क्या आप भी 8वें वेतन आयोग की खुशखबरी का इंतजार कर रहे हैं? क्या आप भी जानना चाहते हैं कि नई सैलरी और एरियर का गणित क्या होगा? अगर हां, तो सावधान! आपकी यही उत्सुकता कंगाल बना सकती है. बरसों की जमा-पूंजी एक झटके में उड़ सकती है. केंद्र सरकार के 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों-पेंशनर्स के लिए 8वां वेतन आयोग जितनी बड़ी खुशखबरी है, उतनी ही बड़ी तबाही का अलार्म भी.
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वेतन आयोग के बहाने सरकारी कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई पर अब डिजिटल डकैतों की नजर है. सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर एक ऐसा 'जहरीला लिंक' घूम रहा है, जो दावा तो आपकी सैलरी कैलकुलेट करने का करता है, लेकिन पलक झपकते ही बैंक अकाउंट का सफाया कर देता है. गाढ़ी कमाई की जान ले लेता है ये जहरीला लिंक.
सरकार ने PIB फैक्ट चेक के जरिए किया सावधान
एक तरफ जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई का 'वेतन चक्र' घूम रहा है, तो दूसरी तरफ आपके मोबाइल में एक 'डिजिटल मौत' का मैसेज घूम रहा है. सावधान करने के लिए वो राज खोलना पड़ेगा कि सरकार ने PIB Fact Check के जरिए पूरी दुनिया को क्यों सावधान और सतर्क रहने के लिए कहा है. अगर आप सरकारी कर्मचारी हैं और 8वें वेतन आयोग की खुशखबरी का इंतजार कर रहे हैं, तो रुकिए! आपकी इसी उत्सुकता का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने आपके बैंक अकाउंट में 'सेंध' लगा दी है. सरकार ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे. एक छोटा सा 'सैलरी कैलकुलेटर' आपके जीवन भर की कमाई को पलक झपकते ही साफ कर सकता है.
ट्रांजेक्शन का मैसेज भी हो जाएगा डिलीट
वाट्सएप के जरिए एक 'डिजिटल डकैत' घुस आया है. सरकार को पता चला है कि ठगों ने 'सैलरी कैलकुलेटर' के नाम पर एक ऐसा 'जहर' तैयार किया है जो आपके फोन में घुसते ही आपकी आंखों पर पट्टी बांध देता है. Cyber Dost की जांच में पता चला है कि ये ठग व्हाट्सएप पर .APK फाइल भेज रहे हैं. ये ऐप इतना शातिर है कि आपके फोन से पैसे कटने का मैसेज आते ही उसे खुद ही डिलीट कर देता है. यानी बैंक अकाउंट लुट जाएगा और किसी को खबर तक नहीं होगी, न कोई सबूत रहेगा.
हाल ही में PIB Fact Check और गृह मंत्रालय की साइबर विंग Cyber Dost ने एक रोंगटे खड़े कर देने वाली चेतावनी जारी की है. ठगों ने व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर "8th CPC Salary Calculator.apk" नाम का एक 'डिजिटल जहर' फैलाया है. 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के नाम पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को निशाना बनाने के लिए साइबर ठग "सैलरी कैलकुलेटर स्कैम" (Salary Calculator Scam) का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब तक सरकार की जांच में 3 बड़े खुलासे हुए.
फोन का 'मिरर एक्सेस'
जैसे ही आप इस 'फर्जी' कैलकुलेटर ऐप को इंस्टॉल करते हैं, यह आपके फोन का पूरा कंट्रोल हैकर्स को दे देता है. वे आपके कैमरे से आपको देख सकते हैं और आपके माइक से आपकी बातें सुन सकते हैं.
OTP की चोरी
ठग आपके फोन के इनबॉक्स को लाइव पढ़ रहे हैं. आपके बैंक से आने वाले OTP को वे आपसे पहले देख लेते हैं.
सबूत मिटाने वाला 'वायरस'
सबसे चौंकाने वाली बात! सरकार को पता चला है कि ये ऐप बैंक से आने वाले 'पैसे कटने के मैसेज' को खुद-ब-खुद डिलीट कर देते हैं. यानी आपका अकाउंट खाली हो जाएगा और आपको पता भी नहीं चलेगा.
सरकार ने साफ कर दिया है कि वित्त मंत्रालय या वेतन आयोग कभी भी किसी कर्मचारी को व्हाट्सएप पर कोई फाइल या लिंक नहीं भेजता. 8cpc.gov.in और MyGov Portal ही ऑफिशियल चैनल हैं किसी भी और वेबसाइट या ऐप पर अपनी Employee ID या बैंक डिटेल्स साझा करना खुद को कुएं-खाई में गिराने जैसा है. 8वें वेतन आयोग से जुड़ी कोई भी जानकारी केवल 8cpc.gov.in या MyGov Portal पर ही देखें.
