मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के युवाओं, छात्रों और शहरी विकास से जुड़े 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. सरकार ने एक तरफ जहा उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ शहरी विस्तार और विकास योजनाओं को रफ्तार देने के लिए कई बड़े नीतिगत बदलाव किए हैं.
ADVERTISEMENT
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2031 तक बढ़ी
बिहार में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं के लिए राज्य सरकार ने राहत का बड़ा ऐलान किया है. बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले 5 वर्षों (वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31) के लिए बढ़ाने की मंजूरी दे दी गई है. इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 950 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी छात्र की पढ़ाई न रुके.
इस जगह जमीन खरीद-बिक्री और ट्रांसफर पर लगी रोक हटी
राजधानी और आसपास विकसित की जा रही ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन मालिकों और खरीदारों को बड़ी राहत मिली है. विकास योजना के अंतिम प्रकाशन के बाद इन अधिसूचित क्षेत्रों में जमीन के क्रय-विक्रय और हस्तांतरण पर लगी रोक को पूरी तरह हटा दिया गया है. अब भूमि स्वामी अपनी जमीन का हस्तांतरण कर सकेंगे, हालांकि निर्माण और विकास कार्य नगर विकास प्राधिकरण के तय विनियमों के तहत ही नियंत्रित होंगे.
B.Ed कॉलेज बनेंगे बहुविषयक डिग्री कॉलेज
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत राज्य के केवल B.Ed कराने वाले स्टैंड-अलोन निजी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों का दायरा बढ़ाया जाएगा. अब इन्हें मल्टी-डिसीप्लिनरी (बहुविषयक) डिग्री कॉलेजों में बदला जाएगा, जिससे इन संस्थानों में B.Ed के अलावा कला (Arts), विज्ञान (Science) और वाणिज्य (Commerce) जैसे अन्य विषयों की पढ़ाई भी हो सकेगी.
युवाओं की हाई-टेक ट्रेनिंग पर 430 करोड़ खर्च
सात निश्चय-3 के तहत 'कुशल युवा कार्यक्रम' को 2031 तक विस्तार देते हुए 430.08 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. इसके जरिए राज्य के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, डिजिटल मार्केटिंग, कोडिंग, सोलर सिस्टम और विदेशी भाषाओं का अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे हर साल 2.57 लाख से अधिक युवाओं को स्किल-रेडी किया जाएगा, जिससे 6,436 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे.
छत पर सोलर लगाने पर राज्य सरकार देगी 20 हजार तक बोनस
अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब राज्य सरकार भी अपनी ओर से वित्तीय मदद देगी. केंद्र की सब्सिडी के अतिरिक्त, बिहार सरकार प्रति किलोवाट 10,000 रुपये (अधिकतम 20,000 रुपये प्रति उपभोक्ता) की राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में भेजेगी. इसके लिए 1,000 करोड़ रुपये के व्यय की अनुमति दी गई है.
बिजली विभाग में 221 नए पद और प्राइवेट ITI में दाखिले के नए नियम
बिजली विभाग में भर्ती: बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी (BSPTCL) के ग्रिड सब-स्टेशनों के सुचारू संचालन के लिए 221 नए तकनीकी और इंजीनियरिंग पदों के सृजन को स्वीकृति मिली.
ITI संस्थानों में पारदर्शिता लाने का लक्ष्य
राज्य के निजी ITI संस्थानों में पारदर्शिता लाने के लिए 50% सीटों पर एडमिशन अब BCECEB द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा के मेरिट के आधार पर होगा.
ADVERTISEMENT


