गंगा नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के करीब 24 घंटे बाद पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को ग्रामीणों के तीखे आक्रोश का सामना करना पड़ा. 13 मासूम बच्चों की दुखद मौत से गुस्साए लोगों ने तेजस्वी यादव का घेराव किया और क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की जर्जर स्थिति पर कई गंभीर सवाल खड़े किए.
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24 घंटे देरी से पहुंचने पर भड़का लोगों का गुस्सा
हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में मातम और रोष का माहौल था. स्थानीय निवासियों का कहना था कि इतनी बड़ी त्रासदी होने के बावजूद उनके जनप्रतिनिधि समय पर नहीं पहुंचे. दुर्घटना के लगभग 24 घंटे बाद जब तेजस्वी यादव संवेदना व्यक्त करने पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया और विरोध जताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी.
'काम नहीं कर सकते तो पद से इस्तीफा दें'
घेराव के दौरान ग्रामीणों ने राघोपुर में पक्की सड़कों, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और नदी पार करने के लिए सुरक्षित आवागमन साधनों की कमी को लेकर अपनी भड़ास निकाली. आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र की सुध नहीं ली जाती है. लोगों ने सीधे शब्दों में कहा: "यदि आप वर्षों से विधायक रहने के बाद भी हमारे क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं नहीं दे सकते, तो आपको इस पद पर रहने का कोई हक नहीं है. आप तुरंत इस्तीफा दीजिए."
वीआईपी क्षेत्र होने के बावजूद विकास में पिछड़ा दियारा
राघोपुर विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सबसे मजबूत गढ़ों में गिना जाता रहा है. इसके बावजूद दियारा क्षेत्र के निवासी आज भी रोजमर्रा की आवाजाही के लिए असुरक्षित नावों पर निर्भर रहने को मजबूर हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि पक्के पुल और सुव्यवस्थित परिवहन सेवा न होने के कारण आए दिन ऐसे बड़े हादसे होते रहते हैं.
सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह निकाला बाहर
मौके पर बढ़ता तनाव देखकर तेजस्वी यादव के सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय पुलिस बल ने तुरंत मोर्चा संभाला. अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और तेजस्वी यादव को सुरक्षित वाहन तक पहुंचाया.
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