तेजस्वी यादव की करीबी मानी जाने वाली ऋतु जायसवाल BJP में होंगी शामिल... लेकिन जॉइनिंग से पहले उन्होंने रख दी ये बड़ी शर्त

Bihar News: बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है. कभी तेजस्वी यादव की करीबी मानी जाने वाली ऋतु जायसवाल अब बीजेपी में शामिल होने जा रही हैं. टिकट कटने के बाद आरजेडी से नाराज चल रहीं ऋतु ने खुद सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की है. अब उनके इस फैसले से बिहार की सियासत गरमा गई है.

RJD छोड़ BJP में शामिल होंगी ऋतु जायसवाल
RJD छोड़ BJP में शामिल होंगी ऋतु जायसवाल

सैय्यद अलमदार हुसैन रिजवी

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Ritu Jaiswal Joining BJP : बिहार की राजनीति में दल-बदल का खेल कोई नया नहीं है, लेकिन जब कोई स्थापित और जमीनी पकड़ रखने वाला चेहरा अपनी पुरानी पार्टी को छोड़कर नए ठिकाने की तलाश करता है तो सियासी गलियारों में भूचाल आना तय माना जाता है. इस समय बिहार से एक ऐसी ही खबर सामने आ रही है जिसने RJD के खेमे में खलबली मचा दी है. आरजेडी की तेजतर्रार और सोशल मीडिया पर अपनी मजबूत पहचान रखने वाली नेता ऋतु जायसवाल ने अब BJP का दामन थामने का फैसला कर लिया है.

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इस बात कि पुष्टि खुद ऋतु जायसवाल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर की. उन्होंने लिखा कि वो आगामी 26 मई 2026 को दोपहर 12:19 बजे से 1:09 बजे के बीच पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय के अटल सभागार में आयोजित जॉइनिंग कार्यक्रम में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करेंगी. इससे पहले उन्होंने एक शर्त रखी है. 

जॉइनिंग से पहले रखी ये 'शर्त'

अपनी जॉइनिंग को लेकर ऋतु जायसवाल ने अपने समर्थकों के सामने एक अनोखी और कड़ी शर्त रख दी है. उन्होंने कहा है कि देश इस वक्त कई संवेदनशील परिस्थितियों और चुनौतियों से गुजर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगातार ऊर्जा और ईंधन की बचत पर जोर दिया जा रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि उनके मिलन समारोह के दौरान कोई भी अनावश्यक भीड़, लंबा काफिला या शक्ति प्रदर्शन नहीं होना चाहिए. ऋतु ने कहा, "मेरे लिए राजनीति सेवा और विचारधारा का माध्यम है, प्रदर्शन का नहीं." उन्होंने कार्यकर्ताओं से सार्वजनिक परिवहन या वाहन शेयरिंग का इस्तेमाल करने की अपील की है.

आखिर RJD से क्यों टूटा ऋतु जायसवाल का नाता?

कभी तेजस्वी यादव की कोर टीम का हिस्सा रहीं ऋतु जायसवाल के RJD छोड़ने की कहानी साल 2020 के विधानसभा चुनाव से शुरू होती है. RJD ने उन्हें परिहार विधानसभा सीट से टिकट दिया था. यहां वो बेहद कम अंतर से चुनाव हार गईं. इसके बाद साल 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन पर दोबारा भरोसा जताया और शिवहर लोकसभा सीट से मैदान में उतारा, लेकिन वहां भी उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा.

असली विवाद साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुआ, जब RJD ने उनका टिकट काट दिया. टिकट कटने से नाराज ऋतु जायसवाल ने बगावती तेवर अपना लिए और निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गईं. इस त्रिकोणीय मुकाबले में ऋतु भले ही खुद नहीं जीत सकीं और दूसरे नंबर पर रहीं, लेकिन उन्होंने आरजेडी के पारंपरिक वोटों में ऐसी सेंधमारी की कि वहां से बीजेपी प्रत्याशी की जीत का रास्ता साफ हो गया. पार्टी विरोधी गतिविधियों और अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ने के कारण RJD ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था.

BJP के लिए क्यों 'मास्टरस्ट्रोक' साबित होंगी ऋतु?

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो ऋतु जायसवाल का बीजेपी में आना पार्टी के सामाजिक और जातीय समीकरण  को बेहद मजबूत करेगा. ऋतु वैश्य समाज से आती हैं, जो बिहार में ओबीसी वर्ग का एक अत्यंत प्रभावशाली और बड़ा हिस्सा माना जाता है. बीजेपी पिछले कुछ समय से इस समाज को मुख्यधारा की राजनीति में बड़ा प्रतिनिधित्व देने की कोशिश कर रही है. ऐसे में ऋतु जायसवाल का प्रखर नेतृत्व और सादगीपूर्ण छवि आने वाले समय में बिहार बीजेपी के लिए बड़ा प्लस पॉइंट साबित हो सकती है.

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