सोना और चांदी, दो ऐसी धातु जिसने निवेशकों के साथ-साथ आमलोगों की धड़कनें बढ़ा रखी है. जनवरी के महीने में ऑल टाइम हाई बनाने वाले सोने-चांदी के भाव में लगातार उतार-चढ़ाव के वजह से मानिए मार्केट में भूचाल आ गया है. मार्च में बड़ी गिरावट के बाद अप्रैल में सोने-चांदी में मामूली खरीदारी दिख रही है. हालांकि अभी एकतरफा चाल बनती नहीं दिख रही है. ऐसे में सवाल ये है कि क्या सोने में मुनाफावसूली का समय आ गया है या निवेशकों को निचले स्तरों पर और खरीदारी करनी चाहिए. इसे लेकर इकनॉमिस्ट पीटर शिफ ने एक बड़ी भविष्यवाणी भी की है. आइए विस्तार से जानते है पूरी कहानी.
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सोने-चांदी के भाव
सोने और चांदी दोनों के ही भाव में एक बार फिर हल्की गिरावट देखने को मिली है. MCX एक्सचेंज पर आज यानी 7 अप्रैल 11:30 बजे 5 जून को डिलीवरी वाला सोना 245 रुपए की गिरावट के साथ 1,49,736 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. वहीं 5 मई 2026 को डिलीवरी वाली चांदी 523 रुपए की गिरावट के साथ 2,32,856 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड कर रहा था.
पीटर शिफ ने सोने को लेकर की भविष्यवाणी!
दुनिया के जाने माने इकनॉमिस्ट पीटर शिफ ने गोल्ड प्राइस पर नई और बड़ी भविष्यवाणी की है. उनका कहना है कि अप्रैल 1980 के बाद अप्रैल 2026 सोना के लिए सबसे अच्छा महीना साबित हो सकता है. शिफ ने सोने की कीमतों के लिए नया टार्गेट सेट किया है, जो अभी के हालातों में आम जनता के लिए भी काफी चौंकाने वाला है. पीटर शिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा कि, 'इस समय मिडिल ईस्ट के जैसे हालात बने हुए है उसकी वजह से सोने की कीमतों में तेजी आना शुरु हो जाएगी. निवेशक फिर से सोने की तरफ रुख करेंगे. इसलिए पीटर शिफ का मानना है कि सोने की कीमत $5000 से लेकर $6000 तक पहुंच सकती है.'
अभी कॉमेक्स पर सोने का भाव 4600 डॉलर प्रति औंस के करीब ट्रेड हो रहा है यानी सोने में 10 फीसदी से 20 फीसदी तक की तेजी एक महीने में आने का अनुमान है. मार्च 2008 के बाद मार्च 2026 मे सबसे बड़ी मासिक गिरावट रिकॉर्ड हुई. हालांकि महीना खत्म होते तक तेजी लौट आई है. सोने की कीमतें केवल वॉर की स्थिति पर निर्भर नहीं करती है बल्कि निवेशकों के रुख पर भी निर्भर है. अगर अमेरिका इजरायल और ईरान का तनाव लंबा जारी रहता है तो निवेशक फिर से सोने की खरीदारी शुरू कर सकते हैं और सोने की कीमतें आसमान पर पहुंच सकती है.
पीटर शिफ ऐसा क्यों कह रहे हैं?
पीटर शिफ के अनुसार, जो चीजें आज मार्केट को डरा रही हैं, वही कल गोल्ड को आसमान पर ले जाएंगी. सोने की कीमतों में तेजी के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण हो सकते हैं:
- मिडिल ईस्ट में तनाव
- कच्चे तेल की कीमतें
- आर्थिक मंदी का डर
- फाइनेंशियल क्राइसिस
- निवेशकों का रुख
अगर ऐसा लंबे समय तक हुआ तो Financial crisis का खतरा पैदा होगा और फिर से गोल्ड चमकता दिखेगा. क्योंकि इतिहास गवाह है फाइनेंशियल क्राइसिस में गोल्ड का भाव हमेशा चढ़ता है.
क्यों टूटा था सोना?
हाल के दिनों में सोने की कीमतों में जो गिरावट आई थी, उसके पीछे भी तीन बड़ी वजहें रही हैं. सबसे पहला कारण डॉलर का मजबूत होना है, जिससे सोने पर दबाव बना. दूसरा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व का रुख है, जो फिलहाल जल्दी रेट कट करने के मूड में नहीं दिख रहा है. जब फिक्स्ड डिपॉजिट और बॉन्ड्स ज्यादा रिटर्न देते हैं, तो निवेशकों के लिए सोना कम आकर्षक हो जाता है. इसके अलावा, सोने की लगातार एकतरफा चाल के बाद बड़े निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली ने भी कीमतों को नीचे धकेला है.
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