बीते दिन से सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो-फोटोज सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे है, जिसमें वह झालमुड़ी खरीदते और खाते हुए नजर आ रहे है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान झारग्राम से सामने आया यह नजारा सुर्खियों में बना हुआ है. लेकिन इन्हीं चर्चाओं के बीच अब झालमुड़ी बनाने वाले विक्रम का कहना है कि उसने एक ऐसी गलती कर दी है, जिसका की उसे जीवन भर मलाल रहने वाला है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.
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'भाई हमें अपनी झालमुड़ी खिलाओ...'
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में चुनाव होने वाले है. इसी कड़ी में वह चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे और झारग्राम के एक झालमुड़ी के दुकान पर पहुंचे. वहां पहुंचते ही पीएम ने कहा कि, भाई हमें अपनी झालमुड़ी खिलाओ...कितने का होता है आपका झालमुड़ी? पीएम को अपने दुकान पर देख मालिक विक्रम शॉ एकदम भौंचक्का रह गया और उन्होंने पीएम को झालमुड़ी बनाकर खिलाई.
लेकिन जब प्रधानमंत्री वहां से चले गए तो विक्रम को अपनी बड़ी भूल का अहसास हुआ कि उसने एक ऐसा मौका गंवा दिया जो शायद ही अब उसके जिंदगी में लौटकर आए. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विक्रम शॉ ने हल्की सी मुस्कान देते हुए कहा है कि, 'अफसोस...प्रधानमंत्री जी से ऑटोग्राफ नहीं ले सकें'. विक्रम को इस बात का जब जिंदगी भर मलाल रहेगा.
पीएम मोदी को देखकर एकदम चौंक गए थे विक्रम
दरअसल जैसे ही पीएम मोदी विक्रम के दुकान पर पहुंचे तो वो एकदम चौंक गए थे. विक्रम ने कभी भी नहीं सोचा था कि खुद प्रधानमंत्री उनकी दुकान पर आकर झालमुड़ी खाएंगे. झालमुड़ी खाने के दौरान पीएम मोदी ने उनका नाम और हाल-चाल भी जाना. इस दौरान जब पीएम मोदी ने उनसे पैसे पूछे तो वह नहीं ले रहे थे, लेकिन पीएम ने जबरदस्ती उन्हें पैसे दिए. इस पूरी प्रक्रिया में विक्रम को ऑटोग्राफ लेने का ध्यान ही नहीं आया और अब उन्हें अपनी भूल का अहसास हो रहा है. विक्रम बार-बार दोहरा रहे है कि उनसे बड़ी गलती हो गई है.
जीवन भर रहेगा मलाल
पीएम मोदी के जाने के बाद वह रातों-रात इंटरनेट स्टार बन गए है. कई लोग उनके साथ मिलने के लिए पहुंच रहे है और विक्रम शॉ सबसे यह बात जरूर कह रहे है कि वो ऑटोग्राफ लेना भूल गए. विक्रम कहते है कि, ये मेरी लिए बहुत बड़ी बात है कि पीएम मोदी मेरी दुकान पर आए. उन्होंने झालमुड़ी खाई, पैसे भी दिए...लेकिन मैं उनका साइन नहीं ले पाया. विक्रम के चेहरे पर इस बात का मलाल साफ दिख रहा है और परिवार के लोग भी मजे लेते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने यह मौका गंवा दिया. विक्रम का कहना है कि यह बात उनकी पीढ़ी तक याद रहेगी की खुद देश के प्रधानमंत्री उनकी दुकान पर झालमुड़ी खाने आए थे.
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