कौन हैं प्रशांत किशोर के करीबी अनिल यादव? जिन पर पटना में सरेआम ताबड़तोड़ बरसाई गईं गोलियां

आशीष अभिनव

24 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 24 2026 4:19 PM)

Jan Suraaj Anil Yadav News: पटना के बुद्धा कॉलोनी इलाके में जन सुराज से जुड़े नेता और वार्ड नंबर 24 के पूर्व पार्षद अनिल यादव पर 23 सितंबर की शाम ताबड़तोड़ फायरिंग हुई. पुलिस के मुताबिक, बाइक सवार तीन हमलावरों ने उनके अपार्टमेंट परिसर में पहुंचकर गोलीबारी की, जिसमें अनिल यादव को 4 से 5 गोलियां लगीं. जानिए कौन हैं अनिल यादव और उनका राजनीतिक सफर क्या रहा है.

Jan Suraaj Leader Anil Yadav News
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बिहार की राजधानी पटना में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं. पटना में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे दिनदहाड़े और शाम के वक्त भी बड़ी वारदातों को अंजाम देने से नहीं कतरा रहे हैं. ताजा मामला पटना का है जहां शाम के करीब 7:30 बजे एक बाइक पर सवार होकर आए तीन बेखौफ अपराधियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया. अपराधी एक शख्स के अपार्टमेंट में दाखिल हुए और ताबड़तोड़ गोलियों की बरसात कर दी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई. वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी आसानी से बाइक पर सवार होकर फरार हो गए. इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो राज्य में सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोलता नजर आ रहा है.

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कौन हैं घायल अनिल यादव?

अपराधियों के इस हमले में गंभीर रूप से घायल होने वाले शख्स की पहचान अनिल यादव के रूप में हुई है. अनिल यादव पटना नगर निगम के वार्ड नंबर 24 के पूर्व पार्षद रह चुके हैं और वर्तमान में वे 'जनसुराज' के सक्रिय नेता हैं. उनकी पत्नी ज्ञानवती देवी वर्तमान में इसी वार्ड से मौजूदा पार्षद हैं, और इस इलाके में अनिल यादव एक पार्षद पति के रूप में भी जाने जाते हैं. जनसुराज पार्टी से जुड़े होने के कारण इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. बदमाशों ने उन्हें करीब 5 गोलियां मारी हैं, जिसके बाद उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जहां वे जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं.

नेताओं का पहुंचना और सरकार पर तीखा हमला

घटना की सूचना मिलते ही राजनीतिक दिग्गजों का अस्पताल और पीड़ित परिवार के पास पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना. इसके साथ ही आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की. इस घटना के बाद विपक्ष ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर जोरदार हमला बोला है. तेजस्वी यादव ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाया कि राजधानी के बीचों-बीच सरेआम गोलियां चल रही हैं और क्या पूरे बिहार की यही स्थिति है. उन्होंने कानून व्यवस्था और सरकार के दावों पर कड़ा तंज कसते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

पुलिस प्रशासन और सुरक्षा के दावों पर सवाल

एक तरफ जहां सूबे की सरकार और मुख्यमंत्री लगातार यह दावा करते हैं कि पुलिस को अपराधियों के खिलाफ खुली छूट दी गई है और कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा, वहीं दूसरी तरफ इस तरह की घटनाएं इन दावों की धज्जियां उड़ाती दिख रही हैं. सवाल यह उठ रहा है कि पुलिस की खुली छूट का वास्तविक अर्थ क्या है? क्या इसका मतलब यह है कि अपराधी पूरी तरह बेखौफ हो जाएं और पुलिस-प्रशासन का खौफ उनमें पूरी तरह खत्म हो जाए? फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान व धर-पकड़ की कोशिश की जा रही है, लेकिन इस सनसनीखेज वारदात ने पटना की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है.

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