बिहार की राजनीति में एक बार फिर से इतिहास दोहराने की सुगबुगाहट तेज हो गई है. लैंड फॉर जॉब (Land For Job) मामले में लालू परिवार पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है. हाल ही में आरोप तय होने के बाद अब यह चर्चा जोरों पर है कि यदि तेजस्वी यादव को जेल जाना पड़ता है तो राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की कमान किसके हाथ में होगी. इस बीच सबसे बड़ा नाम तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव का उभरकर सामने आ रहा है.
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क्या दोहराया जाएगा 1997 का इतिहास?
वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, साल 1997 में जब चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव को जेल जाना पड़ा था, तब उन्होंने अपनी सूझबूझ से सबको चौंका दिया था. किसी अन्य नेता को सत्ता सौंपने के बजाय उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को बिहार का मुख्यमंत्री बना दिया था. अब ठीक वैसी ही स्थिति तेजस्वी यादव के सामने खड़ी दिख रही है.
राजश्री यादव: राजनीति से दूर, पर चर्चा में सबसे आगे
राजश्री यादव फिलहाल सक्रिय राजनीति से कोसों दूर हैं, लेकिन संकट की इस घड़ी में माना जा रहा है कि तेजस्वी यादव अपने पिता के नक्शे कदम पर चल सकते हैं.
- पृष्ठभूमि: राजश्री यादव (शादी से पहले रेचल) मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली हैं और दिल्ली में पली-बढ़ी हैं.
- पहचान: तेजस्वी और राजश्री की लव मैरिज हुई थी, जिसके बाद उनका नाम रेचल से बदलकर राजश्री यादव रखा गया.
RJD के लिए नेतृत्व का संकट
आरजेडी के गठन के बाद से ही पार्टी का नेतृत्व हमेशा लालू परिवार के पास रहा है. पिछले साल तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार से बाहर किए जाने के बाद अब नेतृत्व का पूरा भार तेजस्वी पर है. अगर तेजस्वी जेल जाते हैं, तो पार्टी में बिखराव को रोकने के लिए राजश्री यादव को 'दूसरी राबड़ी' के रूप में लॉन्च किया जा सकता है.
फिलहाल, सबकी निगाहें लालू परिवार के अगले कदम और कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं. क्या राजश्री यादव राजनीति में एंट्री करेंगी या पार्टी की कमान परिवार से बाहर जाएगी, यह आने वाला वक्त ही बताएगा.
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