बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन? नीतीश कुमार की विदाई के बाद अब नागपुर से तय होगा चेहरा!

बिहार में नीतीश कुमार के बाद भाजपा के नए मुख्यमंत्री का चयन अब RSS मुख्यालय (नागपुर) से होने की चर्चा है, जहां मोहन भागवत के निर्देशों पर प्रेम कुमार और सम्राट चौधरी जैसे दिग्गज नेताओं के नामों पर माथापच्ची चल रही है.

Nitish Kumar Resignation date
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आशीष अभिनव

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बिहार की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है कि नीतीश कुमार के बाद प्रदेश की कमान किसके हाथों में होगी. बिहार तक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला अब दिल्ली या पटना में नहीं, बल्कि नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय में होने की चर्चा तेज है. माना जा रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री संघ की पसंद का होगा और इस दौड़ में भाजपा के कई दिग्गज नेता नागपुर के चक्कर काट रहे हैं.

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संघ प्रमुख मोहन भागवत करेंगे फैसला?

वरिष्ठ पत्रकारों और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के अगले मुख्यमंत्री के चयन की जिम्मेदारी संघ प्रमुख मोहन भागवत को सौंपी है. इसके पीछे मुख्य कारण पिछले एक दशक में बिहार में संघ के संगठन का जबरदस्त विस्तार है. मोहन भागवत का बिहार से गहरा जुड़ाव रहा है और वे जमीनी स्तर के फीडबैक के आधार पर फैसला ले सकते हैं.

नागपुर की दौड़ में शामिल बड़े नाम

रिपोर्ट के मुताबिक, करीब एक दर्जन भाजपा नेता मुख्यमंत्री की रेस में हैं और इनमें से कई ने नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में अपनी हाजिरी भी लगाई है.

  • प्रेम कुमार: बिहार विधानसभा के स्पीकर और नौ बार के विधायक प्रेम कुमार का नाम मजबूती से उभर रहा है. वे लंबे समय से संघ और संगठन से जुड़े रहे हैं.
  • सम्राट चौधरी: हालांकि उनका बैकग्राउंड संघ का नहीं रहा है, लेकिन वर्तमान में वे सीएम फेस की रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं.
  • संजीव चौरसिया: संघ की पृष्ठभूमि वाले नेताओं में संजीव चौरसिया का नाम भी चर्चा में है, जो कई बार से विधायक हैं.

सोशल इंजीनियरिंग पर जोर

बीजेपी बिहार में अपनी सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करना चाहती है ताकि वोट बैंक पर पकड़ बनी रहे. वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत प्रत्युष के अनुसार, अमित शाह किसी भी नेता से सीधे नहीं मिल रहे हैं, बल्कि बैक-चैनल से फीडबैक लिया जा रहा है. आरएसएस प्रचारकों के जरिए जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की जा रही है ताकि ऐसे चेहरे को सामने लाया जाए जो संघ की विचारधारा और पार्टी की चुनावी रणनीति, दोनों में फिट बैठे.

यह पहली बार होगा जब बिहार में पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी का अपना मुख्यमंत्री होगा. अब देखना यह है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच, नागपुर से किसके नाम पर मुहर लगती है.

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