gold silver price: अगर आप सोने में निवेश करते हैं या गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपको हैरान कर सकती है. मशहूर किताब 'रिच डैड पुअर डैड' के लेखक और दिग्गज निवेशक रॉबर्ट कियोसाकी ने सोने की कीमतों को लेकर एक ऐसी भविष्यवाणी की है, जिसने पूरी दुनिया के बाजारों में हलचल मचा दी है. कियोसाकी के मुताबिक, आने वाले सालों में सोने की कीमतें मौजूदा स्तर से कई गुना बढ़कर 35,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं.
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कियोसाकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी पोस्ट में कहा कि सोने की असली तेजी अब शुरू हुई है. उनके अनुसार, साल 2035 तक सोना 35,000 डॉलर प्रति औंस यानी करीब 10 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकता है. हालांकि इसमें महंगाई दर को नहीं जोड़ा गया है. यदि 2035 में रुपए की वैल्यू डॉलर के मुकाबले कमजोर रहती है तो ये अमाउंट और ज्यादा हो सकता है. यानी ये 20 लाख के आंकड़े को भी पार कर सकता है. अब सवाल ये है कि सोने में इतना बड़ा उछाल क्यों आने वाला है? इस भारी उछाल के पीछे कियोसाकी ने कई मुख्य कारण बताए हैं-
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: दुनिया भर के सेंट्रल बैंक अमेरिकी बॉन्ड्स के बजाय सोने का भंडार बढ़ा रहे हैं.
बढ़ता कर्ज: अमेरिका समेत कई देशों पर बढ़ता कर्ज और आर्थिक अनिश्चितता सोने की मांग बढ़ा रही है.
जियोपॉलिटिकल तनाव: रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट संकट जैसे हालात निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की ओर धकेल रहे हैं.
भारत पर क्या होगा असर?
अगर कियोसाकी का यह अनुमान सच साबित होता है, तो भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत 10 लाख से भी कहीं ज्यादा हो सकती है. इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा.
महंगे गहने: आम लोगों के लिए सोना खरीदना लगभग नामुमकिन हो जाएगा और यह केवल एक 'लग्जरी एसेट' बनकर रह जाएगा.
अर्थव्यवस्था पर दबाव: भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर सोना आयात करता है, जिससे देश का व्यापार घाटा बढ़ सकता है और रुपये की वैल्यू गिर सकती है.
शेयर बाजार: सोने में भारी तेजी आने पर निवेशक इक्विटी मार्केट से पैसा निकालकर गोल्ड में लगा सकते हैं, जिससे शेयर बाजार पर दबाव दिख सकता है.
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक बेहद आक्रामक अनुमान है. निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले बाजार के जोखिमों को समझना बेहद जरूरी है.
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