अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव के बीच सोना और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद अब सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है. पिछले दो दिनों में सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में करीब 3000 रुपये गिरी है. जबकि चांदी की कीमत प्रति किलो 11 हजार रुपए तक घट गई है. कीमतों में गिरावट के बाद बाजार में एक बार फिर ग्राहकों की हलचल बढ़ने लगी है. सोने-चांदी की कीमतों में जारी इस उतार चढ़ाव के बीच अब एक्सपर्ट्स ने बड़ी चेतावनी दे दी है. सोना-चांदी के इस खास एपिसोड में आइए विस्तार से जानते है पूरी बात.
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सोने-चांदी के भाव!
सोने-चांदी के भाव में लगातार उछाल-चढ़ाव देखने को मिला रहा है. कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर 13 मार्च को शाम 6 बजे 2 अप्रैल को डिलीवरी वाला सोना 1,60,179 प्रति ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. पूरे सेशन में सोने पर लगातार सेलिंग प्रेशर यानी बिकवाली का दबाव बना हुआ दिखाई दिया. फिलहाल सोने का रुझान कमजोर दिखाई दे रहा है. वहीं 5 मई को डिलीवरी वाली चांदी 2,67,290 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी.
सोने की मौजूदा स्थिति!
अगर तकनीकी संकेतों की बात करें तो एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने के चार्ट में एक पैटर्न दिख रहा है जिसे कहा जाता है- Lower High और Lower Low. यानी हर उछाल के बाद सोना पिछली बार से कम ऊपर जा रहा है और गिरावट में नया निचला स्तर बना रहा है. यह संकेत देता है कि फिलहाल बाजार में बिकवाली ज्यादा मजबूत है. मूविंग एवरेज के संकेतों की बात करें तो चार्ट में दो अहम मूविंग एवरेज देखे जाते हैं 8 EMA और 21 EMA. जानकार बता रहे हैं कि अभी स्थिति यह है कि 8 EMA, 21 EMA के नीचे है और दोनों नीचे की तरफ झुक रहे हैं.
अब बात करते हैं RSI की. RSI यानी Relative Strength Index अभी करीब 23 के आसपास है. आमतौर पर 30 से नीचे का RSI Oversold जोन माना जाता है. इसका मतलब यह हो सकता है कि सोने में थोड़ा सा उछाल आए. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ट्रेंड बदल गया है. एक और इंडिकेटर है, MACD. ये अभी भी नेगेटिव जोन में है और लाल बार लगातार बढ़ रहे हैं. ये संकेत देता है कि मंदी का दबाव अभी भी जारी है.
एक्सपर्ट्स की राय
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सोना ₹1,60,300 के पास पहुंचता है तो वहां से बिकवाली देखने को मिल सकती है और जब तक सोना ₹1,61,000 के ऊपर नहीं जाता तब तक ट्रेंड कमजोर माना जाएगा. अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच तनाव ग्लोबल बाजार को प्रभावित कर रहा है. ऐसी स्थिति में आमतौर पर निवेशक सेफ हेवन एसेट की तरफ जाते हैं जैसे सोना, लेकिन इस समय बाजार में कई दूसरे फैक्टर भी काम कर रहे हैं, जैसे कि डॉलर की चाल, तेल की कीमतें और निवेशकों की मुनाफावसूली. इसी वजह से सोने में उतार-चढ़ाव ज्यादा दिखाई दे रहा है.
कुल मिलाकर अभी के लिए सोने का इंट्राडे ट्रेंड कमजोर दिख रहा है. एक्सपर्टस बता रहे हैं ₹1,60,300 रुपये के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस है और वहां से बिकवाली आ सकती है. जब तक सोना ₹1,61,000 के ऊपर नहीं निकलता तब तक बाजार का रुख मंदी वाला ही माना जाएगा. हालांकि अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है तो सोने में फिर से तेजी भी आ सकती है.
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