Rohini Acharya reaction: तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है. ये फैसला रविवार काे पटना में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया. बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए अब औपचारिक रूप से पार्टी की कमान तेजस्वी को सौंप दी है. ऐसे में अब आरजेडी के तमाम बड़े और नीतिगत फैसले तेजस्वी यादव ही लेंगे. हालांकि, इस ताजपोशी के साथ ही एक बार फिर लालू परिवार के सदस्यों की नाराजगी भी सामने आई है. तेजस्वी यादव के अध्यक्ष चुने जाने के बाद अब उनकी बहन रोहिणी आचार्य का रिएक्शन भी सामने आया है.
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रोहिणी आचार्य का सोशल मीडिया पर तीखा प्रहार
तेजस्वी यादव की ताजपोशी जैसे ही की सार्वजनिक हुई तो लालू यादव की बड़ी बेटी और तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य का रिएक्शन सामने आ गया. रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भड़ास निकालते हुए इसे लालू प्रसाद यादव की गौरवशाली राजनीतिक पारी का अंत करार दिया. उन्होंने किसी का नाम लिए बिना निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी अब उन लोगों के इशारों पर चल रही है जो लालूवाद को कमजोर करना चाहते हैं. रोहिणी की इस प्रतिक्रिया ने सियासी हलकों में चर्चा हो रही है.
शहजादा और कठपुतली जैसे शब्दों का प्रयोग
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है. उन्होंने लिखा कि चापलूसी करने वालों और घुसपैठियों के गिरोह को उनके हाथ की कठपुतली बने शहजादे की ताजपोशी मुबारक हो. राहिणी ने एक्स पर लिखा, ''सियासत के शिखर - पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप , ठकुरसुहाती करने वालों और " गिरोह - ए - घुसपैठ " को उनके हाथों की "कठपुतली बने शहजादा" की ताजपोशी मुबारक ..''. अब उनके इस पोस्ट से पार्टी के अंदर भी कई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.
आपको बता दें कि ये पहला मौका नहीं है जब रोहिणी आचार्य ने आरजेडी की आंतरिक स्थिति पर सवाल उठाए. इससे पहले भी उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए पार्टी की दिशा, नेतृत्व की भूमिका और कथित घुसपैठियों पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक विरासत को सुनियोजित तरीके से कमजोर किया जा रहा है. पार्टी की कमान ऐसे लोगों के हाथों में सौंपी जा रही है जिनका आरजेडी की मूल विचारधारा से सीधा सरोकार नहीं है. इन बयानों ने यह साफ कर दिया कि आरजेडी में सब कुछ सहज नहीं है और परिवार के भीतर ही राजनीतिक असहमति गहराती जा रही है.
लालू परिवार की पुरानी कलह फिर आई सामने
आपको बता दें कि लालू परिवार और पार्टी के अंदर ये दरार कोई नई नहीं है. इससे पहले बीते विधानसभा चुनाव के दौरान भी तेज प्रताप यादव को परिवार और पार्टी से अलग कर दिया था. वहीं, चुनावी नतीजों के बाद जब रोहिणी ने सवाल उठाए तो उन्हें भी राबड़ी आवास छोड़ना पड़ा था. बता दें कि रोहिणी ने ही पिता लालू प्रसाद को किडनी दी थी. इसके बावजूद परिवार के रिश्तों में इतनी कड़वाहट आ गई कि उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपने संबंध तोड़ने तक का ऐलान कर दिया था.
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