Market Outlook : शेयर बाजार में लगातार आठ हफ्तों की गिरावट के बाद इस सप्ताह राहत देखने को मिली. निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए. हालांकि, बाजार के सभी सेक्टरों में तेजी नहीं रही. एक तरफ बैंकिंग, एफएमसीजी और कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, तो दूसरी तरफ रियल्टी, मेटल और ऑटो जैसे सेक्टरों में दबाव बना रहा. ऐसे में अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि बाजार की यह रिकवरी अगले हफ्ते भी जारी रहती है या फिर एक बार दोबारा बिकवाली हावी हो जाती है.
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निफ्टी और बैंक निफ्टी में आई तेजी
इस हफ्ते निफ्टी 98.50 अंक यानी 0.44 फीसदी की बढ़त के साथ 22,520.45 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं बैंक निफ्टी ने ज्यादा मजबूती दिखाई. यह 805.90 अंक यानी 1.48 फीसदी चढ़कर 55,256.65 पर पहुंच गया. बाजार के दोनों प्रमुख इंडेक्स में बढ़त से निवेशकों को राहत मिली है. खासकर बैंक निफ्टी की तेजी बताती है कि इस हफ्ते बैंकिंग शेयरों में खरीदारी का अच्छा रुझान रहा. हालांकि, केवल एक हफ्ते की बढ़त के आधार पर बाजार में लंबे समय तक तेजी बने रहने का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी.
कैपिटल मार्केट और एफएमसीजी सेक्टर का बेहतर प्रदर्शन
सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें, तो कैपिटल मार्केट इंडेक्स 2.76 फीसदी की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा. एफएमसीजी में 2.45 फीसदी और पीएसयू बैंक में 2.38 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. इसके अलावा प्राइवेट बैंक इंडेक्स 1.97 फीसदी, फाइनेंस 1.68 फीसदी और आईटी सेक्टर 0.95 फीसदी चढ़ा. मीडिया में 0.45 फीसदी और कंजम्पशन में 0.37 फीसदी की मामूली बढ़त रही. इन आंकड़ों से पता चलता है कि बाजार को बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों के साथ एफएमसीजी और कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों का भी सपोर्ट मिला.
रियल्टी और मेटल शेयरों में रही सबसे ज्यादा कमजोरी
बाजार में तेजी के बावजूद कुछ सेक्टरों में बिकवाली जारी रही. रियल्टी इंडेक्स 3.72 फीसदी गिरा, जबकि मेटल सेक्टर में 3.69 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. ऑटो इंडेक्स 2.07 फीसदी, सीपीएसई 1.90 फीसदी और एनर्जी 1.65 फीसदी नीचे रहा. डिफेंस में 1.49 फीसदी, फार्मा में 1.33 फीसदी और ऑयल एंड गैस में 1.24 फीसदी की गिरावट आई. इस तरह बाजार की तेजी सभी सेक्टरों तक नहीं पहुंची. निवेशकों को अगले हफ्ते इन कमजोर सेक्टरों में होने वाली खरीदारी या बिकवाली पर भी नजर रखनी होगी.
ट्रेंट और बीएसई बने निफ्टी के टॉप गेनर्स
निफ्टी के शेयरों में ट्रेंट ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया. इस हफ्ते ट्रेंट का शेयर 13.11 फीसदी चढ़ा. बीएसई में 7.92 फीसदी और कोटक बैंक में 5.41 फीसदी की तेजी आई. एचडीएफसी लाइफ का शेयर 4.20 फीसदी और आईटीसी 3.95 फीसदी चढ़ा. दूसरी तरफ अडानी एंटरप्राइजेज में 6.48 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. मैक्स हेल्थकेयर 6.07 फीसदी और जेएसडब्ल्यू स्टील 5.27 फीसदी टूटे. हिंडाल्को में 4.41 फीसदी और बीईएल में 3.90 फीसदी की गिरावट रही.
मिडकैप शेयरों में भी दिखा बड़ा उतार-चढ़ाव
मिडकैप सेगमेंट में पीडब्ल्यूएल का शेयर 19.22 फीसदी चढ़ा, जबकि क्यूपिड में 17.42 फीसदी की तेजी रही. बीबॉक्स 12.10 फीसदी और पीटीसीआईएल 11.96 फीसदी चढ़े. भारती हेक्साकॉम में भी 11.07 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई. वहीं पीफोकस का शेयर 12.95 फीसदी टूट गया. बंधन बैंक में 10.80 फीसदी, ग्लैक्सो में 8.33 फीसदी, श्नाइडर इलेक्ट्रिक में 7.91 फीसदी और वीएएमएल में 7.78 फीसदी की गिरावट आई. मिडकैप शेयरों में तेजी और गिरावट का यह अंतर दिखाता है कि निवेशकों को हर शेयर का प्रदर्शन अलग-अलग देखकर फैसला लेना होगा.
अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
अगले हफ्ते निफ्टी के लिए 22,500 का स्तर अहम रहेगा. अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो 22,750 से 22,800 के दायरे में अगली चुनौती देखने को मिल सकती है. इसके ऊपर टिकाऊ तेजी आने पर 23,000 और 23,100 के स्तर पर नजर रहेगी. वहीं, बाजार में कमजोरी बढ़ने पर 22,200 से 22,000 का दायरा सपोर्ट के तौर पर अहम हो सकता है. बैंक निफ्टी के लिए 55,000 के आसपास का स्तर नजर रखने लायक रहेगा. इन स्तरों को संभावित तकनीकी संकेत के तौर पर देखना चाहिए, न कि निश्चित लक्ष्य के रूप में. अगले हफ्ते कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री, वैश्विक बाजारों के संकेत और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
कुल मिलाकर, इस हफ्ते बाजार में आई तेजी ने निवेशकों को राहत दी है, लेकिन रिकवरी के टिकाऊ होने की पुष्टि अभी बाकी है. अगले हफ्ते निफ्टी का 22,500 के ऊपर टिकना, बैंकिंग शेयरों में खरीदारी जारी रहना और कमजोर सेक्टरों में बिकवाली कम होना अहम रहेगा.
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