बैग में संविधान की किताब, मां करती है मजदूरी... पटना की सड़कों पर उतरा 6 साल का आदित्य कौन हैं? जानिए उसकी पूरी डिटेल

राजू झा

• 07:02 PM • 26 Aug 2026

Patna Student Protest: बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर चल रहे प्रदर्शन में 6 साल के आदित्य कुमार ने सबका ध्यान खींचा. मजदूर परिवार से आने वाला आदित्य संविधान की किताब लेकर प्रदर्शन में पहुंचा और पुलिस कार्रवाई, पेपर लीक, बेरोजगारी व परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. जानिए कौन है पटना का यह नन्हा प्रदर्शनकारी आदित्य और उसकी पूरी कहानी.

Patna Student Protest Viral Boy Aditya Kumar
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बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन जारी है. 25 अगस्त को पटना के डाक बंगला चौराहे और गर्दनीबाग में छात्रों द्वारा किए गए जोरदार विरोध प्रदर्शन के दौरान एक हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला. छात्रों के इस आंदोलन में महज 6 साल का एक बच्चा आदित्य कुमार भी शामिल हुआ. आदित्य ने न सिर्फ पुलिस प्रशासन और सरकार से सीधे सवाल पूछे, बल्कि सरकार के इस्तीफे तक की मांग कर डाली.

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प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लिया हिरासत में, 5 घंटे थाने में रखा

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 6 साल के आदित्य को हिरासत में ले लिया और उसे करीब 2:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक यानी लगभग 5 घंटे थाने में बैठाकर रखा. आदित्य का आरोप है कि थाने में पुलिस द्वारा उसे डराया-धमकाया गया और दोबारा किसी आंदोलन में न जाने का दबाव बनाया गया. उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके माता-पिता के साथ भी मारपीट की.

छात्रों के चोटिल होने पर रो पड़ा आदित्य, पूछे तीखे सवाल

प्रदर्शन के दौरान जब पुलिस कार्रवाई में कुछ छात्रों के सिर फटे और वे घायल हुए, तो आदित्य बेहद भावुक हो गया और रोने लगा. उसने सीधे तौर पर पुलिस अधिकारियों से सवाल पूछा कि आखिर छात्रों पर इस तरह के बल प्रयोग और माथा फोड़ने का आदेश किसने दिया था. आदित्य ने इसे गंभीर मामला बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मांगा इस्तीफा

कक्षा 1 में पढ़ने वाले आदित्य ने सरकार की परीक्षा प्रणाली और बार-बार हो रहे पेपर लीक के मुद्दों पर नाराजगी जाहिर की. आदित्य ने कहा कि सरकार नौकरी और रोजगार देने का झूठा वादा करती है, लेकिन आज युवाओं को बेरोजगार बना दिया गया है. उसने सीधे शब्दों में कहा कि अगर सरकार परीक्षा और पूरी व्यवस्था में सुधार नहीं कर सकती और उनसे राज्य नहीं संभलता, तो उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है और इस्तीफा दे देना चाहिए.

किराए के मकान में रहता है परिवार, बैग में रखता है संविधान की किताब

आदित्य पटना के मुनाईचक इलाके का रहने वाला है और एक बेहद आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आता है. उसके पिता मजदूरी का काम करते हैं और मां दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा लगाती हैं. आदित्य का परिवार किराए के मकान में रहता है. आदित्य को पढ़ाई-लिखाई का काफी शौक है और वह अपने बैग में संविधान की किताब लेकर घूमता है. 6 साल की छोटी सी उम्र में ही वह संविधान के लगभग 80 पेज पढ़ चुका है और खबरों से पूरी तरह अपडेट रहता है. उसके माता-पिता का कहना है कि आंदोलन में जाने का फैसला पूरी तरह से उसका अपना ही था.

छात्रों की क्या हैं प्रमुख मांगें?

पटना में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और छात्र संगठनों की करीब 15 से 20 मुख्य मांगे हैं. इनमें BPSC TRE 4 और 70वीं BPSC परीक्षा से जुड़ी मांगें शामिल हैं. इसके अलावा परीक्षा को सिंगल फेज में आयोजित कराना, नेगेटिव मार्किंग हटाना, डोमिसाइल नीति लागू करना, 'वन कैंडिडेट वन रिजल्ट' का नियम बनाना, सीटें बढ़ाना और पेपर लीक पर पूर्ण पारदर्शिता लाना शामिल है. साथ ही छात्र सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नियमित एग्जाम कैलेंडर जारी करने और पिछले तीन सालों से रुकी हुई भर्तियों (जैसे बिहार दरोगा, एसएससी) को जल्द पूरा करने की मांग कर रहे हैं.

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