बिहार की राजधानी पटना में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. शहर के पॉश इलाके कदमकुआं थाना में तैनात एक सब इंस्पेक्टर को निगरानी की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. हैरानी की बात यह है कि दारोगा साहब अपनी वर्दी की धमक दिखाकर सरेआम घूस की मांग कर रहे थे और इसी दौरान कानून के शिकंजे में फंस गए.
ADVERTISEMENT
क्या है पूरा मामला
पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में तैनात सब इंस्पेक्टर अर्जुन यादव पर भ्रष्टाचार का यह गंभीर आरोप लगा है. जानकारी के मुताबिक, दारोगा अर्जुन यादव एक गेसिंग सेंटर चलाने की अनुमति देने के बदले में घूस की मांग कर रहे थे. बताया जा रहा है कि यह दारोगा हर हफ्ते एक निश्चित रकम की मांग करता था ताकि बिना किसी रोक-टोक के अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके. निगरानी विभाग को जब इसकी गुप्त सूचना मिली, तो उन्होंने जाल बिछाया और दारोगा को उस वक्त धर दबोचा जब वह रिश्वत के पैसे ले रहा था.
निगरानी विभाग का जाल और गिरफ्तारी
इस पूरे मामले की शुरुआत शमशाद आलम नाम के व्यक्ति की शिकायत से हुई. शमशाद आलम ने निगरानी विभाग को लिखित शिकायत दी थी कि सब इंस्पेक्टर अर्जुन यादव उन पर गेसिंग सेंटर चलाने के लिए दबाव बना रहे हैं और इसके बदले हफ्ता मांग रहे हैं. शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए. इसके बाद निगरानी की एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया. योजना के अनुसार, जैसे ही दारोगा अर्जुन यादव ने शमशाद आलम से 7000 रुपये की रिश्वत ली, टीम ने उन्हें पटना के जस्टिस राज किशोर पथ स्थित गली में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के समय दारोगा अपनी वर्दी में ही तैनात थे.
दारोगा का दबाव और पुरानी हिस्ट्री
निगरानी विभाग के डीएसपी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित शमशाद आलम पहले गेसिंग सेंटर चलाता था, जिस वजह से उसे जेल भी जाना पड़ा था. जेल से बाहर आने के बाद उसने यह काम छोड़ दिया था, लेकिन दारोगा अर्जुन यादव उसे दोबारा यह काम शुरू करने और बदले में फिक्स साप्ताहिक घूस देने के लिए मजबूर कर रहे थे. सत्यापन के दौरान 7000 रुपये की राशि तय हुई थी, जिसे लेते हुए आरोपी सब इंस्पेक्टर पकड़ा गया. निगरानी विभाग ने इस संबंध में कांड संख्या 51/2026 दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
राजधानी पटना के बीचों-बीच एक पुलिस अधिकारी की इस तरह की गिरफ्तारी ने महकमे में हड़कंप मचा दिया है. निगरानी विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह वर्दी में ही क्यों न हो. फिलहाल आरोपी दारोगा से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस रैकेट में थाने के कुछ और लोग भी शामिल थे या यह दारोगा अकेले ही वसूली कर रहा था.
यहां देखें वीडियो
ADVERTISEMENT


