रोहतास: पति बना प्यार में रोड़ा तो पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर उतारा मौत के घाट, फिर रची बड़ी साजिश

Rohtas Murder Case: बिहार के रोहतास में प्रेम प्रसंग के चलते एक पत्नी पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने का आरोप लगा है. पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव की पहचान छिपाने के लिए कपड़े उतारकर नहर में फेंक दिया गया. डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. जानिए रोहतास हत्याकांड की पूरी कहानी.

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बिहार के रोहतास जिले से सनसनीखेज खबर सामने आई है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा रखा है. यहां पहले से शादीशुदा और 3 बच्चों की मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर ऐसा कांड किया है, जिसने जान हर कोई चौंक जा रहा है. पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पहले पति की गड़ासे से हत्या कर दी. फिर मामला दबाने के लिए अपने पति के लाश से सारे कपड़े उतार दिए और नहर में फेंक दिया. हालांकि उन दोनों का यह प्लान पूरी तरह सक्सेस नहीं हुआ और दोनों फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है. आइए विस्तार से जानते है इस मामले की पूरी कहानी.

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क्या है पूरा मामला?

यह मामला रोहतास जिले के काराकाट थाना क्षेत्र के डेरा चंडी गांव से सामने आया है. मिली जानकारी के मुताबिक, यहां के रहने वाले वीरेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ सामान्य जिंदगी जी रहे थे. घर में सब-कुछ बढ़िया चल रहा था. इसी दौरान उनकी दोस्ती गांव के ही रहने वाले अरविंद सिंह से हुई. दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे गहराते गई और अरविंद का वीरेंद्र के घर आना-जाना शुरू हो गया. इसी बीच अरविंद की मुलाकात वीरेंद्र की पत्नी ममता से हुई, जिसके बाद दोनों में कथित तौर नजदीकियां बढ़ने लगी. 

रास्ते में रोड़ा बना वीरेंद्र तो कर दी हत्या!

जैसे-जैसे दिन बीतते गए अरविंद और ममता के बीच प्यार इतना बढ़ गया कि दोनों एक-दूसरे के साथ रहने की ठान ली. इस दौरान ममता को अपने 3 बच्चे भी दिखाई नहीं दिए. इस दौरान वीरेंद्र उनके प्यार में बाधा बनने लगा तो दोनों ने रास्ते में उसे हटाने का प्लान बनाया. मिली जानकारी के मुताबिक 19 जुलाई की रात जब वीरेंद्र सो रहा था, तभी ममता और अरविंद ने मिलकर गड़ासे से उसकी हत्या कर दी.

पहचान छिपाने के लिए रची साजिश

हत्या करने के बाद दोनों ने मामला दबाने के लिए भी प्लान बनाया. वारदात को अंजाम देने के बाद पहले शव के सारे कपड़े निकाल दिए ताकि उसे कोई पहचान ना सकें. फिर नग्न अवस्था में ही शव को नहर में फेंक दिया. इधर वीरेंद्र की गैर-मौजूदगी से परिजन घबरा गए, तो वहीं दूसरी ओर ममता और अरविंद निश्चिंत थे कि मामला कभी नहीं खुलेगा.

कैसे खुला मामला?

भले ही ममता और अरविंद ने परफेक्ट प्लानिंग कर मर्डर को अंजाम दिया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. नहर में फेंका हुआ वीरेंद्र का लाश रोहतास जिले से बहते हुए बक्सर जिले के डुमरांव क्षेत्र के कालमानपुर गांव के पास पहुंच गया. जैसे ही गांव के लोगों ने नहर में लाश देखा तो गांव में हड़कंप मच गया. मामले की जानकारी मिलते ही वासुदेव ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने की प्रक्रिया में जुट गई. फिर वीरेंद्र के परिजनों ने कुछ दिनों के बाद शव की पहचान की और वीरेंद्र के भाई जितेंद्र के बयान पर हत्या का मामला दर्ज किया गया.

ममता और अरविंद का खुल गया भेद!

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर मृतक वीरेंद्र की पत्नी ममता और अरविंद सिंह को हिरासत में लिया. फिर पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि वीरेंद्र अपनी पत्नी ममता और अरविंद के प्यार के बीच रोड़ा बन गया था, इसलिए उसकी हत्या कर दी गई. फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है और हर पहलु से पड़ताल की जा रही है.

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