8th Pay Commission update: वेतन आयोग में Job के मौके, सैलरी 90 हजार से 1 लाख 80 हजार तक

8th Pay Commission Meeting Schedule: 8वें वेतन आयोग ने बढ़ाई रफ्तार. जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में दिल्ली, पुणे और देहरादून में होगी स्टेकहोल्डर्स के साथ महत्वपूर्ण बैठक. जानें मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया और सैलरी-पेंशन पर लेटेस्ट अपडेट.

NewsTak
प्रतीकात्मक तस्वीर: AI

रूपक प्रियदर्शी

follow google news

8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी है और अब यह सीधे स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत की मेज पर बैठने जा रहा है. आयोग ने नई दिल्ली और पुणे में होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों की तारीखों का ऐलान कर दिया है. साथ ही, अपनी रिसर्च और डेटा एनालिसिस को पुख्ता करने के लिए विशेषज्ञों (Consultants) की भर्ती भी शुरू कर दी है.

Read more!

ये सब डेवपलपमेंट उस खबर में है जिसका इंतजार देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को है. 8वें सबसे बड़ी खबर सीधे उन 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों के लिए आ रही है जो सालों से अपनी किस्मत बदलने का इंतजार कर रहे थे! जी हां, कुर्सी की पेटी बांध लीजिए क्योंकि 8वें वेतन आयोग ने अब अपनी रफ्तार पकड़ ली है और सैलरी से लेकर पेंशन तक, हर फाइल पर अब तेजी से काम शुरू हो गया है. वेतन आयोग का पहिया अब तेजी से घूमने लगा है. क्या आपकी सैलरी बढ़ेगी? क्या पेंशन में बड़ा उछाल आएगा? आज इसी सब को जानिए इस इनसाइड स्टोरी में. 

बैठकों का शेड्यूल जारी, टीम लेगी अब सुझाव

जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला वेतन आयोग अब ऑफिस से निकलकर जमीनी हकीकत टटोलने आ रहा है.  दिल्ली और पुणे में हलचल मचने वाली है. आयोग ने सीधा मैदान में उतरने का फैसला किया है और बैठकों का वो शेड्यूल जारी कर दिया है जिसका बेसब्री से इंतजार था. दिल्ली और पुणे में स्टेकहोल्डर्स के साथ रूबरू होने का पूरा शेड्यूल तैयार हुआ है.  दिल्ली 28, 29 और 30 अप्रैल को वेतन आयोग स्टेकहोल्डर्स से मिलेगा. ऐसी ही बैठक पुणे में 4 और 5 मई को होगी. इसके बाद नंबर में मुंबई और दूसरे शहरों में मीटिंग होगी. उससे भी पहले आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) की टीम 24 अप्रैल को उत्तराखंड देहरादून में होगी. टीम सीधे केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और विभिन्न यूनियनों से मिलकर उनके वेतन, भत्तों और पेंशन संरचना पर सुझाव लेगी. 

ऐसा नहीं है कि वेतन आयोग की टीम जिस शहर में आएगी उसमें कोई भी सीधे पहुंच सकता है. बैठकों में हिस्सा लेना इतना आसान नहीं है. अगर कोई भी यूनियन या एसोसिएशन अपनी बात रखना चाहती है, तो उसे कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. यानी सबसे पहले आयोग की वेबसाइट 8cpc.gov.in पर मेमोरेंडम  जमा करना होगा. मेमोरेंडम जमा होने के बाद मिलने वाली 'यूनिक मेमो आईडी' के साथ 20 अप्रैल तक ईमेल के जरिए अपॉइंटमेंट मांगना होगा. 

छुटि्टयों से लेकर सेवा-शर्तों तक सबकुछ पर होगी चर्चा

ये सब चाय समोसे पर होने वाली कोई मामूली मुलाकात नहीं है. ये मौका है ब कर्मचारी यूनियन और संगठन आमने-सामने बैठकर अपनी मांगें रखेंगे. छुट्टियों से लेकर सेवा-शर्तों तक और एचआरए से लेकर डीए तक, हर उस मुद्दे पर मुहर लगने वाली है जो आपकी जेब पर सीधा असर डालता है.

टीम को मजबूती दे रहा वेतन आयोग

अब दूसरी चीज ये हुई है कि 8वां वेतन आयोग अब अपनी टीम को और मजबूत बना रहा है. आयोग ने 20 पदों पर कंसल्टेंट्स की नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं. नियुक्ति का समय एक साल का होगा. इससे इशारा मिलता है कि वेतन आयोग ने अपना काम पूरा करने के लिए एक साल का समय रखा है. फाइनेंस, HR या इकोनॉमिक्स में महारत रखने वाले एक्सपर्ट्स रखे जाएंगे. तीन तरह की नियुक्तियां होंगी. यंग प्रोफेशनल के लिए 4 साल प्लस एक्सपीरियंस वाले 10 लोग रखे जाएंगे. सैलरी होगी 90 हजार. एज लिमिट 32 साल. 5 कंसल्टेंट्स की सैलरी होगी एक लाख 20 हजार. एक्सपीरियंस चाहिए 6 साल प्लस. एज लिमिट रखी गई है 40 साल. 5 सीनियर कंसल्टेंट की सैलरी 1 लाख 80 हजार होगी.  10 साल प्लस का एक्सपीरियंस और एज लिमिट 45 साल के लोग अप्लाई कर सकते हैं. Master’s या MBA की डिग्री, या LLB की डिग्री होनी चाहिए. 

