'55 से घटाकर 43 साल की उम्र और PhD का वेटेज भी कम किया...' पटना में सड़क पर उतरे PhD होल्डर्स

असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली की नई नियमावली 2026 के विरोध में पटना के आर-ब्लॉक पर सैकड़ों पीएचडी शोधार्थियों ने लोक भवन मार्च निकाल कर जोरदार प्रदर्शन किया. 19 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे कुमुद पटेल के समर्थन में उतरे शोधार्थियों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई. प्रदर्शनकारियों ने अधिकतम उम्र सीमा 43 से बढ़ाकर 55 वर्ष करने और यूजीसी 2018 के तहत 30 अंक पीएचडी वेटेज बहाल करने की मांग की.

Patna Protest
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बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर अभ्यर्थियों और युवाओं के भयंकर आक्रोश की आग में झुलस रही है. नीट पेपर लीक और शिक्षक बहाली (TRE-4) के मुद्दों पर छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बाद अब राज्यभर के पीएचडी शोधार्थी और रिसर्च स्कॉलर्स सड़कों पर उतर आए हैं. शनिवार को 'ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार' के बैनर तले सैकड़ों शोधार्थियों ने अपनी 6 सूत्री मांगों को लेकर लोक भवन घेराव के लिए मार्च निकाला. हालांकि, पटना के आर-ब्लॉक गोलंबर पर पुलिस ने डबल बैरिकेडिंग, वाटर कैनन और बज्र दंगा नियंत्रण वाहनों की मदद से भारी पुलिस बल तैनात कर उन्हें रोक दिया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भयंकर नोकझोंक देखने को मिली.

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'19 दिनों से आमरण अनशन पर'

प्रदर्शन में शामिल पीएचडी होल्डर एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉक्टर उमेश कुमार ने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा:

हमारे साथी और संगठन के संयोजक कुमुद पटेल बिहार के सोनम वांगचुक की तरह पिछले 19 दिनों से बिना खाए-पिए गर्दनीबाग में आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठे हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है. अब हम लोग पुलिसिया कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं. 

प्रोफेसर बहाली नियमावली में बदलाव का विरोध

प्रदर्शनकारी शोधार्थियों ने राज्य सरकार और विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा लागू नए नियमों में निम्नलिखित गंभीर कमियों और कटौतियों पर सवाल उठाए हैं. पूर्व के नियमों में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष थी, जिसे 2026 के नए नियमों में घटाकर 43 वर्ष कर दिया गया है, जिससे हजारों अनुभवी अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं. यूजीसी रेगुलेशन 2018 के तहत मिलने वाले 30 अंकों के पीएचडी वेटेज को घटाकर नए नियमों में बहुत कम कर दिया गया है.

संविदा भर्ती के बजाय सभी विश्वविद्यालयों में नियमित एवं स्थायी पदों पर बहाली की जाए और राज्य में सख्त डोमिसाइल नीति लागू हो. वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि सहायक प्रोफेसरों की सेवा सुरक्षा एवं समायोजन सुनिश्चित किया जाए.

आर-ब्लॉक पर पुलिस की भारी घेराबंदी

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने आर-ब्लॉक गोलंबर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए. भारी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन पुलिस और वाटर कैनन गाड़ियों को तैनात कर लोक भवन जाने वाले रास्ते को पूरी तरह सील कर दिया गया.

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