FD vs RD vs SIP Comparison : महीने की आखिरी तारीखें और खाते में बचे 5,000 रूपये. पहली नजर में यह रकम बहुत बड़ी नहीं लगती, लेकिन अगर इस छोटे से अमाउंट को सही दिशा मिल जाए, तो यही बचत आपकी वित्तीय आजादी का मूल मंत्र बन सकती है. अब सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह खड़ा होता है कि इस पैसे का करें क्या? बैंक में FD (Fixed Deposit) करा दें, हर महीने RD (Recurring Deposit) में डालें या फिर म्यूचुअल फंड की SIP (Systematic Investment Plan) शुरू कर दें?
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ज्यादातर आम निवेशक इसी तिराहे पर आकर भ्रमित हो जाते हैं और बिना किसी रणनीति के अपना पैसा गलत जगह फंसा बैठते हैं. अगर आप भी इसी उलझन में हैं, तो चलिए बेहद आसान भाषा में समझते हैं कि आपकी जेब के 5,000 रूपये के लिए असली 'मास्टरप्लान' क्या होना चाहिए.
रणनीति नंबर 1: पहले तय करें 'लक्ष्य', फिर चुनें 'रास्ता'
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेश का कोई एक ऐसा फिक्स्ड फॉर्मूला नहीं है जो सब पर फिट बैठे। फैसला इस बात से तय होगा कि आपको पैसे की जरूरत कब है:
- शॉर्ट टर्म (1 से 3 साल) : अगर निकट भविष्य में कार खरीदनी है, शादी है या इमरजेंसी फंड बनाना है, तो सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. इसके लिए FD या RD सबसे सटीक विकल्प हैं.
- लॉन्ग टर्म (5 से 20 साल): अगर मकसद 15-20 साल बाद बच्चों की पढ़ाई, शादी या खुद के रिटायरमेंट का फंड तैयार करना है, तो इक्विटी SIP बाजी मार जाती है.
15 साल में 9 लाख रूपये निवेश कर कितना फंड बना सकते हैं?
मान लीजिए आप हर महीने 5,000 रूपये का निवेश पूरे 15 सालों तक लगातार करते हैं. इस दौरान आपकी जेब से कुल 9 लाख रूपये जाएंगे. अब देखिए अलग-अलग विकल्पों का जादू-
- सुरक्षित रास्ता (7% अनुमानित रिटर्न): यदि आप इसे एफडी या पारंपरिक बैंक स्कीमों में लगाते हैं, तो 15 साल बाद यह फंड करीब 15.8 लाख रूपये बन सकता है.
- इक्विटी SIP का पावर (12% अनुमानित रिटर्न): यदि यही पैसा शेयर बाजार से जुड़ी इक्विटी SIP में सही अनुशासन के साथ रहे, तो 15 साल में यह रकम 25 लाख रूपये के आंकड़े को छू सकती है.
(नोट: म्यूचुअल फंड में रिटर्न बाजार के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है, इसलिए इसमें कोई तय गारंटी नहीं होती।)
FD, RD या SIP: आपके लिए कौन सा विकल्प सही?
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD): अगर जोखिम से सख्त परहेज है और आप चाहते हैं कि पैसा सुरक्षित रहे, तो एफडी बेहतर है. यह स्थिरता देती है, हालांकि इस पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स और महंगाई दर का असर ध्यान में रखना जरूरी है. हालांकि इसमें एकमुश्त राशि एक निश्चित समय के लिए निवेश होता है. इसलिए पहले पैसे जुटाने होंगे फिर इसमें निवेश करने होंगे. मंथली नहीं.
रिकरिंग डिपॉजिट (RD): जो लोग हर महीने एक फिक्स्ड रकम बचाकर अनुशासित होना चाहते हैं, उनके लिए आरडी बढ़िया है. वैकेशन प्लान करने या गैजेट्स खरीदने जैसे छोटे लक्ष्यों के लिए यह बेहतरीन जरिया है.
SIP: लंबे समय के लक्ष्यों के लिए बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराए बिना लगातार बने रहना ही SIP का असली मंत्र है. शुरुआत में पोर्टफोलियो नीचे जा सकता है, लेकिन 10-15 साल में कम्पाउंडिंग का फायदा सबसे ज्यादा यहीं मिलता है.
एक्सपर्ट की सलाह: 50-50 का स्मार्ट फॉर्मूला
अगर आपने अभी-अभी कमाना शुरू किया है और आपके पास कोई इमरजेंसी फंड नहीं है, तो फाइनेंशियल एक्सपर्ट सबसे पहले इमर्जेंसी फंड बनाने पर जोर देते हैं. ऐसे में आप अपने 5,000 रूपये को दो हिस्सों में बांट लें:
- 2,000 रूपये को किसी सुरक्षित FD या लिक्विड फंड में डालें (ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत काम आए).
- 3,000 रूपये की इक्विटी SIP शुरू करें (ताकि लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएट हो सके).
Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी केवल वित्तीय साक्षरता और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है. म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. किसी भी योजना में निवेश करने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से परामर्श अवश्य लें.
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