Gold Silver Rate Today: सोना औंधे मुंह गिरा, चांदी भी टूटी! इस उथल-पुथल के बीच एक्सपर्ट्स ने दी ये बड़ी चेतावनी!

Gold Silver Rate Today: दुनियाभर में सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. एक्सपर्ट्स अब चांदी में ₹80 हजार तक की बड़ी गिरावट की चेतावनी दे रहे हैं. अमेरिका-ईरान तनाव, ब्याज दर बढ़ने की आशंका और कमजोर इंडस्ट्रियल डिमांड ने बाजार का पूरा खेल बदल दिया है. अब निवेशकों की नजर अगले बड़े फैसलों पर टिकी है.

Gold Silver Rate Today
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सौरभ दीक्षित

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Gold Market Crash: दुनियाभर में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. साेना अब करीब दो महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई है. अब एक्सपर्ट्स ने एक बड़ी चेतावनी दे दी है. उनका कहना है कि चांदी की कीमतों में 80 हजार रुपये तक की गिरावट आने वाली है. लेकिन सवाल है कि क्यों एक्सपर्ट ऐसा कह रहे हैं और हाल के दिनों में सोने चांदी की कीमतों में गिरावट क्यों आई है. आज सोना चांदी के इस शो में हम ये पूरा मामला बेहद आसान भाषा में आपको बताने जा रहे हैं.

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अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने-चांदी के दाम

सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot साेना करीब 1.3% गिरकर 4447 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है. यह पिछले लगभग दो महीनों का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है. वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब 1.2% गिर गए. भारत के बाजार की बात करें तो 28 मई को बकरीद के मौके पर शेयर बाजार बंद है और कमोडिटी मार्कट शाम को खुलेगा. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 5 जून 2026 की डिलीवरी वाला सोना 27 मई को 1966 रुपये की गिरावट के साथ 1,55,650 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था. वहीं चांदी की बात करें तो 3 जुलाई 2026 की डिलीवरी वाली चांदी 4678 रुपये की गिरावट के साथ 2,65,950 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी.

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की मुख्य वजहें

अब सवाल ये है कि सोने -चांदी में गिरावट क्यों आ रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह है बढ़ती महंगाई, ब्याज दर बढ़ने की आशंका और अमेरिका-ईरान युद्ध का तनाव. अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव की वजह से दुनिया में तेल सप्लाई को लेकर डर बढ़ गया है. खासकरस्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंता बढ़ गई है. ये दुनिया का सबसे बड़ा तेल सप्लाई रूट माना जाता है. अगर यहां रुकावट आती है, तो तेल महंगा हो जाता है. निवेशकों को डर है कि बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानीफेडरल रिजर्व ब्याज दरें बढ़ा सकता है. मार्केट को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक 0.25% रेट बढ़ सकता है. सोना कोई ब्याज नहीं देता. जब बैंक और बॉन्ड ज्यादा ब्याज देने लगते हैं, तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर वहां लगाने लगते हैं.

चांदी को लेकर एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

सिर्फ सोना नहीं चांदी भी दबाव में है. चांदी की कीमत 3% से ज्यादा गिरकर 74 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई. बैंक ऑफ अमेरिका का कहना है कि अगर साेना में दोबारा तेजी आती है, तो सिल्वर भविष्य में 100 डॉलर तक जा सकती है. विदेशी एनालिस्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि सिल्वर में गिरावट अभी खत्म नहीं हुई है. कई रिसर्च रिपोर्ट्स तो यहां तक कह रही हैं कि भारत में चांदी की कीमत मौजूदा ₹2.75 लाख रुपये प्रति किलो से गिरकर ₹2 लाख के आसपास तक आ सकते हैं. यानी ₹80,000 रुपये प्रति किलो तक की बड़ी गिरावट आ सकती है.

अचानक चांदी में इतनी बड़ी गिरावट क्यों?

अब सवाल ये भी है कि अचानक क्यों चांदी में इतनी बड़ी गिरावट की बातें होने लगी हैं. असल में सिल्वर की कहानी गोल्ड से थोड़ी अलग है. गोल्ड को लोग सेफ हेवन मानते हैं. संकट आता है तो लोग गोल्ड खरीदते हैं. लेकिन सिल्वर सिर्फ निवेश का मेटल नहीं है. यह इंडस्ट्रियल मेटल भी है. अगर आसान शब्दों में कहें तो सिल्वर की कीमत सिर्फ निवेशकों के भरोसे नहीं चलती. इसकी असली ताकत इंडस्ट्री की डिमांड होती है और यही डिमांड अब कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है. यूबीएस ने अपनी रिपोर्ट में एक शब्द इस्तेमाल किया है. वो है डिमांड डिस्ट्रक्शन. ये सुनने में छोटा शब्द लगता है, लेकिन बाजार में इसका मतलब बहुत बड़ा होता है. आसान भाषा में समझें तो चांदी इतनी महंगी हो गई कि अब कई इंडस्ट्री खरीद कम करने लगी हैं. कंपनियां सोच रही हैं कि इतनी ऊंची कीमत पर सिल्वर खरीदना फायदे का सौदा है भी या नहीं.

मांग में कमजोरी और भविष्य का बाजार अनुमान

यूबीएस ने साफ कहा कि जब तक कीमतें ऊंचे स्तर पर रहेंगी, तब तक डिमांड इरोजन यानी मांग में कमजोरी बनी रह सकती है. यहीं से बाजार में डर शुरू हुआ. HSBC के एनालिस्ट्स का कहना है कि सिल्वर अभी फंडामेंटली ओवरवैल्यूड दिखाई दे रहा है. कीमतें वास्तविक मांग और आर्थिक स्थिति के मुकाबले जरूरत से ज्यादा ऊपर चली गई हैं. बैंक का मानना है कि आने वाले समय में गोल्ड और सिल्वर का रास्ता अलग हो सकता है. गोल्ड मजबूत बना रह सकता है, लेकिन सिल्वर में दबाव बढ़ सकता है.

निवेशकों के लिए जरूरी सलाह

कुल मिलाकर सोना इस समय दो महीने के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिका-ईरान तनाव, तेल की बढ़ती कीमतें और ब्याज दर बढ़ने की आशंका ने साेना के मार्कट पर दबाव बढ़ा दिया है. चांदी में भी एक्सपर्ट अब बड़ी गिरावट की चेतावनी दे रहे हैं. लेकिन ध्यान रहे ये खबर हमने सिर्फ आपकी जानकारी के लिए तैयार की है. हम आपको कहीं पर भी निवेश करने या नहीं करने के बारे में कोई सलाह नहीं दे रहे हैं आप कहीं पर भी निवेश करने से पहले एक बार अपने वित्तीय सलाहाकार से बात जरूर कर लें. 

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