सिवान में प्रदर्शन के दौरान फायरिंग करने वाला जवान सस्पेंड, बिहार बंद के दौरान चलाई थी गोली

इन्द्र मोहन

27 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 27 2026 11:12 AM)

सीवान में बिहार बंद के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग का वीडियो वायरल. गोलीबारी में 3 छात्र घायल, आरोपी जवान निलंबित. तेजस्वी यादव ने सरकार पर साधा निशाना.

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सिवान में प्रदर्शन के दौरान फायरिंग करने वाला जवान सस्पेंड
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NEET पेपर लीक मामले के विरोध में आयोजित 'बिहार बंद' के दौरान सीवान जिले से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है. सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और आंदोलनकारियों को नियंत्रित करने के बजाय ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस जवान ने अपनी सरकारी AK-47 असॉल्ट राइफल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इस गोलीबारी में तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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वीडियो वायरल, आरोपी जवान पर गिरी गाज

घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसमें सिपाही सरेआम भीड़ के सामने AK-47 से गोली चलाता दिखाई दे रहा है. सार्वजनिक स्थान पर असॉल्ट राइफल के खुलेआम इस्तेमाल और पुलिस महकमे की भारी फजीहत के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया है. प्राथमिक जांच के आधार पर आरोपी सिपाही को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.

विभागीय जांच शुरू

घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं और आरोपी जवान के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक व विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. सीवान की इस घटना ने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की धज्जियां उड़ा दी हैं.

क्यों उठ रहे सवाल?

कानून-व्यवस्था के स्थापित नियमों के मुताबिक, किसी भी राजनीतिक या छात्र प्रदर्शन में उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए चरणबद्ध तरीके से वॉटर कैनन (पानी की बौछार), आंसू गैस के गोले या लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में सीधे एके-47 जैसे प्राणघातक और आधुनिक हथियार से गोली चलाने की नौबत क्यों और किसके आदेश पर आई, इसे लेकर पुलिस प्रशासन चौतरफा घिर गया है.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का सरकार पर करारा प्रहार

इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है. तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों और भविष्य के लिए सड़कों पर उतरे युवाओं और छात्रों के साथ राज्य सरकार अपराधियों और आतंकवादियों जैसा बर्ताव कर रही है. शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने के लिए बंदूक की नली का सहारा लिया जा रहा है. प्रदर्शन के नाम पर हजारों निर्दोष युवाओं पर फर्जी मुकदमे लादकर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है, जो सरासर तानाशाही है. तेजस्वी यादव और विपक्षी दलों ने आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने के साथ-साथ पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की है. वहीं, घटना के बाद सीवान जिले में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है.