सरकारी कर्मचारियों के व्हाट्सएप ग्रुप्स में 3 तरह के मैसेज सबसे ज़्यादा वायरल हो रहे हैं, जो सीधे तौर पर साइबर ठगों का जाल हैं. इनसे तुरंत बचना चाहिए.
8th CPC Salary Calculator.apk लिंक- ये सबसे खतरनाक तरीका है. दावा किया जाता है कि ऐप को इंस्टॉल करते ही आप अपना नया बेसिक पे, HRA और एरियर जान पाएंगे. सच्चाई ये है कि ये एक Spyware (जासूसी सॉफ्टवेयर) है. इंस्टॉल होते ही यह फोन के मैसेज (OTP) और बैंक डिटेल्स को हैकर्स तक पहुंचा देता है.
वित्त मंत्रालय का फर्जी सर्कुलर भी ग्रुप्स में घूम रहा है. ग्रुप्स में एक फर्जी 'ऑफिस मेमोरेंडम' (OM) घूम रहा है, जिसमें लिखा है कि सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन कर दिया है और फिटमेंट फैक्टर 3.68 तय हो गया है. नीचे एक लिंक दिया होता है- अपना नाम लिस्ट में चेक करें. PIB Fact Check ने साफ किया है कि सरकार ने अभी तक ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है. लिंक पर क्लिक करते ही आपका डेटा चोरी हो सकता है.
एरियर क्लेम फॉर्म" वाला मैसेज तीसरा खतरा है जिसमें लिखा होता है कि 2024 से अब तक का बकाया एरियर पाने के लिए इस फॉर्म को तुरंत भरें, वरना आपका पैसा अटक जाएगा. सच्चाई ये है कि सरकार एरियर के लिए कभी भी व्हाट्सएप पर फॉर्म नहीं भरवाती. ये सब आपकी निजी जानकारी (जैसे आधार और पैन नंबर) चुराने का तरीका है.
व्हाट्सएप पर फर्जी मैसेज पहचानने के 5 बड़े संकेत
अगर कोई आपको .apk एक्सटेंशन वाली फाइल भेजकर उसे इंस्टॉल करने को कहे, तो समझ लीजिए वह 100% वायरस है. अगर मैसेज के ऊपर 'Forwarded many times' लिखा है, तो इसका मतलब है कि यह एक वायरल अफवाह या स्कैम है. सरकारी सूचनाएं व्यक्तिगत या विभागीय ईमेल/पोर्टल से आती हैं. कोई भी सरकारी विभाग आपसे आपका OTP या Bank PIN सैलरी अपडेट करने के लिए नहीं मांगता.
ठग 8cpc.gov.in की जगह 8thpaycommission-gov.in या salary-check.xyz जैसे मिलते-जुलते नाम इस्तेमाल करते हैं. सरकारी सूचनाएं वही सही जिसके यूआरएल में हमेशा अंत में .gov.in होता है. सरकार ने Cyber Dost के जरिए साफ किया है कि ठगों की पहचान उनके 'लिंक' में छिपी होती है. अगर लिंक में 8cpc.gov.in नहीं है, तो वह फर्जी है. डराने या लालच देने वाली भाषा: "अभी चेक करें वरना एरियर नहीं मिलेगा" या "आज आखिरी मौका है, ऐसी भाषा केवल ठग इस्तेमाल करते हैं. सरकार ये सब नहीं लिखती-बोलती.
फर्जी मैसेजेज में अक्सर हिंदी या अंग्रेजी की गलतियां होती हैं. अनप्रोफेशनल तरीके से लिखे होते हैं. इससे भी पहचान की जा सकती है.
सोशल मीडिया पर कई ऐसी वेबसाइटें सक्रिय हैं जो 8वें वेतन आयोग के तहत सटीक वेतन अनुमान दिखाने का दावा करती हैं और आपसे Employee ID, बैंक जानकारी और मोबाइल नंबर मांगती हैं. 8वें वेतन आयोग का असली कैलकुलेशन केवल ऑफिशियल पोर्टलों पर ही होगी. अगर किसी भी तरह की ठगी का शिकार होते हैं या कुछ संदिग्ध लगता है तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें. सतर्क रहें, क्योंकि आपकी एक छोटी सी क्लिक जिंदगी भर की पूरी कमाई को जीरो कर सकता है.
सरकारी गलियारों में वेतन आयोग को लेकर हलचल तेज है. MyGov पोर्टल के जरिए सरकार ने वेतन आयोग के लिए सुझाव मांगे हैं. सुझाव भेजे भी जा रहे हैं. सबसे बड़ी मांग है कि फिटमेंट फैक्टर कितना होगा. मांग है कि इसे 2.57 से बढ़ाकर सीधा 3.25 या 3.68 किया जाए। अगर ऐसा हुआ, तो आपकी बेसिक सैलरी रॉकेट की तरह ₹18,000 से सीधे ₹58,000 के पार जा सकती है.
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर आया बड़ा अपडेट, सरकार ने कर्मचारियों से पूछे 18 सवाल!
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