बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली, पेपर लीक और परीक्षा में देरी के खिलाफ पटना के गर्दनीबाग में चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन अब और व्यापक रूप लेता जा रहा है. शनिवार को चर्चित शिक्षक और ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद सर (Raushan Anand Sir) अभ्यर्थियों और अनशन पर बैठे छात्र नेताओं का समर्थन करने गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे. मंच से रौशन आनंद सर ने हाथ में फाइलों का पुलिंदा लहराया और बिहार के सभी परीक्षा चयन बोर्डों तथा सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए.
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'हाथ में सभी आयोगों का काला चिट्ठा है, लेकिन आज नहीं खोलूंगा'
रौशन आनंद सर ने अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके पास BPSC, BSSC, BPSSC और CSBC जैसे आयोगों की गड़बड़ियों का पूरा काला चिट्ठा मौजूद है.
आज मैं इस काले चिट्ठे को उजागर नहीं करूंगा, क्योंकि जब तक बिहार के छात्र और छात्र नेता आपस में बंटे रहेंगे, तब तक हमारी लड़ाई मजबूत नहीं होगी. मैं छात्र नेता दिलीप कुमार और अन्य नेताओं के आगे हाथ-पैर जोड़ने को भी तैयार हूं कि वे अपनी आपसी रंजिशें भूलकर एक मंच पर आएं. जिस दिन सारे छात्र और छात्र नेता एकजुट हो जाएंगे, उसी दिन मैं हर आयोग की पोल खोलकर रख दूंगा.
सरकार को रौशन सर ने दी नसीहत
अपने भाषण के दौरान रौशन आनंद सर ने भारतीय संविधान और महापुरुषों के विचारों का उल्लेख करते हुए सरकार को युवाओं से बातचीत करने का सुझाव दिया. महात्मा गांधी के विचारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज बिहार के अभ्यर्थियों का राज्य के चयन आयोगों से विश्वास पूरी तरह उठ चुका है. समाज को अनाज से ज्यादा विश्वास की जरूरत है और आयोगों को अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लानी होगी.
1928 में भगत सिंह द्वारा लिखे गए लेख 'विद्यार्थी और राजनीति' का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि जब देश का शिक्षित युवा सड़क पर आ जाए, तो सरकार को तानाशाही छोड़कर युवाओं के साथ संवाद का रास्ता खोलना चाहिए.
अनशनकारियों के स्वास्थ्य पर जताई चिंता
गर्दनीबाग में 6 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता अमन और 3 दिनों से अनशन कर रही छात्रा जाह्नवी राय के प्रति एकजुटता जाहिर करते हुए रौशन सर ने कहा कि वे बीपीएससी शिक्षक बहाली (TRE), दरोगा, बिहार पुलिस और बिहार एसएससी के हर अभ्यर्थी के साथ खड़े हैं. उन्होंने ऐलान किया कि जब छात्र पूरी तरह एकजुट हो जाएंगे, वे दोबारा गर्दनीबाग की धरती पर कदम रखेंगे.
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