Gold Silver Price Update: सोने-चांदी के दाम 14 जनवरी को लगातार तीसरे दिन ऑल टाइम हाई पर बने रहे. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत 14,145 रुपए बढ़कर 2,77,175 रुपए हो गई है. 13 जनवरी को इसने 2,63,032 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था. यानी तीन दिन में चांदी करीब 34 हजार रुपए से ज्यादा महंगी हो चुकी है. वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,868 रुपए बढ़कर 1,42,152 रुपए के ऑल टाइम हाई पर ओपन हुआ है. कल इसकी कीमत 1,40,482 रुपए प्रति 10 ग्राम थी. अब सवाल आ रहा है कि क्या अगले 24 घंटे में सोने-चांदी में बड़ा खेल होने वाला है? इसी बीच रॉबर्ट कियोसाकी की बड़ी चेतावनी भी सामने आई है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.
ADVERTISEMENT
अगले 24 घंटे में होगा बड़ा खेला?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगले 24 घंटे में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी आ सकती है. चांदी के दाम 3 लाख रुपये का स्तर पार कर सकते हैं. इसके पीछे एक्सपर्ट्स ने कई कारण भी बताए हैं. जानकारों का कहना है कि अमेरिका का महंगाई का डाटा आ गया है जो कि 2.7 फीसदी है. ऐसे में फेड एक बार फिर से ब्याज दरों में कटौती को लेकर फैसला ले सकता है. इसी वजह से इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है.
वहीं दूसरी ओर फेड और ट्रंप के बीच खींचतान लगातार बढ़ रही है. ट्रंप ने फेड चेयरमैन पर काफी गंभीर क्रिमिनल चार्ज लगाए हैं. ऐसे में जल्द ही नए फेड चेयरमैन का ऐलान हो सकता है, जो ट्रंप की पसंद का होगा. टैरिफ को लेकर भी अमेरिकी कोर्ट में सुनवाई चल रही है, जिसका फैसला 15 जनवरी को ही आना है. ऐसे में अगर टैरिफ पर ट्रंप को राहत मिलती है, तो सोने-चांदी की कीमतों में उछाल संभव है.
चांदी क्यों टच कर सकती 3 लाख का लेवल?
ईरान, कंबोडिया, क्यूबा और वेनेजुएला के साथ जिस तरह की जियो पॉलिटिकल टेंशन देखने को मिल रही है, वो भी लगातार सोने-चांदी को सपोर्ट कर रही है. वहीं गोल्ड सिल्वर रेश्यो भी इसमें अहम फैक्टर के रूप में काम कर रही है जो कि मौजूदा समय में 13 साल के लोअर लेवल पर है जिसके अगले कुछ घंटों में 45 पर आने की संभावना है.
अगर ऐसा होता है तो इंटरनेशनल मार्केट में चांदी 100 डॉलर का इतिहास बना सकती है और देश में चांदी के 3 लाख रुपए के लेवल को टच कर सकती है. सबसे अहम डॉलर इंडेक्स में तेजी और रुपए पर दबाव एवं इंडस्ट्रीयल डिमांड में इजाफा भी अहम फैक्टर के रूप में काम कर रहे हैं. ये वो तमाम फैक्टर हैं, जिसकी वजह से चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.
क्यों आई सोने-चांदी में तेजी?
सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे जानकार कई कारण बता रहे हैं. इसमें अमेरिका में महंगाई के आंकड़े, फेड और ट्रंप की लड़ाई, ट्रंप टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, 500 फीसदी टैरिफ का असर, जियो पॉलिटिकल टेंशन शामिल हैं.
दूसरी ओर इंटरनेशनल मार्केट में भी सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. गोल्ड फ्यूचर के दाम 4,632 डॉलर प्रति ओंस पर देखने को मिल रहे हैं. जबकि 13 जनवरी को कीमतें 4,643 डॉलर के साथ रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई थीं. गोल्ड स्पॉट के दाम न्यूयॉर्क में 4,624 डॉलर प्रति ओंस पर देखने को मिल रहे हैं.
रॉबर्ट कियोसाकी की चेतावनी
इधर मशहूर लेखक और निवेशक रॉबर्ट कियोसाकी ने चांदी में निवेश करने वालों के लिए चेतावनी दी है. उनका कहना है कि चांदी की कीमत शायद अभी अपने चरम पर पहुंच गई है. उन्होंने चेताया कि इसकी कीमत में और तेजी आने से पहले इसमें बड़ी गिरावट आ सकती है. कियोसाकी ने एक्स पर लिखा, 'मैं जो कर रहा हूं उस पर कायम हूं...मैं 100 डॉलर तक चांदी खरीदूंगा और इंतजार करूंगा.' इंटरनेशनल लेवल पर अभी इसकी कीमत करीब 85 डॉलर प्रति औंस है.
उन्होंने आगे कहा कि अगर चांदी की कीमत गिरती है, तो वे धैर्य रखेंगे और बाजार के स्पष्ट संकेत मिलने का इंतजार करेंगे. चांदी में अपने लंबे समय के विश्वास को दोहराते हुए रॉबर्ट कियोसाकी ने बताया कि उन्होंने पहली बार 1965 में सिर्फ 1 डॉलर प्रति औंस पर चांदी खरीदी थी. 1990 के आसपास जब कीमतें 4 से 5 डॉलर तक पहुंचीं, तो वे इसके पक्के समर्थक बन गए. कुल मिलाकर सोने-चांदी में लगातार तेजी देखने को मिल रही है. अब कीमतों में और तेजी आएगी या गिरावट देखने को मिलेगी ये आने वाले वक्त में पता चलेगा.
यहां देखें खबर का वीडियो
यह खबर भी पढ़ें: BIZ DEAL: 39 रुपये में 9GB डेटा, इस कंपनी के कम कीमत वाले प्लान ने मचाया धमाल
ADVERTISEMENT