8वें वेतन आयोग के भीतर इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) और 'पे मैट्रिक्स' के रिवीजन पर हो रही है. चर्चा के सेंटर में केवल सैलरी बढ़ाना नहीं, बल्कि महंगाई के बढ़ते स्तर और 7वें वेतन आयोग के गैप को दूर करना है. आयोग इस विचार पर भी काम कर रहा है कि क्या 10 साल के लंबे इंतजार के बजाय हर साल या दो साल में प्रदर्शन के आधार पर वेतन समीक्षा (Automatic Pay Revision) का कोई स्थायी फॉर्मूला लागू किया जा सकता है. 

DA 50 फीसदी के हो चुका है पार

ऐसी चर्चाएं बिल्कुल चल रही हैं कि सरकार फिटमेंट फैक्टर को 2.57 पर ही स्थिर रख सकती है. चर्चा यह है कि चूंकि पिछले कुछ सालों में महंगाई भत्ते (DA) में लगातार अच्छी बढ़ोतरी हुई है (जो अब 50% पार कर चुका है), इसलिए सरकार मूल वेतन (Basic Pay) के गुणांक को बहुत ज्यादा बढ़ाने के पक्ष में नहीं दिख रही. अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 ही रहता है, तो इसका मतलब होगा कि न्यूनतम बेसिक सैलरी में कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं आएगा, बल्कि केवल डीए को बेसिक में मर्ज करके नई सैलरी स्ट्रक्चर बनाई जाएगी. 

2.57 नहीं 3.68 फिटमेंट फैक्टर की मांग

यूनियनों का साफ कहना है कि 2.57 का फार्मूला अब पुराना हो चुका है. उनका तर्क है कि 7वें वेतन आयोग के समय भी इस लो-फिटमेंट फैक्टर का विरोध हुआ था. अगर 8वें वेतन आयोग में भी यही बरकरार रहता है, तो कर्मचारियों की रियल इनकम में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होगी, क्योंकि बाजार की कीमतें 2.57 के अनुपात से कहीं ज्यादा बढ़ चुकी हैं. सरकारी सूत्रों के मुताबिक फिटमेंट फैक्टर 2.57 की चर्चा है जबकि कर्मचारी संगठन 3.68 तक मांग रहे हैं. फिलहाल ये सब केवल एक प्रस्तावित विकल्प है जिस पर आयोग विचार कर रहा है. अंतिम फैसले में अभी भी समय है.

स्टैंडर्ड फैमिली यूनिट में 3 नहीं अब 5 की मांग

फिटमेंट फैक्टर की टक्कर में एक और मुद्दा है जिस पर सीरियस बातचीत हो रही है. हो सकता है कि 8वें वेतन आयोग में इस बार 'फैमिली यूनिट  की परिभाषा और खर्चों के आंकलन पर नए सिरे से विचार हो. अब तक एक स्टैंडर्ड फैमिली यूनिट में 3 यूनिट को आधार मानकर न्यूनतम वेतन तय किया जाता था. इस फैमिली यूनिट में पति, पत्नी और दो बच्चों को शामिल किया जाता है. कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि सामाजिक बदलावों और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल की बढ़ती लागत को देखते हुए इसे बढ़ाकर 4 या 5 यूनिट किया जाए. आयोग इस बात का डेटा जुटा रहा है कि एक औसत भारतीय परिवार के संतुलित आहार, कपड़ों, आवास और बच्चों की शिक्षा पर होने वाला वास्तविक खर्च कितना बढ़ गया है, ताकि वेतन का निर्धारण जमीनी हकीकत के करीब हो सके. अगर ये हो गया तो फिटमेंट फैक्टर जैसा ही कुछ बड़ा असर होगा सैलरी रिवीजन में.

न्यूनतम वेतन भी बड़ा मुद्दा

दूसरा बड़ा मुद्दा पेंशनर्स और निचले स्तर के कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी को लेकर है. कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि न्यूनतम वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹26,000 या उससे अधिक किया जाए और फिटमेंट फैक्टर को 3.68 के स्तर पर लाया जाए. आयोग फिलहाल विभिन्न राज्यों के रहन-सहन के खर्च और बाजार के आंकड़ों का विश्लेषण करने के लिए 'कंसल्टेंट्स' की मदद ले रहा है, ताकि एक ऐसा संतुलित प्रस्ताव तैयार किया जा सके जो सरकारी खजाने पर भारी न पड़े और कर्मचारियों को भी संतुष्ट कर सके. 

आयोग में नौकरी का मौका

पद   वेकेंसी आयु सीमा अनुभव  सैलरी
सीनियर कंसल्टेंट 05 45 साल 10+साल  ₹1,80,000
कंसल्टेंट 05  40 साल 06+ वर्ष   ₹1,20,000
यंग प्रोफेशनल 10 32 साल 04+ वर्ष ₹90,000

8th Pay Commission Update: वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर का कौन सा फॉर्मूला लीक? डिमांड चार्ट पर महामंथन शुरू

    follow google news