Gold Silver Price Today: सोने और चांदी में लगातार आ रहे उतार-चढ़ाव ने मार्केट में तो भूचाल लाया ही है, इसके अलावा निवेशकों और आम लोगों की धड़कने भी बढ़ा दी है. साल 2026 की शुरुआत से ही सोना और चांदी के भाव में बदलाव देखने को मिल रहा है और इस साल तो सोने और चांदी ने अपने रिकॉर्ड हाई भी बनाए है. इसी बीच अचानक से सवाल उठने लगा है कि क्या सोना और चांदी अब गिरावट की तरफ बढ़ रहे हैं? क्या कई महीनों से चली आ रही तेजी अब खत्म होने वाली है? या फिर सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव के साथ एक दायरे में कारोबार होगा. आइए जानते है इन्हें सवालों के जवाब.
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सोने-चांदी के ताजा भाव
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट होगी या नहीं, यह जानने से पहले बात करते हैं बात करते हैं इसके ताजा भाव की. MCX पर 25 फरवरी को शाम 7 बजे 2 अप्रैल 2026 को डिलीवरी वाला सोना 1,60,958 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, वहीं 5 मार्च 2026 वाली चांदी 2,67,706 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड कर रहे थे.
क्या सोने-चांदी के भाव में आएगी गिरावट?
सोने-चांदी के भाव को लेकर कहा जा रहा है कि बहुत जल्द इसमें गिरावट देखने को मिल सकती है. दरअसल, दिसंबर में चांदी को ऊंचाईयों पर पहुंचाने में चीन का बड़ा हाथ माना जा रहा है. चीन के सिल्वर एक्सपोर्ट के नियम सख्ती के बाद चांदी में तेज उछाल देखा गया था. सोने में भी चीन के निवेशकों और सेंट्रल बैंकों ने बड़ा पैसा लगाया है. अब वहीं चीन अपने देश के निवेशकों को सोने और चांदी में निवेश से पहले सावधान रहने की सलाह दे रहा है.
चीन के बैंकों ने जारी की चेतावनी
चीन के बड़े बैंकों ने सोने और चांदी को लेकर चेतावनी जारी है. इन बैंकों में Industrial and Commercial Bank of China, Agricultural Bank of China, China Construction Bank, Postal Savings Bank of China और Bank of Communications शामिल हैं. इन बैंकों ने नोटिस जारी कर निवेशकों से कहा है कि बाजार में उतार-चढ़ाव बहुत बढ़ गया है, बिना सोचे-समझे तेजी का पीछा ना करें और गिरावट में घबराकर बिक्री न करें.
सोने-चांदी में उछाल के कारण?
2026 की शुरुआत में सोना और चांदी में जोरदार उछाल आया था.इसके पीछे कई कारण थे जैसे दुनिया में बढ़ता तनाव, केंद्रीय बैंकों की भारी खरीद और बाजार में ज्यादा लिक्विडिटी यानी ज्यादा पैसा लेकिन इसके साथ जुड़ गई एक और चीज सट्टेबाजी और उधार लेकर ट्रेडिंग. जब कीमतें तेजी से ऊपर जाती हैं, तो लोग और ज्यादा खरीदते हैं और यही बाजार को कमजोर भी बना देता है.
अब चीन के मीडिया हाउस Global Times से बात करते हुए एक विश्लेषक ने कहा कि, गोल्ड और सिल्वर ओवरबॉट स्थिति में थे, कीमतें बहुत तेजी से बढ़ी है और बाजार का ढांचा कमजोर हुआ है. जब बाजार जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाता है, तो एक तेज गिरावट आना लगभग तय होता है.
चीन करने वाला है बड़ा गेम?
स्थिति संभालने के लिए Shanghai Gold Exchange ने भी कदम उठाए. सोने के कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए मार्जिन 21% से घटाकर 18% कर दिया गया. सोने का Daily Price Band 20% से घटाकर 17% कर दिया और चांदी के कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए मार्जिन रेशियो 27% से घटाकर 24% किया गया. साथ ही चांदी का Daily Price Band 26% से घटाकर 23% कर दी गई. मार्जिन रेट बदलाव कीमतों को स्थिर रखने के लिए किये गए हैं, ताकि उधार लेकर ट्रेडिंग कर रहे निवेशकों को ज्यादा नुकसान ना हो और इससे घबराहट में बिकवाली पर रोक लगेगी...
क्या बुलियन में बुल रन खत्म हो गया है?
Heraeus Precious Metals का कहना है कि, तेजी के बाद बाजार कुछ समय के लिए शांत हो सकता है. सोना 2026 में $3,750 से $5,000 प्रति औंस के दायरे में रह सकता है. मतलब पूरी तरह गिरावट का माहौल नहीं, लेकिन पहले जैसी तेज रफ्तार भी शायद नहीं रहेगी. कुछ जानकार मानते हैं कि, जियो पॉलिटिकल टेंशन अभी खत्म नहीं हुई है. सेंट्रल बैंकों की सोना खरीदने की रफ्तार धीमी हुई है लेकिन खरीदारी जारी है. ग्लोबल मार्केट्स में अनिश्चितत्ता है इसलिए लंबी अवधि में सोना कमजोर नहीं है. लेकिन चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
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