रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Suzlon Energy के जून तिमाही के नतीजों के बाद शेयरों में दबाव देखने को मिला. बुधवार को कंपनी का शेयर करीब 1.5% गिरकर 47.27 रुपये पर बंद हुआ. पिछले दो कारोबारी सत्रों में यह शेयर करीब 10% टूट चुका है. हालांकि, शेयर में गिरावट के बावजूद कई ब्रोकरेज हाउस अब भी कंपनी के भविष्य को लेकर पॉजिटिव दिख रहे हैं.
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Q1 में कंपनी का प्रदर्शन
- आय सालाना आधार पर 22.3% बढ़कर 3,830 करोड़ रुपये पहुंच गयी
- नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 5.9% घटकर ₹305 करोड़ रुपये रह गया
- EBITDA 0.5% गिरकर 596 करोड़ रुपये पर आ गया
- EBITDA Margin 19.1% से घटकर 15.6% पर आ गया
- 506 मेगावॉट डिलीवरी हुई, जो सालाना आधार पर 14 फीसदी ज्यादा है.
- कमीशनिंग 269 मेगावॉट रही, जो 2.3 गुना बढ़ोतरी दिखाती है.
- कुल ऑर्डर बुक 6.1 गीगावॉट रही. सार्वजनिक क्षेत्र और कमर्शियल-इंडस्ट्रियल सेक्टर का हिस्सा 84 फीसदी रहा
सुजलॉन के CFO राहुल जैन ने कहा कि EBITDA और PAT मार्जिन मौजूदा हालात के हिसाब से रहे. उन्होंने कहा कि दुनिया के राजनीतिक तनाव की वजह से लॉजिस्टिक्स में अस्थायी दिक्कत आई. इसके साथ रणनीतिक निवेश और काम के दायरे तथा सेगमेंट मिक्स में बदलाव का असर भी मार्जिन पर पड़ा.
Motilal Oswal की सलाह
Motilal Oswal ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है, हालांकि टारगेट प्राइस पहले के मुकाबले घटाकर 65 रुपये कर दिया है. मौजूदा स्तर से यह करीब 35% की संभावित तेजी दिखाता है.ब्रोकरेज का कहना है कि तिमाही थोड़ी कमजोर रही, लेकिन कंपनी की ग्रोथ स्टोरी बरकरार है.
Motilal Oswal की 3 बातों पर नजर रखने की सलाह
- FY27 और FY28 में नए ऑर्डर और प्रोजेक्ट डिलीवरी की रफ्तार
- Wind Turbine Generator (WTG) का योगदान मार्जिन, जो घटकर 23.4% रह गया
- EBITDA मार्जिन, जो सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स की वजह से 15.5% रहा
Nuvama की राय
Nuvama ने शेयर पर Hold रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 51 रुपये दिया है. ब्रोकरेज का मानना है कि Suzlon को FDRE, RTC, Hybrid और PSU प्रोजेक्ट्स से फायदा मिलेगा. हालांकि, ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले 2-3 वर्षों में देश का विंड एनर्जी सेक्टर 8-10 GW के स्तर पर स्थिर रह सकता है. ऐसे में कंपनी की बड़ी ग्रोथ आगे के वर्षों में देखने को मिल सकती है.
JM Financial ने क्या कहा?
JM Financial ने सुजलॉन एनर्जी पर खरीद की राय बरकरार रखी है और 62 रुपये का लक्ष्य भाव दिया है. उसके हिसाब से इसमें करीब 29 फीसदी ऊपर की गुंजाइश है. ब्रोकरेज ने कहा कि डब्ल्यूटीजी डिलीवरी मजबूत रही और यह पहली तिमाही वित्त वर्ष 27 में 506 मेगावॉट रही, जो पहली तिमाही वित्त वर्ष 26 में 444 मेगावॉट थी. फिर भी एबिट्डा मार्जिन अनुमान से कमजोर रहा. ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि डिलीवरी इंस्टॉलेशन से आगे रही, इसलिए कमीशनिंग दबाव में दिखी. उसका मानना है कि वित्त वर्ष 28 के आखिर से कई ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट शुरू होने पर यह रुझान बेहतर हो सकता है.
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
Suzlon के तिमाही नतीजों में मुनाफा जरूर घटा है, लेकिन कंपनी की बिक्री, रिकॉर्ड डिलीवरी और मजबूत ऑर्डर बुक यह संकेत देती है कि कारोबार की गति बनी हुई है. यही वजह है कि ज्यादातर ब्रोकरेज लंबी अवधि में कंपनी को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं. हालांकि, निकट भविष्य में मार्जिन, नए ऑर्डर और प्रोजेक्ट्स की रफ्तार पर बाजार की नजर रहेगी.
डिस्क्लेमर: ये केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से बनाया गया है. इसमें दी गई राय, ब्रोकरेज रिपोर्ट और आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं. यह किसी भी शेयर में खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है. निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें.
Suzlon Energy Q1 Results: कमाई बढ़ी, लेकिन मुनाफा घटा, शेयर में 9% की गिरावट...अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?
https://www.newstak.in/business/story/suzlon-energy-q1-results-margin-share-fall-3275019-2026-07-28
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