'सिस्टम' सुधारने की जिद ने बनाया कोडिंग का बेताज बादशाह! जानें अब क्या कर रहा है बिहार का 'वायरल बॉय' सोनू

न्यूज तक

• 10:59 PM • 07 Feb 2026

Viral Boy Sonu Kumar AI Coding: 2022 में नीतीश कुमार से शिक्षा की गुहार लगाने वाला सोनू कुमार अब बदल चुका है. सोनू अब कोडिंग सीख रहा है और उसने NPM AI जैसा एडवांस इकोसिस्टम डेवलप किया है. जानें उसकी पूरी कामयाबी की कहानी.

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सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले सोनू ने तो गजब कर दिया.
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साल 2022 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने आंखों में आंखें डालकर शिक्षा और शराबबंदी पर सवाल उठाने वाला 'छोटा सोनू' (Sonu Kumar) अब बड़ा हो गया है. सिर्फ उम्र में नहीं, बल्कि अपनी सोच और हुनर में भी. कभी शिक्षा के लिए गुहार लगाने वाला सोनू आज खुद का AI (Artificial Intelligence) इकोसिस्टम डेवलप कर रहा है. 

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कोडिंग की दुनिया में सोनू का धमाका

सोनू कुमार ने बताया कि उन्होंने वर्तमान में nap AI नाम का एक पूरा इकोसिस्टम डेवलप किया है. सोनू यहीं नहीं रुके, उसने 'NPM Debate AI' भी बनाया है, जिसमें दुनिया के बड़े भाषा मॉडल (LLMs) जैसे Llama 3.2 और Mistral आपस में किसी भी विषय पर डिबेट कर सकते हैं. सोनू के अनुसार, आपको बस एक टॉपिक देना है और ये मॉडल्स आपस में तार्किक बहस शुरू कर देते हैं. 

सफर: बिहार से राजस्थान तक सोनू का यह सफर आसान नहीं था. 14 मई 2022 को मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद वह राजस्थान के कोटा स्थित एलन (Allen) में पढ़ने चला गया. सोनू ने बताया कि क्लास 6 में उसे फिजिक्स और केमिस्ट्री जैसे विषयों का ठीक से पता भी नहीं था, लेकिन क्लास 9 तक आते-आते उसने पाइथन (Python) और कोडिंग में महारत हासिल करना शुरू कर दिया. 

आलोचनाओं का दिया करारा जवाब

सोनू ने अपने वीडियो में उस समय को भी याद किया जब लोग उसे 'मार्केटिंग स्टूडेंट' कहकर ट्रोल करते थे. उसने कहा, "लोग क्या कहेंगे, यह सोचना मेरा काम नहीं है. अगर मैं स्किल सीख रहा हूं, तो वह मुझे काम आएगी, उन्हें नहीं." सोनू का मानना है कि हर व्यक्ति को अपने निर्णय लेने का अधिकार है और उसे किसी के दबाव में नहीं आना चाहिए.

मंत्रालयों को भेजता है सुझाव

हैरानी की बात यह है कि सोनू केवल कोडिंग ही नहीं कर रहा, बल्कि देश की नीतियों पर भी नजर रखता है. उसने बताया कि वह शिक्षा मंत्रालय और सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को सिलेबस और सुधारों को लेकर अक्सर ईमेल भेजता रहता है. सोनू की यह कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं. आज सोनू न केवल पढ़ रहा है, बल्कि भविष्य की तकनीक (AI) को आकार भी दे रहा है.  

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