एक महिला की शिकायत और खुला IAS, इंजीनियरों और रिशु श्री के करोड़ों के भ्रष्टाचार का राज! जानिए पूरी कहानी

Rishu Shree Case: बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले और रिशु श्री मामले की शुरुआत आखिर कैसे हुई? जानिए कैसे एक महिला की शिकायत ने IAS संजीव हंस, पूर्व विधायक गुलाब यादव, रिशु श्री, इंजीनियरों और करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार नेटवर्क की परतें खोल दीं. पढ़ें मनी ट्रेल, ED जांच, टेंडर फिक्सिंग और करोड़ों की संपत्तियों से जुड़े पूरे मामले की विस्तृत कहानी.

Rishu Shree
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ऋचा शर्मा

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बिहार में इन दिनों करोड़ों रुपये के कथित टेंडर घोटाले, भ्रष्टाचार के नेटवर्क और अकूत संपत्तियों की जमकर चर्चा हो रही है. इस पूरे महाघोटाले की शुरुआत किसी रूटीन सरकारी जांच, छापेमारी या ऑडिट रिपोर्ट से नहीं हुई थी. इस बेहद संवेदनशील और बड़े मामले की जड़ में एक महिला की वह शिकायत है, जिसने साल 2023 में पुलिस के पास पहुंचकर प्रशासनिक गलियारों में भूचाल ला दिया था. आज जिस मामले में रिशु श्री, कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, इंजीनियर्स और सरकारी विभाग जांच के दायरे में हैं, उसकी सबसे पहली कड़ी उस महिला की एफआईआर को ही माना जा रहा है.

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शादी का झांसा देकर यौन शोषण के आरोप से बदला केस का रुख

साल 2023 में पटना के रूपसपुर थाने में एक महिला ने एक एफआईआर दर्ज कराई थी. इस शिकायत में महिला ने तत्कालीन आईएएस अधिकारी संजीव हंस और पूर्व विधायक गुलाब यादव पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया था. महिला का यह भी दावा था कि उसका बच्चा आईएएस संजीव हंस का ही है.

शुरुआत में यह मामला एक आपराधिक और व्यक्तिगत विवाद की तरह दिख रहा था, जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भारी सनसनी मचा दी थी. लेकिन जैसे ही जांच एजेंसियों ने इस मामले में आगे कदम बढ़ाया, उन्हें कुछ ऐसे वित्तीय लेनदेन की जानकारी मिली जिसने पूरे केस का रुख ही मोड़ दिया.

90 लाख रुपये के लेनदेन ने कराई ईडी की एंट्री

जांच के दौरान जांच एजेंसियों को पता चला कि महिला को इस पूरे मामले को शांत करने के लिए एक बहुत बड़ी रकम दी गई थी. आरोपों के मुताबिक, एक पूर्व सैन्यकर्मी सुनील सिन्हा के माध्यम से करीब 90 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि उस पीड़ित महिला तक पहुंचाई गई थी.

यहीं से जांच एजेंसियों के मन में पहला बड़ा सवाल उठा कि आखिर इस मामले को दबाने के लिए इतनी बड़ी रकम कहां से आई. जब इस पैसे के सोर्स की गहराई से जांच शुरू हुई, तो पहली बार रिशु श्री का नाम सामने आया. इसके बाद एजेंसियों को शक हुआ कि यह सिर्फ एक व्यक्तिगत विवाद नहीं है, बल्कि इसके पीछे कोई बड़ा आर्थिक नेटवर्क काम कर रहा है, जिसके बाद इस मनी ट्रेल की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हुई.

रिशु श्री और सरकारी विभागों का कथित कनेक्शन

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जब पैसों के लेनदेन, बैंक खातों, कंपनियों और संदिग्ध ट्रांजैक्शंस की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया, तो रिशु श्री का नाम बार-बार सामने आने लगा. इसके बाद ईडी ने रिशु श्री को पूछताछ के लिए बुलाया और उससे कई दौर की कड़ी पूछताछ की गई.

पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को पता चला कि रिशु श्री सिर्फ एक साधारण कारोबारी नहीं है, बल्कि सरकारी विभागों में बड़े स्तर पर काम करने वाला एक ऐसा प्रभावशाली व्यक्ति है, जिसकी पहुंच कई महत्वपूर्ण उच्च अधिकारियों तक थी. यहीं से यह पूरी कहानी एक महिला की शिकायत से बाहर निकलकर सरकारी टेंडरों और करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार के सिंडिकेट तक पहुंच गई.

इन बड़े विभागों के टेंडरों में हुआ खेल

ईडी की जांच में धीरे-धीरे यह परतें खुलीं कि रिशु श्री ने कई मुखौटा या अलग-अलग कंपनियां बना रखी थीं. वह इन कंपनियों के माध्यम से बिहार सरकार की बड़ी परियोजनाओं में काम हासिल करता था. जांच एजेंसियों के अनुसार, बिहार के नगर विकास विभाग, बुडको (BUIDCO), जल संसाधन विभाग और भवन निर्माण विभाग से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स में रिशु श्री की महत्वपूर्ण भूमिका और संलिप्तता रही है. इसके बाद एजेंसियों के हाथ कुछ ऐसे अहम दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन के सबूत और कथित संबंधों की जानकारियां लगीं, जिससे यह शक पूरी तरह गहरा गया कि सरकारी टेंडरों को आवंटित करने में बहुत बड़े स्तर पर खेल किया गया है.

खगड़िया के दवा कारोबारी के बेटे का करोड़ों का साम्राज्य

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, रिशु श्री की संपत्तियों और उसके कारोबार को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए. रिशु श्री की शुरुआत खगड़िया के एक साधारण दवा कारोबारी के बेटे के रूप में हुई थी, जिसने साल 2012 में एनआईटी (NIT) पटना से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. लेकिन इंजीनियरिंग पास करने के महज कुछ ही सालों के भीतर उसके पास करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति, महंगी लग्जरी गाड़ियां, पेट्रोल पंप और कई कंपनियों का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा हो गया.

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2.5 करोड़ की कारें, 61 प्लॉट और 5 कंपनियां...कौन है रिशु श्री जिसने 13 सालों में खड़ा किया साम्राज्य? जानें उसकी पूरी कुंडली

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