Patna NEET Student Death: राजधानी पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में सोमवार रात जमकर हंगामा हुआ. स्थिति ये हो गयी की पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा. दरअसल, पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के मुन्नाचक इलाके में नीट एग्जाम की तैयारी कर रही एक छात्रा की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी. छात्रा की मौत की खबर मिलते ही गुस्साए परिजनों ने सोमवार रात को कारगिल चौक पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. उनका आरोप था कि छात्रा के साथ रेप किया गया है. इस विरोध प्रदर्शन के कारण मौके पर लंबा जाम लग गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन जब लोग पीछे नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को वहां से खदेड़ दिया.
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क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित मुन्नाचक इलाके के एक हॉस्टल में 6 जनवरी को नीट की एक छात्रा को संदिग्ध हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान 11 जनवरी को छात्रा की मौत हो गई. इसके बाद पटना के पीएमसीएच में छात्रा का पोस्टमार्टम कराया गया. इस दौरान परिजनों ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया. परिजनों का कहना है कि पुलिस हॉस्टल संचालक को बचाने में लगी हुई है. इन आरोपों के बाद देर शाम छात्रा का शव लेकर कारगिल चौक पर प्रदर्शन किया गया और सड़क जाम कर इंसाफ की मांग की गई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया. वहीं एसपी ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि प्रारंभिक जांच में छात्रा के साथ दुष्कर्म का कोई मामला सामने नहीं आया है. उनके अनुसार नींद की गोलियां अधिक मात्रा में लेने से छात्रा की तबीयत बिगड़ी थी. एसपी के इस बयान के बाद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया और जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया.
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पुलिस ने क्या कहा?
मामले में ASP सदर पटना अभिनव कुमार ने कहा, ''दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई. आज मेडिकल बोर्ड का गठन हुआ था और वीडियोग्रफी के तहत बच्ची का पोस्टमार्टम करवाया गया था...अब तक की जांच में यौन उत्पीड़न की पुष्टी नहीं हुई है...जांच के लिए बहुत सारे बिंदु है. पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है...साक्ष्य के साथ जो भी कार्रवाई होती है वो की जाएगी. लोगों से मेरी अपील है कि अफवाहों पर ध्यान ना दें...साक्ष्य के आधार पर ही कुछ कहें. बिना साक्ष्य के कुछ न करें और ना ही कानून व्यवस्था को अपने हाथों में लें...मुझसे किसी भी डॉक्टर ने ये बात नहीं कही है कि यौन उत्पीड़न या पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट की पुष्टि हुई है...(संबंधित हॉस्टल के) संचालक और मैनेजर से पूछताछ की गई है. अभी तक की जांच में हमें कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला है कि जिससे उनकी गिरफ्तारी की जाए या किसी का भी दोषारोपण हो...बिना साक्ष्य के पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती है..."
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