Gold Silver Price Update: सोने के कीमतों को लेकर होने वाला है बड़ा खेल, एक्सपर्ट की चेतावनी- 'आने वाले दिनों में Rate उड़ा देगा होश'

सोने की कीमतों को लेकर बड़ी चेतावनी, Standard Chartered Bank की रिपोर्ट में संकेत- अगले 1-2 महीनों में दबाव, लेकिन फिर होगा सोने के भाव में बड़ा बदलाव. जानिए ताजा रेट और एक्सपर्ट की पूरी राय.

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सोने के भाव की चाल क्या होगी? आया चौंकाने वाला अपडेट.

सौरभ दीक्षित

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सोने पर एक बड़ी खबर सामने आई है. अगले कुछ महीनों में सोने में बड़ा खेल होने वाला है. एक्सपर्ट ने एक बड़ी चेतावनी दी है. एक्सपर्ट का कहना है कि अगले कुछ महीनों में सोने की कीमतें चौंका देंगी. कीमतों की बात करें तो 21 अप्रैल को एमसीएक्स एक्सचेंज पर 5 जून 2026 की डिलीवरी वाला सोना दोपहर 12 बजे के करीब 500 रुपये की गिरावट के साथ 1,53,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. आज के भाव की बात करें तो दोपहर 12 बजे IBJA के जारी रेट के मुताबिक सोना मामूली गिरावट के साथ152250 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच चुका है. ये मंगलवार के मुकाबले 100 रुपए की बेहद मामूली गिरावट आई है. 

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एक्सपर्ट का कहना है कि सोना इस समय ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां लोग समझ नहीं पा रहे कि अब ऊपर जाएगा या नीचे आएगा. लेकिन दुनिया के बड़े बैंक अब भी मान रहे हैं कि आने वाले महीनों में सोना फिर चमक सकता है. ताजा रिपोर्ट आई है Standard Chartered Bank की. रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल सोने की कीमत करीब 4800 डॉलर प्रति औंस के आसपास टिककर खड़ी है. यानी बाजार में दबाव होने के बावजूद सोना अभी पूरी तरह टूटा नहीं है. जब किसी चीज की कीमत गिरने के बाद एक स्तर पर टिक जाती है तो बाजार की भाषा में कहा जाता है कि वहां सपोर्ट बन रहा है. यानी खरीदार उस स्तर पर सक्रिय हो रहे हैं. 

कहानी यहीं खत्म नहीं होती. बैंक ने चेतावनी दी है कि अगले एक दो महीनों में सोने पर दबाव बना रह सकता है. इसके पीछे दो बड़ी वजहें बताई गई हैं. 

पहली वजह अमेरिका-ईरान वार

पहली वजह ईरान युद्ध और मध्य पूर्व में तनाव. दूसरी वजह महंगाई का डर. अब सवाल ये है कि युद्ध से सोने पर दबाव कैसे. आमतौर पर संकट में सोना बढ़ता है क्योंकि लोग इसे सुरक्षित निवेश मानते हैं, लेकिन अगर हालात बहुत अनिश्चित हों और बाजार में नकदी की जरूरत बढ़ जाए तो निवेशक सोना बेचकर पैसा निकालते हैं. इससे कीमत नीचे भी जा सकती है. बैंक का अनुमान है कि दूसरी तिमाही में सोने की औसत कीमत करीब 4605 डॉलर प्रति औंस रह सकती है, लेकिन तीसरी तिमाही में यह बढ़कर 4850 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है. मतलब साफ है. अभी थोड़ी कमजोरी संभव है, लेकिन साल के दूसरे हिस्से में तेजी लौट सकती है. 

अब मध्य पूर्व का असर समझिए. रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की दिशा इस समय ईरान और आसपास के हालात पर निर्भर है. युद्धविराम की बातें जरूर चल रही हैं, लेकिन हालात अभी नाजुक हैं. सबसे बड़ी चिंता होर्मुज को लेकर है. ये दुनिया के तेल व्यापार का बेहद अहम रास्ता है. रिपोर्ट के मुताबिक वहां आवाजाही अभी भी बाधित है. इससे सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है. अगर तेल महंगा होता है तो महंगाई बढ़ती है और फिर दुनिया भर के बाजार हिल जाते हैं. 

दूसरी वजह रियल यील्ड

अब बात करते हैं रियल यील्ड की. जब ब्याज दरें महंगाई को हटाकर ज्यादा फायदा देने लगती है तो लोग सोने की जगह बॉन्ड या दूसरी चीजों में पैसा लगाते हैं. इससे सोने पर दबाव आता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी सोने का पांच साल की रियल यील्ड से निगेटिव संबंध बढ़ गया है. यानी रियल यील्ड बढ़े तो सोना दब सकता है. लेकिन दूसरी तरफ बैंक ने कहा कि बाजार अभी असली जोखिमों को पूरी तरह नहीं समझ रहा. अगर अमेरिका में मंदी आती है. अगर महंगाई अचानक बढ़ती है. अगर तनाव फिर बढ़ता है तो सोने में तेजी तेजी से लौट सकती है. 

कुल मिलाकर अगर आप सोच रहे हैं कि सोना का भाव स्थिर हो चुका है तो वैसी नहीं है. फिलहाल थोड़ी उठापटक हो सकती है, लेकिन बड़े बैंक अब भी मान रहे हैं कि आने वाले महीनों में सोना फिर ऊंचाई छू सकता है. यानी अभी सोने पर दबाव है. युद्ध और महंगाई का डर है, लेकिन लंबी अवधि में उम्मीद अब भी मजबूत है यानी सोना अभी खेल से बाहर नहीं हुआ है बल्कि अगली चाल की तैयारी में दिख रहा है. 

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