बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने 'कुत्ता-बिल्ली' के बयान वाले मुद्दे को काफी जोर-शोर से उठाया. चुनावी शुरू होने से लेकर खत्म हो जाने के बाद भी वे इस बयान को लेकर लगातार भाजपा पर निशाना साध रहे हैं. अब इस मामले में एक बड़ा मोड़ आया है. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने अपने इस बयान को लेकर सफाई दी है. उन्होंने साफ कहा है कि विपक्ष ने उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया है और इसे गलत तरीके से सोशल मीडिया पर चलाया जा रहा है. विस्तार से जानिए रविशंकर प्रसाद ने सफाई में क्या-कुछ कहा है.
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'विपक्ष द्वारा लगातार भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं'
विवाद को लगातार बढ़ता देख रविशंकर प्रसाद ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने कभी भी यह नहीं कहा कि भाजपा कुत्ता बिल्ली को भी खड़ा कर दे तो जीत जाएगी. यह बात पूरी तरह गलत है. रविशंकर प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक इस मामले का पूरा वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, 'भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मान और समर्पण से चलने वाली पार्टी है. दुर्भाग्य से विपक्ष द्वारा लगातार भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं. आज मैं आपके साथ तथ्य साझा करना चाहता हूं. जीत-हार लोकतंत्र का हिस्सा है, पर झूठ फैलाकर कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ना बहुत गलत है. सोशल मीडिया और कुछ मीडिया मेरे शब्दों को गलत तरीके से चला रहे हैं. आप खुद सुनिए, मैंने क्या कहा था!'
प्रशांत किशोर ने लगातार साधा निशाना!
बांकीपुर उपचुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी रविशंकर प्रसाद के इस बयान का जिक्र किया था. चुनाव जीतने के बाद हमारे संवाददाता से भी बातचीत में प्रशांत किशोर ने इस बात का जिक्र किया और बताया की जनता ने इस वजह से भी बांकीपुर में बीजेपी को नकार दिया है. हालांकि अब रविशंकर प्रसाद की सफाई आ गई है और अब देखना दिलचस्प होगा की आगे इस मामले में क्या-कुछ होता है.
19324 वोटों से जीते प्रशांत
आपको बता दें कि बांकीपुर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान की प्रक्रिया हुई थी. इस चुनाव में कुल 25 उम्मीदवार थे. बीते कल यानी 3 अगस्त को मतगणना शुरू हुई तो प्रशांत किशोर ने पहले ही राउंड से बढ़त बनाई और फिर अंत में उनकी जीत हुई. प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19324 वोटों से चुनाव हरा दिया. वहीं राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता को इतने कम वोट मिले की उनका जमानत तक जब्त हो गया. 2025 के चुनाव में खाता नहीं खुलने वाले जनसुराज के इस कमबैक के बाद बिहार की राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चाएं हो रही है.
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