Gold Silver Price Update: सोना और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने इस वक्त पूरी दुनिया को चौंका दिया है. एक तरफ मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग भड़क रही है और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, तो दूसरी तरफ कीमती धातुओं का इस तरह धड़ाम होना निवेशकों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुआ है. असल में पूरी दुनिया इस वक्त एक अजीब डर के माहौल में जी रही है, जिसकी मुख्य वजह ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर होता सीधा हमला है. इसका सीधा असर आपकी जेब पर, आपके निवेश पर और सबसे ज्यादा सोना और चांदी की कीमतों पर पड़ा है. अब सवाल उठने लगा है कि तो आगे क्या होगा? एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं? कीमतों में कितनी गिरावट आई है? विस्तार से जानिए पूरी बात.
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फेडरल रिजर्व ने क्या दिया फैसला?
अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. यानी दरें अभी भी 3.50% से 3.75% के बीच ही रहेंगी. लेकिन असली डर इस फैसले में छिपा है क्योंकि फेड ने साफ संकेत दे दिया है कि जल्दी ब्याज दरें कम होने वाली नहीं हैं और यही वो वजह है जिसने सोने-चांदी को झटका दिया है.
सोने-चांदी की कीमतों में कितनी आई गिरावट?
19 मार्च को जैसे ही बाजार खुला सोना 1300 रुपये से ज्यादा गिर गया और चांदी सीधे 5000 रुपये तक लुढ़क गई. दोपहर तक हालत और खराब हो गई. 19 मार्च को शाम 7 बजे 2 अप्रैल की डिलीवरी वाला सोना 9661 रुपये की गिरावट के साथ 1,43,364 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. जबकि 5 मई 2026 की डिलीवरी वाली चांदी 24 हजार रुपये से ज्यादा की गिरावट के साथ 2,23,000 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी.
इंटरनेशनल मार्केट में भी सोना और चांदी का भाव गिर गया है. सोना 3.2 फीसदी गिरकर एक महीने के निचले स्तर पर आ गया है. जबकि चांदी में 4.2 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. स्पॉट गोल्ड 3.2% गिरकर 4,844 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा और ये 6 फरवरी के बाद का सबसे निचला स्तर है. स्पॉट सिल्वर 4.2% की भारी गिरावट के साथ 75.93 डॉलर प्रति औंस पर आ चुकी है.
सोने-चांदी के गिरावट के पीछे की वजह
आंकड़ों की देखें तो यह गिरावट सिर्फ भारत में ही नहीं हुई है बल्कि पूरी दुनिया में हुई है. अब सवाल आत है कि आखिर ऐसा हुआ क्यों? तो इसके पीछे 3 बड़े कारण बताए जा रहे हैं:
पहला कारण- फेड का सख्त रुख: ब्याज दरें नहीं घटेंगी तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर दूसरे विकल्पों में जा सकते हैं.
दूसरा कारण- मजबूत डॉलर: जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना-चांदी कमजोर पड़ते हैं.
तीसरा कारण- युद्ध: अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच तनाव और तेल की कीमतों में उछाल, इसने बाजार को पूरी तरह अनिश्चित बना दिया है. और जब बाजार अनिश्चित होता है तो कीमतें कभी भी कहीं भी जा सकती हैं.
एक्सपर्ट्स की राय
एक्सपर्ट्स साफ कह रहे हैं कि अभी सोना और चांदी दोनों अस्थिरता के दौर में हैं. दोनों अपने शॉर्ट-टर्म सपोर्ट लेवल भी तोड़ चुके हैं, यानी गिरावट अभी खत्म नहीं हुई है. तो सवाल ये है कि अब आगे क्या होगा? इस पर जानकारों का कहना है कि ये पूरी तरह निर्भर करेगा कि युद्ध कितने दिन चलता है, तेल की कीमतें कहां जाती हैं और अमेरिका का फेड आगे क्या फैसला लेता है.
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