क्या पवन सिंह जाएंगे राज्यसभा? मनोज तिवारी के 'सस्पेंस' भरे बयान ने बढ़ाई बिहार की सियासी तपिश

Pawan Singh Rajya Sabha News: क्या भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह को बीजेपी राज्यसभा भेजेगी? मनोज तिवारी के सस्पेंस भरे बयान के बाद बिहार की राजनीति में अटकलें तेज हो गई हैं. पार्टी नेतृत्व के संभावित फैसले, जातीय समीकरण और 2025 विधानसभा चुनाव में पवन सिंह की सक्रिय भूमिका को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा गर्म है.

Pawan Singh Rajya Sabha News Update
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आशीष अभिनव

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बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर होने वाले चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है. राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह तैर रहा है कि क्या भारतीय जनता पार्टी (BJP) भोजपुरी पावर स्टार पवन सिंह को उच्च सदन यानी राज्यसभा भेजेगी? इस सवाल पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद मनोज तिवारी ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सस्पेंस को और गहरा कर दिया है. मनोज तिवारी ने पवन सिंह के सम्मान और पार्टी के भविष्य के फैसलों को लेकर बड़ी बातें कही हैं.

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मनोज तिवारी का दिलचस्प बयान: 'मुझे भी है इंतजार'

जब मनोज तिवारी से पवन सिंह के राज्यसभा जाने की संभावनाओं पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर पवन सिंह के लिए बहुत सम्मान है. मनोज तिवारी ने अपनी और अन्य साथी कलाकारों की चर्चा करते हुए कहा, 'मैं तीन बार सांसद बन गया, रवि किशन और निरहुआ भी सांसद बने. मेरी दिल से प्रार्थना है कि पवन सिंह और खेसारी लाल यादव भी एक बार संसद में जरूर जाएं." 

उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि पार्टी में बहुत सारी संभावनाएं हैं और उन्हें भी इस बात का इंतजार है कि नेतृत्व क्या फैसला लेता है. मनोज तिवारी का यह बयान संकेत देता है कि पवन सिंह के नाम पर विचार की गुंजाइश खत्म नहीं हुई है, लेकिन अंतिम मुहर शीर्ष नेतृत्व को ही लगानी है.

स्टार प्रचारक के रूप में पवन सिंह का 'दम'

पवन सिंह की दावेदारी इसलिए भी मजबूत मानी जा रही है क्योंकि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के लिए धुआंधार प्रचार किया था. शाहाबाद के इलाकों और अन्य कई जिलों में पवन सिंह ने स्टार प्रचारक के तौर पर अपनी ताकत दिखाई, जिसका फायदा एनडीए (NDA) को सीटों के रूप में मिला. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जहां-जहां पवन सिंह ने प्रचार किया, वहां युवाओं के क्रेज और उनके स्टारडम की वजह से वोट बैंक में बढ़ोतरी देखी गई. यही वजह है कि उन्हें बीजेपी का एक बड़ा एसेट माना जा रहा है.

जातिगत समीकरण बन सकते हैं बाधा?

पवन सिंह के राज्यसभा जाने की राह में सबसे बड़ी चुनौती बिहार का जातिगत समीकरण माना जा रहा है. बीजेपी ने हाल ही में बिहार से आने वाले नितिन नवीन (कायस्थ समाज) को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है. ऐसे में क्या पार्टी सवर्ण कोटे से एक और राजपूत चेहरे (पवन सिंह) को राज्यसभा भेजेगी? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी सामाजिक संतुलन साधने के लिए किसी अन्य वर्ग को तरजीह दे सकती है. हालांकि, पवन सिंह की लोकप्रियता और उनकी मेहनत को देखते हुए उन्हें 'उचित सम्मान' देने की मांग भी समर्थक कर रहे हैं.

2024 की 'डील' और भविष्य की राह

पवन सिंह ने 2024 का लोकसभा चुनाव निर्दलीय लड़ा था, जिससे एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा की हार में उनकी बड़ी भूमिका मानी गई थी. इसके बाद बीजेपी ने उन्हें ससम्मान वापस बुलाया और स्टार प्रचारक की जिम्मेदारी सौंपी. अब सवाल यह है कि क्या उस समय कोई ऐसी डील हुई थी जिसके तहत पवन सिंह को राज्यसभा भेजने का वादा किया गया था? फिलहाल सबकी निगाहें बीजेपी की कैंडिडेट लिस्ट पर टिकी हैं कि क्या पवन सिंह का पावर उन्हें संसद की दहलीज तक पहुंचा पाएगा या उन्हें अभी और इंतजार करना होगा.

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