समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर देश में गरमाई राजनीति के बीच बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार और उसके घटक दलों पर जोरदार हमला बोला है. गृह मंत्री अमित शाह के 2029 तक यूसीसी लागू करने वाले बयान पर तेजस्वी यादव ने जेडीयू और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को आड़े हाथों लेते हुए उनका स्पष्ट स्टैंड मांगा है.
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'गोल-गोल बात करते हैं चिराग पासवान'
यूसीसी पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बीजेपी शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने की बात पर अब जनता दल यूनाइटेड (JDU) को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए. जब उनसे चिराग पासवान के रुख के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि चिराग और एनडीए के सहयोगी दल केवल गोल-गोल बातें करते हैं. तेजस्वी ने कहा, 'इन्हें बिना किसी बहानेबाजी के साफ तौर पर बताना चाहिए कि वे यूसीसी के समर्थन में हैं या विरोध में.' वहीं जेडीयू नेताओं द्वारा यूसीसी का विरोध करने के बयानों पर तंज कसते हुए तेजस्वी ने कहा कि जेडीयू में अब फैसले नीतीश कुमार नहीं लेते, बल्कि वहां संजय झा फैसले ले रहे हैं, जो पूरी तरह बीजेपी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं.
'रबर स्टैंप और अंगूठा छाप मुख्यमंत्री बन चुके हैं'
बाढ़ राहत का जायजा लेने के लिए केंद्र से आ रही टीम को लेकर भी तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि गुजरात में जब बारिश होती है तो प्रधानमंत्री तुरंत राहत पैकेज का ऐलान कर देते हैं, लेकिन बिहार के लिए केवल केंद्रीय टीम भेजकर फॉर्मेलिटी पूरी की जाती है. आरजेडी नेता ने कहा, 'बिहार में 45 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. क्या केंद्र सरकार को बिहार सरकार पर भरोसा नहीं है जो आकलन के लिए अलग से टीम भेज रही है? हकीकत यह है कि हमारे मुख्यमंत्री अब सिर्फ एक रबर स्टैंप और अंगूठा छाप सीएम बनकर रह गए हैं. जो अमित शाह कहते हैं, उसी पर अंगूठा लगा देते हैं. केंद्र के सामने बिहार का हक मांगने में इनके हाथ-पांव कांपते हैं.'
खाली हाथ रह जाएगा बिहार
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि केंद्रीय टीम का दौरा महज खानापूर्ति है. इससे बिहार के पीड़ित लोगों को कुछ नहीं मिलने वाला. केंद्र सरकार लगातार बिहार की उपेक्षा कर रही है और राज्य की डबल इंजन सरकार बिहार के लोगों को राहत दिलाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है.
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