बिहार विधान परिषद की 8 शिक्षक और स्नातक सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए जन सुराज ने पहली सूची में 5 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं. इन नामों को देखें तो पार्टी के उम्मीदवार चयन में शिक्षा, रोजगार, स्थानीय संपर्क और चुनावी अनुभव जैसे पहलू दिखाई देते हैं.
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प्रशांत किशोर की पार्टी ने शिक्षक सीटों पर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े चेहरों को उतारा है, जबकि स्नातक सीटों पर रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है.
शिक्षक सीटों पर 'शिक्षक पृष्ठभूमि' वाले चेहरे
जन सुराज की पहली सूची में तीन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं और तीनों पर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को उम्मीदवार बनाया गया है. दरभंगा शिक्षक सीट से एसपी राय शिक्षक संगठन से जुड़े रहे हैं. सारण शिक्षक सीट से अफाक अहमद खुद शिक्षक रह चुके हैं और वर्तमान MLC हैं. वहीं पटना शिक्षक सीट से डॉ. दिव्या ज्योति शिक्षाविद् हैं और शिक्षक अधिकार से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं.
यानी पार्टी ने शिक्षक मतदाताओं के सामने ऐसे उम्मीदवार रखने की कोशिश की है जिनकी अपनी पहचान शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी हुई है. यह चयन जन सुराज के उस राजनीतिक संदेश से भी जुड़ता है जिसमें पार्टी शिक्षक समुदाय के मुद्दों को प्रमुखता देने की बात करती रही है.
स्नातक सीटों पर रोजगार का नैरेटिव
दरभंगा और कोसी स्नातक सीटों पर जन सुराज ने रवींद्र कुमार यादव और डॉ. रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाया है. इन दोनों सीटों पर पार्टी के अभियान में रोजगार और शिक्षित बेरोजगारों का मुद्दा प्रमुख है. प्रशांत किशोर ने घोषणा की है कि जिन स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जन सुराज के उम्मीदवार जीतेंगे, वहां 10 हजार शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार देने की दिशा में काम किया जाएगा. ऐसे में पार्टी ने स्नातक सीटों पर उम्मीदवारों की प्रोफाइल को भी शिक्षा और रोजगार के मुद्दों के साथ जोड़ने की कोशिश की है.
नए चेहरे के साथ अनुभव का भी ध्यान
जन सुराज की सूची को देखें तो पार्टी ने सिर्फ नए चेहरों पर भरोसा नहीं किया है. सारण से अफाक अहमद पहले से विधान परिषद सदस्य हैं. वहीं एसपी राय 2020 में दरभंगा स्नातक सीट से चुनाव लड़ चुके हैं. दूसरी तरफ डॉ. दिव्या ज्योति और डॉ. रजनीश रंजन जैसे चेहरे पार्टी के लिए अपेक्षाकृत नए राजनीतिक विकल्प हैं. इससे उम्मीदवारों की सूची में अनुभव और नए चेहरों दोनों को जगह मिलती है.
लोकल कनेक्शन पर भी जोर
विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों का चुनाव सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होता है. यहां उम्मीदवार का संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं और संगठनों के साथ संपर्क महत्वपूर्ण होता है.
एसपी राय का शिक्षक संगठनों के बीच पुराना संपर्क है. अफाक अहमद पहले से सारण शिक्षक सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वहीं रजनीश रंजन कोसी क्षेत्र में टिकट की घोषणा से पहले से जनसंपर्क कर रहे थे. इसलिए उम्मीदवारों की सूची में ऐसे चेहरों को जगह मिली है जिनका संबंधित क्षेत्र से पहले से संपर्क रहा है.
फीडबैक के आधार पर चयन का दावा
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के मुताबिक उम्मीदवार तय करने से पहले स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया गया. संभावित उम्मीदवारों को बुलाकर सवाल-जवाब किए गए और इसके बाद नाम कोर कमेटी के सामने रखे गए. पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि एक उम्मीदवार के नाम पर करीब पांच घंटे तक चर्चा हुई. यानी पार्टी के अपने दावे के मुताबिक उम्मीदवार चयन में स्थानीय फीडबैक और उम्मीदवार की प्रोफाइल दोनों को ध्यान में रखा गया.
पांच नामों में दिख रही है पूरी रणनीति
जन सुराज की पहली सूची को देखें तो तीन बड़े फोकस दिखाई देते हैं. शिक्षक सीटों पर शिक्षा से जुड़े चेहरे, स्नातक सीटों पर रोजगार का मुद्दा और दोनों जगह स्थानीय संपर्क के साथ अनुभव. अफाक अहमद के रूप में पार्टी ने मौजूदा MLC को दोबारा मौका दिया है, जबकि एसपी राय के पास शिक्षक संगठन और चुनावी अनुभव है. दिव्या ज्योति शिक्षक मुद्दों से जुड़ी हैं, जबकि रवींद्र यादव और रजनीश रंजन को रोजगार और युवा मुद्दों से जोड़ा जा रहा है.
अब बाकी तीन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम आने के बाद यह और स्पष्ट होगा कि जन सुराज इसी रणनीति को आगे बढ़ाती है या वहां अलग प्रोफाइल वाले चेहरों को मैदान में उतारती है.
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