बिहार में विभिन्न सरकारी परीक्षाओं और भर्तियों में हो रही धांधली, पेपर लीक और लटकी हुई बहालियों को लेकर छात्रों का रोष चरम पर है. राजधानी पटना के गर्दनीबाग में चल रहे महाआंदोलन के बीच छात्र नेता अमन कुमार बीते चार दिनों से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठे हैं. लगातार चार दिनों से अन्न-जल का त्याग करने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति बिगड़ रही है, फिर भी उनके हौसले बुलंद हैं. उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर राज्य भर के अभ्यर्थियों, युवाओं और उनके परिवारों से इस आंदोलन में एकजुट होकर साथ देने की भावुक अपील की है.
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सरकारी बहाली प्रणाली और धांधली पर उठाए गंभीर सवाल
अमन कुमार ने अपने संदेश में कहा कि छात्र यूं ही सड़कों पर नहीं आए हैं और न ही उन्हें अनशन करने का शौक है. बिहार की लगभग सभी प्रमुख भर्तियों में धांधली, सेटिंग, पेपर लीक, वर्षों तक लंबित बहाली प्रक्रिया और परीक्षा कैलेंडर का सही तरीके से पालन न होना एक बेहद गंभीर समस्या बन चुका है. उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी गांधी के देश में युवाओं को अपनी जायज और बुनियादी मांगों के लिए भूख हड़ताल करनी पड़ रही है, जो कि बहुत पहले पूरी हो जानी चाहिए थीं.
13-14 सूत्रीय प्रमुख मांगों पर अड़े छात्र
छात्र नेता ने आंदोलन की प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए बताया कि वे 13 से 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं. इनमें 17वीं बीपीएससी (BPSC) परीक्षा का मुद्दा, पिछले तीन वर्षों से लंबित बीएसएससी (BSSC) भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा करना, बीएसएससी में संविदा कर्मियों को दिए जाने वाले वेटेज को समाप्त करना, 1799 दरोगा बहाली मेंस परीक्षा को रद्द करना, टीआरई-4 (TRE-4) और बेट (BET) से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे अनशन खत्म नहीं करेंगे, चाहे इसके लिए उन्हें अपने प्राण ही क्यों न न्योछावर करने पड़ें.
छात्रों और युवाओं से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान
अमन कुमार ने बिहार के सभी छात्र-छात्राओं, अभ्यर्थियों और युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, बल्कि यह बिहार के भविष्य की लड़ाई है. उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर, पटना के गांधी मैदान और रांची में हुए सफल छात्र आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब-जब देश का युवा एकजुट हुआ है, तब-तब सरकारों को झुकना पड़ा है. उन्होंने कहा, 'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए'. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गर्दनीबाग पहुंचकर इस व्यवस्था को संदेश दें कि अब युवा जाग चुका है और अपना अधिकार छीनकर रहेगा.
'जिंदा रहते लड़ाई में साथ दें': अमन कुमार का भावुक संदेश
अपने बिगड़ते स्वास्थ्य का जिक्र करते हुए अमन कुमार ने एक बेहद भावुक बात कही. उन्होंने कहा कि आज वे जीवित हैं, इसलिए यह संदेश रिकॉर्ड कर पा रहे हैं. अगर 20 या 30 दिन बाद वे नहीं रहते हैं, तो बाद में आकर समर्थन देने का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा. इसलिए जरूरी है कि छात्र आज और अभी इस संघर्ष में अपना योगदान दें. उन्होंने हाल ही में झारखंड में छात्रों की एकजुटता के कारण 42 भर्तियों के रद्द होने और अन्य बदलावों का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर बिहार का युवा एक साथ खड़ा हो जाए, तो अपनी हक की लड़ाई जरूर जीती जा सकती है.
यहां देखें वीडियो
Bihar Student Protest: आंदोलन के बीच छात्र नेता दिलीप कुमार ने की छात्रों से बड़ी अपील
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