेमिंग बना ठगी का सबसे बड़ा हथियार

यह गिरोह मुख्य रूप से ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और सोशल मीडिया (Instagram, Telegram, Facebook) का सहारा लेता था. लोगों को "घर बैठे पैसे कमाओ" जैसे मैसेज भेजे जाते थे. शिकार को फंसाने के लिए पहले उन्हें छोटे-छोटे अमाउंट जिताए जाते थे ताकि उनका भरोसा जीत सकें. जैसे ही कोई व्यक्ति बड़ा निवेश (Investment) करता था, गिरोह के सदस्य नंबर बंद कर आईडी डिलीट कर देते थे.

साउथ इंडिया था मुख्य टारगेट

हैरानी की बात यह है कि पटना में बैठकर यह गैंग दक्षिण भारत (South India) के राज्यों को अपना निशाना बनाता था. इसके पीछे की मुख्य वजह भाषा और भौगोलिक दूरी थी, जिससे ठगों को लगता था कि वे आसानी से पुलिस की पकड़ से दूर रहेंगे. पुलिस ने मौके से 21 मोबाइल फोन, 24 सिम कार्ड, कई लैपटॉप, एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक बरामद किए हैं.

सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

शास्त्री नगर पुलिस अब इस मामले में फॉरेंसिक जांच कर रही है. कॉल रिकॉर्ड्स और डेटा के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अब तक कितने लोग इस ठगी का शिकार हुए हैं. मास्टरमाइंड अंकित फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है. पुलिस ने आम लोगों और विशेषकर अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की मोबाइल गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी लुभावने ऑनलाइन ऑफर के चक्कर में न आएं.

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