सम्राट चौधरी की फिसली जुबान: मंच से दे दी गलत जानकारी, कहा- 'सम्राट अशोक की गौतम बुद्ध से हुई थी मुलाकात'

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक कार्यक्रम में ऐतिहासिक रूप से गलत जानकारी देते हुए दावा किया कि सम्राट अशोक की मुलाकात भगवान गौतम बुद्ध से हुई थी. हकीकत में बुद्ध का महापरिनिर्वाण सम्राट अशोक के शासनकाल से लगभग 200-300 साल पहले ही हो चुका था जिससे यह मुलाकात संभव नहीं है.

सम्राट चौधरी
सम्राट चौधरी

आशीष अभिनव

follow google news

बिहार के उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता सम्राट चौधरी अपनी एक ऐतिहासिक भूल को लेकर चर्चा में हैं. पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यात्रा के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में भाषण देते हुए सम्राट चौधरी ने सम्राट अशोक और भगवान गौतम बुद्ध को लेकर ऐसी जानकारी साझा की जो ऐतिहासिक रूप से गलत है.

Read more!

क्या कहा सम्राट चौधरी ने?

मंच से जनता को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने सम्राट अशोक के दो चेहरों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अशोक का एक चेहरा 'चंड अशोक' का था, जिसने अखंड भारत की कल्पना को साकार किया. वहीं, दूसरा चेहरा तब दिखा जब उनकी मुलाकात भगवान गौतम बुद्ध से हुई. चौधरी ने दावा किया कि बुद्ध से मिलने के बाद ही अशोक ने दुनिया में शांति का संदेश दिया.

क्यों गलत है यह दावा?

इतिहास के पन्नों को पलटें तो सम्राट चौधरी का यह बयान तथ्यों की कसौटी पर टिकता नहीं दिखता. भगवान बुद्ध और सम्राट अशोक के कालखंड में सदियों का अंतर है:

  • भगवान बुद्ध: उनका जीवनकाल लगभग 563 ईसा पूर्व से 483 ईसा पूर्व के बीच माना जाता है.
  • सम्राट अशोक: मौर्य वंश के इस महान शासक का शासनकाल लगभग 268 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व के आसपास रहा है.

तथ्यों के अनुसार भगवान बुद्ध सम्राट अशोक के जन्म से लगभग 200-300 साल पहले ही महापरिनिर्वाण प्राप्त कर चुके थे. ऐसे में दोनों की साक्षात मुलाकात होना नामुमकिन है. ऐतिहासिक रूप से यह सर्वमान्य है कि सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के भीषण नरसंहार के बाद बौद्ध धर्म अपनाया था, न कि बुद्ध से व्यक्तिगत रूप से मिलकर.

पीएम मोदी और नीतीश कुमार की तारीफ

हालांकि, अपने भाषण के दौरान सम्राट चौधरी ने देश और बिहार के बदलते परिवेश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि यदि सम्राट अशोक ने भारत को 'सोने की चिड़िया' बनाने की कल्पना की थी, तो नीतीश कुमार ने बिहार की समृद्धि का रास्ता खोला है. उन्होंने पीएम मोदी के 'मेक इन इंडिया' के सपने का जिक्र करते हुए कहा कि अब भारत 'सोने का शेर' बनने की ओर अग्रसर है.

सोशल मीडिया पर अब सम्राट चौधरी के इस बयान का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लोग उनके सामान्य ज्ञान और ऐतिहासिक तथ्यों की समझ पर सवाल उठा रहे हैं.

ये भी पढ़ें: बिहार में 31 मार्च के बाद खत्म होगी शराबबंदी? नीतीश कुमार के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच वरिष्ठ पत्रकार का बड़ा

    follow google news