सीमांचल बनेगा नया केंद्र शासित प्रदेश? अमित शाह के 3 दिवसीय दौरे पर मची खलबली; क्या बिहार-बंगाल का भूगोल बदलने वाला है?

Amit Shah Seemanchal Visit: गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय सीमांचल दौरे से बिहार और पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. क्या सीमांचल को नया केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) बनाने की तैयारी है? RJD और BJP के दावों-प्रत्यारोपों के बीच जानें सीमांचल UT की अटकलों, राष्ट्रीय सुरक्षा एंगल, घुसपैठ मुद्दे और बदलते राजनीतिक समीकरण की पूरी पड़ताल.

Amit Shah Seemanchal Visit
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ऋचा शर्मा

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गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय सीमांचल दौरे ने बिहार और पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा 'सस्पेंस' पैदा कर दिया है. राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या केंद्र सरकार सुरक्षा और घुसपैठ का हवाला देकर बिहार और बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर एक नया केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) बनाने की तैयारी कर रही है? चर्चाएं इस बात की भी है कि इसलिए ही अमित शाह बिहार के दौरे पर आए है और सरकार के पास प्लान तैयार है. आइए विस्तार से जानते है पूरी बात.

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अमित शाह के दौरे का 'सीक्रेट' मिशन?

अमित शाह अपने इस दौरे में सीमा सुरक्षा बलों (BSB), स्थानीय प्रशासन और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठकों की एक लंबी श्रृंखला करने वाले हैं. विपक्ष का दावा है कि यह कोई साधारण दौरा नहीं है, बल्कि सीमांचल का नया नक्शा तैयार करने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक कदम है.

आरजेडी का बड़ा दावा: 'नया UT बनाने की तैयारी'

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने सीधा आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार सीमांचल और बंगाल की सीमा से लगे इलाकों को काटकर एक नया प्रशासनिक ढांचा (UT) तैयार करने पर विचार कर रही है. साहू के मुताबिक, बीजेपी असली मुद्दों (बेरोजगारी, पलायन) से ध्यान भटकाने और ममता बनर्जी के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए यह 'ध्रुवीकरण' का खेल खेल रही है.

बीजेपी का रुख: राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि

वहीं, बीजेपी नेता इन दावों को फिलहाल अफवाह बता रहे हैं, लेकिन 'राष्ट्रीय सुरक्षा' के एंगल को भी हवा दे रहे हैं. बीजेपी विधायक मिथिलेश तिवारी ने कहा कि अमित शाह घुसपैठ और नक्सलवाद को खत्म करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने संकेत दिया कि अगर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हुआ, तो सरकार नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने जैसे कड़े फैसले लेने से भी पीछे नहीं हटेगी.

सुरक्षा एजेंसियों का 'अलर्ट' मोड

शाह के दौरे से पहले सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है. एसएसबी (SSB), इंटेलिजेंस विंग और स्थानीय पुलिस लगातार फीडबैक ले रही है. शाह खुद बॉर्डर पोस्ट की गतिविधियों और विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की समीक्षा करेंगे. बैठकों की गोपनीयता और सुरक्षा के कड़े इंतजामों ने इन अटकलों को और गहरा कर दिया है.

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